BPSC Success Story: बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की 70वीं संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा में सीवान जिले की बेटी आस्था सिंह (Aastha Singh) ने शानदार सफलता हासिल की है. उन्होंने न सिर्फ अपने परिवार का नाम रोशन किया है बल्कि पूरे जिले का मान बढ़ाया है. आस्था RDO यानी कि ग्रामीण विकास पदाधिकारी (RDO) के पद पर चुनी गई हैं.
दिल्ली के फेसम गार्गी कॉलेज से की है पढ़ाई
आस्था सीवान जिले के संठी गांव की रहने वाली हैं. उनके पिता सुनील कुमार सिंह और मां माला देवी हैं. BPSC में सफलता के बाद पूरे गांव और जिले में खुशी का माहौल है. उनकी शुरुआती पढ़ाई बिहार से हुई है. हायर एजुकेशन के लिए उन्होंने दिल्ली का रुख किया. उन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी के फेमस गार्गी कॉलेज से ग्रेजुएशन और जामिया मिल्लिया इस्लामिया से पॉलिटिकल साइंस में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है.
नौकरी के साथ-साथ की तैयारी
पढ़ाई के बाद उन्होंने सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी शुरू की. मेहनत के दम पर उन्होंने BPSC में 1419वीं रैंक के साथ सफलता हासिल कर ली. आस्था सिंह वर्तमान में दिल्ली के एक स्कूल में 10वीं कक्षा के छात्रों को पॉलिटिकल साइंस पढ़ाती हैं. नौकरी के साथ तैयारी करना आसान नहीं था, लेकिन सही टाइम मैनेजमेंट से आस्था ने इसे आसान बनाया.
मॉक इंटरव्यू में डांस पर पूछा गया सवाल
BPSC इंटरव्यू की तैयारी के दौरान आस्था ने कई मॉक इंटरव्य दिए. उनसे उनकी हॉबीज के बारे में पूछा गया. आस्था ने बताया कि उन्हें सेमी क्लासिकल डांस, छठ गीत और नॉन-फिक्शन किताबें पढ़ना बेहद पसंद है. एक सदस्य ने आस्था से पूछा कि डांस में वे किनसे इंस्पायर हैं, जिस पर आस्था ने रुक्मिणी देवी अरुंडेल (Rukmini Devi Arundale) और बिरजू महाराज (Birju Maharaj) का नाम लिया था. बता दें, रुक्मिणी देवी एक फेमस क्लासिकल डांसर और कोरियोग्राफर थीं, जिन्होंने भरतनाट्यम को विलुप्त होने से बचाने और इस दुनिया भर में पहचाने दिलाने में बड़ी भूमिका निभाई है. वहीं, बिरजू महराज प्रसिद्ध कथक डांसर थे.
पढ़ाई के साथ शौक को भी दिया समय
आस्था का मानना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के दौरान केवल पढ़ाई ही नहीं, बल्कि अपने पसंदीदा शौक के लिए भी समय निकालना चाहिए. इससे मानसिक तनाव कम होता है और तैयारी बेहतर होती है. वे जॉब और तैयारी के बाद बचे समय में किताबें पढ़ती थीं.
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