Gudelli Srujana AIR 55: सफलता की चमक सबको दिखती है, लेकिन उसके पीछे का संघर्ष अक्सर अंधेरे में रह जाता है. गुडेल्ली सृजना की कहानी भी कुछ ऐसी ही है. उन्होंने यूपीएससी 2025 में AIR 55 हासिल किया. उनकी इस सफलता से आज उनका परिवार और पूरे क्षेत्र के लोग गर्व महसूस कर रहे हैं. आइए गुडेल्ली सृजना (Gudelli Srujana AIR 55) की जर्नी को करीब से जानते हैं.
Gudelli Srujana AIR 55: कहां की रहने वाली है गुडेल्ली सृजना?
गुडेल्ली तेलंगाना के पेद्दापल्ली जिले की रहने वाली है. सृजना के पिता सिंगरेनी कोलरीज कंपनी लिमिटेड में एक साधारण मजदूर के तौर पर काम करते हैं. घर की आर्थिक स्थिति बहुत मजबूत नहीं थी, लेकिन उनके पिता ने कभी सृजना के सपनों के बीच पैसों को नहीं आने दिया. सृजना बचपन से ही पढ़ाई में काफी तेज रही हैं.
इंजीनियरिंग से सिविल सर्विसेज तक का शुरुआती कदम
सृजना ने अपनी शुरुआती पढ़ाई वाणी सेकेंडरी स्कूल से की और फिर 2018 में JNTU मंथनी से कंप्यूटर साइंस में इंजीनियरिंग की डिग्री पूरी की. कॉलेज खत्म होते ही उन्होंने UPSC जैसी कठिन परीक्षा देने का मन बना लिया और तैयारी में जुट गईं.
5 साल तक मिली लगातार असफलता
सृजना के लिए UPSC का सफर आसान नहीं रहा. 2018 से लेकर 2023 तक वह एक बार भी प्रीलिम्स (Prelims) परीक्षा पास नहीं कर पाईं. कई लोग ऐसी स्थिति में पढ़ाई छोड़ देते हैं या निराश हो जाते हैं, लेकिन सृजना ने हार नहीं मानी. वह प्रीलिम्स फेल होने के बावजूद हर साल मेन्स (Mains) की तैयारी करती रहीं. उनका मानना था कि जिस दिन भी उन्हें मेन्स लिखने का मौका मिलेगा, उस दिन उनकी तैयारी इतनी पक्की होनी चाहिए कि वह एक ही बार में टॉप कर सकें. सृजना की इन्हीं लगातार कोशिशों ने उन्हें और मजबूत बना दिया था.
10 नंबरों से रह गया था UPSC
2023 के फाइनल रिजल्ट में सृजना सिर्फ 10 नंबरों से लिस्ट में आने से चूक गईं. उन्हें इंटरव्यू में सिर्फ 120 नंबर मिले थे. यह उनके लिए बहुत बड़ा झटका था. लेकिन सृजना ने हार मानी और अपनी तैयारी जारी रखी. इसी बीच उन्होंने तेलंगाना ग्रुप-1 में 35वीं रैंक हासिल की और डीएसपी (DSP) के पद पर तैनात हो गईं. फिलहाल डीएसपी (DSP) पोस्ट के लिए उनकी ट्रेनिंग चल रही है.
हॉस्पिटल में रहकर की थी तैयारी
साल 2024 उनके लिए (Gudelli Srujana AIR 55) सबसे बड़ी परीक्षा लेकर आया. प्रीलिम्स से कुछ महीने पहले वह एक गंभीर इन्फेक्शन की चपेट में आ गईं. वह महीनों तक हॉस्पिटल में भर्ती रहीं. परीक्षा के लिए उनके पास सिर्फ 20-25 दिन बचे थे. सृजना ने हॉस्पिटल में रहकर ही तैयारी की. उन्होंने न सिर्फ UPSC प्रीलिम्स निकाला बल्कि तेलंगाना ग्रुप-1 और फॉरेस्ट सर्विस की मेन्स परीक्षाएं भी एक के बाद एक क्लियर कर लीं.
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