फीकी पड़ रही है Vocational Course की चमक, 70 से घटकर रह गए सिर्फ 23 कोर्स

Patna University Vocational Course: पटना विश्वविद्यालय में घट रही है वोकेशनल कोर्स में छात्रों की रूचि, जिसका मुख्य कारण प्लेसमेंट को बताया जा रहा है. छात्रों का कहना है कि न प्लेसमेंट है, न कॉलेज में सुविधाएं. लेकिन फीस रेगुलर कोर्स की तुलना में बहुत ज्यादा है. हालांकि, यूनिवर्सिटी का कहना है कि प्लेसमेंट की स्थिति में आने वाले वर्षों में सुधार किया जाएगा.

Patna University Vocational Course: पटना विश्वविद्यालयों में वोकेशनल कोर्स की लोकप्रियता लगातार घट रही है. ऐसा माना जाता है कि वोकेशनल कोर्स करने से नौकरी मिलने के मौके बढ़ जाते हैं. लेकिन छात्रों की रूचि तेजी से कम हो रही है. इसका सबसे बड़ा कारण है प्लेसमेंट के अवसरों की कमी. छात्रों का कहना है कि जिस स्तर की लैब, ट्रेनिंग और प्रैक्टिकल सुविधाएं आज की इंडस्ट्री की जरूरतों के हिसाब से होनी चाहिएं, वे विश्वविद्यालय में उपलब्ध नहीं हैं.

Patna University Vocational Course: कम पैकेज पर मिली नौकरी से निराश हैं छात्र 

पिछले दो वर्षों के आंकड़े भी यही स्थिति दिखाते हैं. इस अवधि में केवल 67 विद्यार्थियों को ही कैंपस प्लेसमेंट मिल पाया है. इनमें भी अधिकतर छात्रों को 1.12 लाख से 3.15 लाख रुपये सालाना के पैकेज पर नौकरी मिली है, जो उनके अपेक्षाओं से काफी कम है.

Patna University Vocational Course: घटी वोकेशनल कोर्स की संख्या 

वर्ष 2012 में पटना विश्वविद्यालय (Patna University) की ओर से 70 से अधिक वोकेशनल कोर्स चलाए जाते थे, लेकिन अब स्नातक और स्नातकोत्तर स्तर पर मात्र 23 कोर्स ही बच गए हैं. स्थिति इतनी गंभीर है कि पिछले वर्ष तीन कोर्सों में छात्रों की संख्या बेहद कम होने पर उन्हें शून्य सत्र घोषित कर देना पड़ा. इस साल भी सीटों के मुकाबले आवेदन फॉर्म बहुत कम आए हैं.

Patna University Vocational Course: वोकेशनल कोर्स की फीस अधिक है 

छात्रों का यह भी कहना है कि रेगुलर कोर्स की तुलना में वोकेशनल कोर्स की फीस कहीं ज्यादा है, लेकिन सुविधाएं न के बराबर हैं. महंगी पढ़ाई के बावजूद न तो बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध है और न ही रोजगार की गारंटी. यही वजह है कि विद्यार्थी अब इन कोर्सों से दूरी बनाने लगे हैं.

Patna University Vocational Course: आने वाले वर्षों में बेहतर होगी स्थिति

वोकेशनल कोर्स के चीफ कोऑर्डिनेटर प्रो वीरेंद्र प्रसाद का कहना है कि कुछ वोकेशनल कोर्स में विद्यार्थियों की संख्या कम होने की वजह से जीरो सेशन लागू किया गया है. कैंपस प्लेसमेंट के लिए विद्यार्थियों की डिटेल डिजटलाइज की जा रही है. इसके साथ ही विभिन्न कंपनियों के साथ भी संपर्क किया जा रहा है. आने वाले वर्षों में वोकेशनल कोर्स के विद्यार्थियों की प्लेसमेंट की स्थिति बेहतर करने का प्रयास है.

Patna University Vocational Course: पटना यूनिवर्सिटी में इन वोकेशनल कोर्सेज की हो रही पढ़ाई 

  • एमएससी, इंवायरमेंटल साइंस एंड मैनेजमेंट
  • मास्टर इन कंप्यूटर एप्लिकेशन (एमसीए)
  • मास्टर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन (एमबीए)
  • एमएससी (बायोकेमिस्ट्री)
  • एमएससी (बायोटेक्नोलॉजी)
  • मास्टर इन जनर्नालिज्म एंड मास कॉम
  • मास्टर ऑफ म्यूजिक
  • मास्टर इन रुरल स्टडीज (आरएम एंड डी)
  • पीजी डिप्लोमा इन इंडस्ट्रियल सेफ्टी मैनेजमेट
  • मास्टर इन सोशल वर्क (एमएसडब्ल्यू)
  • पीजी डिप्लोमा इन वीमेस स्टडीज
  • मास्टर ऑफ वीमेस स्टडीज
  • मास्टर इन लाइब्रेरी एड इंफॉर्मेशन साइंस
  • पीजी डिप्लोमा इन योगिक साइंस
  • पीजी डिप्लोमा इन ह्यूमन रिसोर्स एंड डेवलप्मेंट
  • यूजी सेल्फ फाइनेस, वोकेशनल कोर्स
  • बैचलर इन बायोटेक्नोलॉजी बैचलर इन बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन
  • बैचलर इन इंयायरमेंटल साइंस
  • बैचलर इन फंक्शनल इंग्लिश
  • बैचलर इन मास कॉন
  • बैचलर इन सोशल वर्क
  • बैचलर ऑफ कप्यूटर एप्लिकेशन
  • बैचलर इन लाइबेरी पड
  • इंफॉर्मेशन साइंस

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लेखक के बारे में

शाम्भवी शिवानी डिजिटल मीडिया में पिछले 3 सालों से सक्रिय हैं और वर्तमान में प्रभात खबर की डिजिटल टीम के साथ एजुकेशन बीट पर काम कर रही हैं. शिक्षा और रोजगार से जुड़ी खबरों की समझ रखने वाली शाम्भवी एग्जाम, सरकारी नौकरी, रिजल्ट, करियर, एडमिशन और सक्सेस स्टोरी जैसे विषयों पर रिपोर्टिंग और फीचर राइटिंग करती हैं. सरल भाषा और जानकारी को व्यवस्थित तरीके से प्रस्तुत करना उनकी लेखन शैली की खासियत है. डिजिटल मीडिया में अपने करियर के दौरान शाम्भवी ने न्यूज़ हाट और राजस्थान पत्रिका जैसी संस्थाओं के साथ काम किया है. यहां उन्होंने एजुकेशन, युवा मुद्दों और ट्रेंडिंग विषयों पर कंटेंट तैयार किया. वर्तमान में प्रभात खबर के साथ जुड़कर वे खास तौर पर बोर्ड परीक्षा, प्रतियोगी परीक्षा, सरकारी नौकरी, करियर ऑप्शंस और प्रेरणादायक सक्सेस स्टोरीज पर काम कर रही हैं. शाम्भवी की रुचि सिर्फ पत्रकारिता तक सीमित नहीं है. उन्हें सिनेमा और साहित्य में भी गहरी दिलचस्पी है, जिसका असर उनकी लेखन शैली में भी देखने को मिलता है. वे तथ्यों के साथ भावनात्मक जुड़ाव और मानवीय पहलुओं को भी अपनी स्टोरीज में जगह देने की कोशिश करती हैं. पटना में जन्मीं शाम्भवी ने Patna University से मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन किया है. इसके बाद Indira Gandhi National Open University (IGNOU) से पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की. पत्रकारिता और जनसंचार की पढ़ाई ने उन्हें न्यूज राइटिंग, डिजिटल कंटेंट और ऑडियंस बिहेवियर की बेहतर समझ दी है. डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लगातार बदलते ट्रेंड्स और रीडर्स की जरूरतों को समझते हुए शाम्भवी SEO-फ्रेंडली, इंफॉर्मेटिव और एंगेजिंग कंटेंट तैयार करने पर फोकस करती हैं. उनकी कोशिश रहती है कि पाठकों तक सही, उपयोगी और आसान भाषा में जानकारी पहुंचाई जा सके.

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