IAS Success Story: यूपीएससी सीएसई परीक्षा काफी कठिन होती है. बहुत से डाउट और मुश्किलों के बाद भी वही कैंडिडेट्स सफल होते हैं जो अपना 100 परसेंट देते हैं. भोपाल की रहने वाली सृष्टि जयंत देशमुख (Srushti Jayant Deshmukh) ने भी कुछ ऐसा ही किया और UPSC 2018 की महिला टॉपर और AIR 5 रैंक लाकर इतिहास रच दिया. वो एक ऐसे साधारण और मीडिल क्लास फैमिली से आती हैं, जहां कोई सिविल सेवा में नहीं था. ऐसे में मुश्किलें तो कई आई लेकिन सृष्टि देशमुख ने हार नहीं मानी.
IAS Success Story: पिता इंजीनियर और बेटी बनी IAS
सृष्टि देशमुख मध्य प्रदेश के भोपाल की रहने वाली हैं. उनके पिता इंजीनियर हैं और मां स्कूल टीचर. सृष्टि की पढ़ाई भोपाल से हुई थी. उन्होंने स्कूल की पढ़ाई के बाद भोपाल से इंजीनियरिंग किया. केमिकल इंजीनियरिंग से बीटेक (Chemical Engineering BTech) करने के दौरान यूपीएससी में बैठने का मन बनाया. कोर्स के आखिरी के एक साल में तैयारी शुरू किया.
IAS Success Story: इंजीनियरिंग को छोड़ UPSC को क्यों चुना?
सृष्टि देशमुख ने बताया कि उनके परिवार में किसी ने यूपीएससी परीक्षा नहीं दी थी. ऐसे में जब उन्होंने UPSC परीक्षा देने का मन बनाया तो उनके मन में कई डाउट्स आए. लेकिन ये सारे डाउट्स तब क्लियर हो जाते थे जब मन में ये ख्याल आता था कि पढ़ाई के जरिए एक ऐसे पोजीशन पर पहुंचा जा सकता है, जहां से आप दूसरे की लाइफ भी बदल सकते हैं. सिविल सेवा एक ऐसा दरवाजा है जो मेरे लिया खुला तो मैं लोगों के लिए कुछ कर सकती हूं.
UPSC Syllabus: यूपीएससी का सिलेबस रटना जरूरी है
एक इंटरव्यू में आईएएस सृष्टि देशमुख (IAS Srushti Deshmukh) ने कहा था कि उन्होंने जब तैयारी शुरू की तो सबसे पहले UPSC का सिलेबस देखा. यूपीएससी अस्पिरेंट के लिए सिलेबस रटना बहुत जरूरी है. सृष्टि देशमुख ने बिना कोचिंग के यूपीएससी परीक्षा की तैयारी की. उन्होंने NCERT बुक्स से पढ़ाई की. खुद के दम पर पढ़ाई करके भी सृष्टि ने पहले अटेंप्ट में सक्सेस हासिल कर लिया.
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