IAS Success Story: वर्ष 2014 बैच की आईएएस साक्षी साहनी की कहानी किसी इंस्पिरेशन से कम नहीं. साक्षी अमृतसर की डिप्टी कमिश्नर (DC) के पद पर पोस्टेड हैं. उनकी गिनती ऐसे अफसरों में होती है, जो केवल देश सेवा का सपना नहीं देखती हैं बल्कि आम लोगों के लिए हर मुश्किल वक्त में हाजिर रहती हैं. अपने इसी देश प्रेम और सोशल वर्क की भावना के कारण लॉ की डिग्री लेने के बाद भी सिविल सेवा में आने का फैसला किया.
Sakshi Sawhney: पिता IRS और बेटी बनीं IAS
साक्षी साहनी (Sakshi Sawhney IAS) पंजाब की रहने वाली हैं. उनके पिता IRS अधिकारी रहे हैं और उनकी मां स्कूल प्रिसिंपल. उन्होंने हैदराबाद की फेमस NALSAR यूनिवर्सिटी ऑफ लॉ से उन्होंने डिग्री हासिल की है. वे अपने बैच की टॉपर रही हैं. उन्होंने पूरे 8 गोल्ड मेडल हासिल किया है.
IAS Success Story: लॉ के करियर को छोड़कर बनीं अफसर
भले ही साक्षी पढ़ने में अच्छी थीं. लेकिन उन्हें लगा कि देश सेवा के लिए वकालत के क्षेत्र से ज्यादा बेहतर सिविल सेवा होगा. यही कारण है कि कि उन्होंने वकील बनने के बदले यूपीएससी को चुना. उन्हें देश सेवा करनी थी. साक्षी ने यूपीएससी की सिविल सेवा परीक्षा 2013 में AIR 6वीं रैंक हासिल की थी.
बाढ़ में ग्राउंड पर उतरीं तो हुई देशभर में चर्चा
जब गांव-गांव में पानी घुस गया था. पंजाब के लोग परेशान थे तो साक्षी साहनी उनकी उम्मीद बनकर ग्राउंड पर उतरीं. उनकी कई तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हुई थी, जिसमें वे कभी रोते बिलखते महिलाओं को गले लगते नजर आ रही थीं तो कभी मदद करते दिखीं.
राहत सामग्री बांटना हो, डरे-सहमे लोगों को गले लगाकर ढाढ़स बंधाना हो या घुटनों तक पानी में रेनकोट पहनकर मदद करना, साक्षी हर हाल में लोगों के साथ खड़ी रहीं. वो शुरू से पढ़ाई में तेज थीं, लेकिन किताबों के साथ-साथ उनके दिल में समाज के लिए कुछ करने की गहरी भावना हमेशा से थी.
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