Deeksha Chourasiya AIR 44: यूपीएससी (UPSC) एग्जाम को देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक माना जाता है. हर साल लाखों छात्र इसमें बैठते हैं, लेकिन सफलता उन्हीं को मिलती है जो हार नहीं मानते. ऐसी ही एक कहानी है इंदौर की दीक्षा चौरसिया की, जिन्होंने यूपीएससी 2025 की परीक्षा में ऑल इंडिया रैंक 44 हासिल की है. दीक्षा की यह सफलता कोई रातों-रात नहीं मिली, बल्कि इसके पीछे चार साल की कड़ी मेहनत और अटूट अनुशासन है. आइए दीक्षा (Deeksha Chourasiya AIR 44) की जर्नी को करीब से जानते हैं.
Deeksha Chourasiya AIR 44: कौन है दीक्षा चौरसिया?
मध्य प्रदेश के इंदौर में पली-बढ़ी दीक्षा एक ऐसे परिवार से आती हैं जहां पढ़ाई को हमेशा महत्व दिया गया है. उनके पिता एक चार्टर्ड अकाउंटेंट हैं और मां एक होम्योपैथिक डॉक्टर हैं. दीक्षा हमेशा से पढ़ाई में काफी तेज रही है. दीक्षा की शुरुआती पढ़ाई इंदौर के डीपीएस स्कूल से हुई. लगातार सात साल तक दिल्ली पब्लिक स्कूल (DPS) इंदौर से ऑल-अराउंड परफॉरमेंस के लिए गोल्ड मेडलिस्ट भी रही है. बाद में उन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी के फेमस मिरांडा हाउस कॉलेज से हिस्ट्री में ग्रेजुएशन किया.
चार कोशिशें और लगातार सुधार का सफर
दीक्षा को यूपीएससी की यह सफलता अपने चौथे प्रयास में मिली है. इससे पहले वह तीन बार असफल रहीं, लेकिन उन्होंने कभी हिम्मत नहीं हारी. यह उनका दूसरा मेन्स एग्जाम था. दीक्षा का मानना है कि यूपीएससी का सिलेबस बहुत बड़ा है, इसलिए वह इसे छोटे-छोटे हिस्सों में बांट लेती थीं. वह अपने दिन, हफ्ते और महीने का टारगेट पहले से तय कर लेती थी.
मां का अधूरा सपना बना दीक्षा का लक्ष्य
दीक्षा की मां खुद कभी सिविल सेवा में जाना चाहती थीं, लेकिन किसी कारणवश उनका यह सपना पूरा नहीं हो पाया. दीक्षा बताती हैं कि उनकी मां ही उनकी इस जर्नी में असली प्रेरणा रही हैं. उन्हीं के सपने को दीक्षा ने अपना लक्ष्य बनाया.
दीक्षा को UPSC में कितने मार्क्स मिले?
दीक्षा चौरसिया (AIR 44) को यूपीएससी 2025 के एग्जाम में कुल 1014 मार्क्स मिले हैं. इसमें रिटन एग्जाम में 816 मार्क्स और इंटरव्यू राउंड में 198 मार्क्स मिले हैं.
यह भी पढ़ें: दिन में डॉक्टर की ड्यूटी, रात में UPSC की तैयारी, श्रीलक्ष्मी को AIR 133
