करजापट्टी गांव की अफसर बिटिया, श्रुति ने ChatGPT, YouTube और सेल्फ स्टडी से क्रैक किया BPSC

BPSC Success Story Shruti Jha: श्रुति झा ने BPSC 70वीं संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा अपने पहले ही प्रयास में पास कर रैंक 1011 हासिल की है. उनका चयन रेवेन्यू ऑफिसर के पद पर हुआ है. श्रुति ने BPSC क्रैक करने से पहले कई उतार चढ़ाव देखे हैं. आइए उनकी जर्नी करीब से जानते हैं.

BPSC Success Story Shruti Jha: बिहार में 70वीं संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा का रिजल्ट आते ही राज्य के कोने-कोने से सफलता की कहानियां बाहर आने लगीं. इन्हीं कहानियों में एक नाम बिहार के दरभंगा जिले के करजापट्टी गांव की रहने वाली श्रुति झा का भी है. श्रुति ने वो कर दिखाया जो बहुत कम लोग ही पहली कोशिश में कर पाते हैं. BPSC की 70वीं परीक्षा में रैंक 1011 लाकर उन्होंने रेवेन्यू ऑफिसर का पद हासिल किया है, वो भी पहले ही प्रयास में.

BPSC Success Story Shruti Jha: कौन हैं श्रुति झा?

श्रुति झा की स्कूलिंग पटना के कृष्णा निकेतन से हुई और उसके बाद उन्होंने ISM पटना से BCA की डिग्री ली, जो 2024 में पूरी हुई. पिता रंजीत कुमार झा रेलवे में टेक्नीशियन के पद पर हैं और उनका सपना था कि बेटी डॉक्टर बने. लेकिन श्रुति के इरादे कुछ और थे. उनका पूरा फोकस सिविल सर्विसेज पर था, और उन्होंने अपने हिसाब से रास्ता चुना.

आर्मी की तैयारी में मिली ठोकरें

कॉलेज के लास्ट ईयर में श्रुति ने डिफेंस सर्विसेज की तरफ रुख किया. CDS और AFCAT दोनों एग्जाम पहले ही चांस में पास कर लिए और SSB इंटरव्यू तक भी पहुंच गईं. लेकिन वहां बार-बार कॉन्फ्रेंस आउट का सामना करना पड़ा. ये फेज इमोशनली काफी टफ था, फिर भी उन्होंने इन झटकों को अपनी पहचान नहीं बनने दिया. उल्टा, उस दर्द को उन्होंने BPSC की तैयारी में लगा दिया.


कोचिंग का सहारा नहीं लिया

यहां एक और दिलचस्प पहलू है, श्रुति ने कभी किसी कोचिंग इंस्टीट्यूट में एडमिशन नहीं लिया. कोचिंग का स्टडी मैटेरियल जरूर काम आया, लेकिन असली भरोसा रहा स्टैंडर्ड बुक्स, पुराने पेपर्स और यूट्यूब वीडियोज पर. सेल्फ स्टडी के दम पर, बिना किसी क्लासरूम कोचिंग के, उन्होंने ये एग्जाम क्रैक कर दिया.

ChatGPT से भी ली मदद

श्रुति बताती हैं कि तैयारी के दौरान उन्होंने ChatGPT जैसे AI टूल्स का भी इस्तेमाल किया. सिलेबस में मुश्किल कॉन्सेप्ट समझने के लिए, आंसर राइटिंग बेहतर करने के लिए, प्रैक्टिस क्वेश्चन्स बनाने के लिए और डाउट्स सुलझाने के लिए उन्होंने ChatGPT से हेल्प ली.

श्रुति इस कामयाबी का श्रेय अपने परिवार को देना नहीं भूलतीं. मां गुड्डू झा घर संभालती थीं ताकि बेटी को किसी भी घरेलू काम की टेंशन न लेनी पड़े. पापा हर मोड़ पर हौसला बढ़ाते रहे. और भाई का भरोसा तो उस वक्त भी नहीं डगमगाया जब श्रुति खुद अपने ऊपर शक करने लगी थीं.

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लेखक के बारे में

रवि मल्लिक पिछले 7 सालों से डिजिटल पत्रकारिता से जुड़े हैं. स्कूली शिक्षा से लेकर नौकरी तक की खबरों पर काम करना पसंद है. युवाओं को बेहतर करियर ऑप्शन, करंट अफेयर्स और नई वैकेंसी के बारे में बताना अच्छा लगता है. बोर्ड परीक्षा हो या UPSC, JEE और NEET एग्जाम टॉपर्स से बात करना और उनकी स्ट्रेटजी के बारे में जानना पसंद है. युवाओं को प्रेरित करने के लिए उनके बीच के मुद्दों को उठाना और सही व सटीक जानकारी देना ही उनकी प्राथमिकता है.

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