Oracle Layoffs 2026: सुबह के 6 बजे थे. दुनिया के एक कोने में एक कर्मचारी की नींद मोबाइल की बीप से खुली. मेल का सब्जेक्ट पढ़ा और नींद हमेशा के लिए उड़ गई. लिखा था "आज ही आपका आखिरी वर्किंग डे है." यह कोई फिल्मी सीन नहीं, Oracle के हजारों कर्मचारियों की असली सुबह थी.
दुनिया की सबसे बड़ी टेक कंपनियों में शुमार Oracle ने बीते एक साल में इतनी बड़ी छंटनी की है कि पूरी इंडस्ट्री हिल गई और अब खबर है कि यह सिलसिला अभी खत्म नहीं हुआ है. इस छंटनी का असर सिर्फ पुराने कर्मचारियों तक सीमित नहीं रहा. भारत में कैंपस प्लेसमेंट के जरिए Oracle से नौकरी का ऑफर पाने वाले कई छात्रों को भी झटका लगा.
Oracle की वर्कफोर्स में बदलाव
| आंकड़ा | जानकारी |
| कुल वर्कफोर्स में कमी | करीब 21,000 |
| पहले की वर्कफोर्स | करीब 1.62 लाख |
| बाद की वर्कफोर्स | करीब 1.41 लाख |
| अनुमानित अतिरिक्त कटौती | 7,000–10,000 |
| भारत में संभावित असर | करीब 3,000 तक |
| क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर ग्रोथ | करीब 77% सालाना |
Reuters की रिपोर्ट के मुताबिक, Oracle ने FY2026 में कर्मचारियों की संख्या में करीब 13 फीसदी की कमी दर्ज की. कंपनी ने इस दौरान रीस्ट्रक्चरिंग से जुड़े सेवरेंस और दूसरे खर्चों पर करीब 1.84 अरब डॉलर खर्च किए.
Reddit पर छलका कर्मचारियों का दर्द
कर्मचारियों को न पहले से कोई इशारा मिला, न मैनेजर से बातचीत हुई. सीधे मेल आया, और मिनटों के भीतर सिस्टम एक्सेस भी बंद कर दिया गया. Reddit के r/employeesOfOracle और Blind जैसे प्लेटफॉर्म्स पर सैकड़ों कर्मचारियों ने अपना दर्द शेयर किया- किसी को पता ही नहीं चला कि कब उनकी टीम, उनका डेस्क, उनका पूरा करियर एक ईमेल में सिमट गया.
छंटनी की आंच कैंपस प्लेसमेंट तक पहुंची
Oracle में कर्मचारियों की संख्या कम होने के बाद भारत के इंजीनियरिंग कॉलेजों में कैंपस प्लेसमेंट पर भी इसका असर दिखाई दिया. Oracle ने कई IIT और NIT में छात्रों को दिए गए फुल-टाइम जॉब ऑफर और कुछ इंटर्नशिप और प्री-प्लेसमेंट ऑफर वापस ले लिए.
IIT Delhi, IIT Kanpur, IIT Kharagpur, IIT Guwahati, IIT Madras, IIT BHU, IIT Hyderabad, IIT Roorkee, NIT Trichy और NIT Warangal समेत कई संस्थानों के छात्रों के ऑफर प्रभावित होने की बात सामने आई.
NIT जमशेदपुर के स्टूडेंट के हाथ से गई नौकरी
NIT जमशेदपुर के एक स्टूडेंट ने प्रभात खबर से खास बातचीत में बताया कि उन्हें Oracle में Associate Consultant के पद पर नौकरी मिली थी. उसने 8 सेमेस्टर की पढ़ाई पूरी की थी और उसका CGPA 8.01 था.
नौकरी मिलने के बाद उसने अपनी खुशी सोशल मीडिया पर जाहिर करते हुए लिखा था - "Life is Set." जॉब मार्केट में हायरिंग फायरिंग की इस उठा-पटक को दखते हुए स्टूडेंट ने अपनी पहचान को पब्लिक करने से मना कर दिया है.
जॉइनिंग को लेकर तैयारियां भी शुरू हो चुकी थीं. फ्लाइट टिकट बुक हो चुकी थी और लैपटॉप पिकअप से जुड़ी जानकारी भी मिल गई थी. लेकिन बाद में उसे बताया गया कि Oracle ने उसका ऑफर रद्द कर दिया है.
सिंगल ऑफर पॉलिसी की मार
छात्र के लिए मुश्किल यह भी थी कि कैंपस प्लेसमेंट में सिंगल-ऑफर पॉलिसी के कारण उसने दूसरे अवसरों के लिए आवेदन नहीं किया था. यानी नौकरी का ऑफर मिलने के बाद जिस छात्र ने खुद को सुरक्षित समझा था, उसे जॉइनिंग से पहले ही दोबारा नौकरी की तलाश शुरू करनी पड़ी.
कुछ छात्रों को ऑफर कैंसिल होने की जानकारी ऐसे समय में मिली जब प्लेसमेंट सीजन लगभग खत्म हो चुका था. कई संस्थानों में लागू "one student, one job" जैसी नीतियों की वजह से छात्रों के लिए दूसरी कंपनी तलाशना और मुश्किल हो गया.
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कई कैंपस ऑफर हुए रद्द
NIT जमशेदपुर का मामला अकेला नहीं था. Oracle की तरफ से IIT और NIT समेत कई प्रमुख इंजीनियरिंग संस्थानों के छात्रों के ऑफर वापस लिए जाने की खबर सामने आई.
यही वजह है कि 23 IIT में इंटर्नशिप और प्लेसमेंट प्रक्रिया के बीच तालमेल बनाने वाली All IIT Placement Committee (AIPC) ने कथित तौर पर Oracle समेत 10 से ज्यादा कंपनियों को नोटिस भेजा था. रिपोर्ट्स के मुताबिक, कई कंपनियों ने कैंपस प्लेसमेंट के दौरान छात्रों को नौकरी के ऑफर दिए थे, लेकिन बाद में इन ऑफर्स को वापस ले लिया.
आखिर Oracle में इतनी बड़ी छंटनी क्यों हुई?
Oracle के मामले में सिर्फ कॉस्ट कटिंग को वजह मानना पूरी तस्वीर नहीं बताता. हालांकि, जब स्टूडेंट से पूछा गया कि ऑफर कैंसल होने का कारण क्या है तो उन्होंने बताया कि कंपनी तेजी से AI और Cloud Infrastructure में निवेश कर रही है.
Oracle की FY2026 रिपोर्ट के मुताबिक, उसका कुल क्लाउड रेवेन्यू 39 फीसदी बढ़ा, जबकि Cloud Infrastructure यानी IaaS रेवेन्यू में करीब 77 फीसदी की वृद्धि हुई और यह 18.1 अरब डॉलर तक पहुंच गया.
इसका मतलब यह है कि Oracle एक तरफ तेजी से बढ़ते AI और Cloud कारोबार में पैसा लगा रही है, वहीं दूसरी तरफ अपने कुछ पारंपरिक या कम जरूरी माने जा रहे रोल्स में कर्मचारियों की संख्या घटा रही है.
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टॉप प्लेसमेंट देने वाली कंपनी
Oracle की कहानी का दूसरा पक्ष भी है. कंपनी का कारोबार खत्म नहीं हो रहा है, बल्कि Cloud और AI से जुड़े बिजनेस में तेजी देखने को मिल रही है. जून 2026 में जारी कंपनी के FY2026 नतीजों के मुताबिक, Oracle का कुल सालाना रेवेन्यू 67.4 अरब डॉलर रहा, जो एक साल पहले की तुलना में 17 फीसदी ज्यादा है. कुल Cloud Revenue 39 फीसदी बढ़कर 34 अरब डॉलर पहुंचा.
IIT कानपुर में इस साल Oracle India से प्लेसमेंट हुआ है. यहां के एक स्टूडेंट आदित्यमलन पांडा को प्लेसमेंट मिला है. आदित्यमलन पांडा ने IIT कानपुर से BTech केमिकल इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की है.
IIT-NIT के छात्रों के लिए Oracle क्यों आकर्षक रही?
- Oracle लंबे समय से भारत के इंजीनियरिंग टैलेंट पूल में महत्वपूर्ण भर्ती करने वाली कंपनियों में रही है.
- कंपनी ने IIT और NIT जैसे देश के प्रमुख इंजीनियरिंग संस्थानों में कैंपस हायरिंग की है.
- 2026 में ऑफर वापस लिए जाने की खबरों में भी IIT Delhi, IIT Kanpur, IIT Kharagpur, IIT Madras, IIT Hyderabad, IIT Roorkee और कई NIT का नाम सामने आया.
- Oracle जैसी कंपनी का कैंपस ऑफर इसलिए भी आकर्षक होता है क्योंकि यहां Software, Cloud, Database, Consulting और अब AI से जुड़े कामों में करियर बनाने का मौका मिल सकता है.
Oracle में सीनियर सॉफ्टवेयर इंजीनियर के लिए योग्यता
| कैटेगरी | योग्यता / स्किल्स |
| प्रोग्रामिंग | Java, Python या किसी अन्य Object-Oriented Programming Language में मजबूत कोडिंग |
| CS फंडामेंटल्स | Data Structures, Algorithms, Operating Systems, Networking और Distributed Systems की अच्छी समझ |
| क्लाउड टेक्नोलॉजी | OCI, AWS, Azure या Google Cloud जैसे क्लाउड प्लेटफॉर्म पर एप्लिकेशन बनाने का अनुभव |
| इंजीनियरिंग प्रैक्टिस | Git, Automated Testing, Code Review और CI/CD की जानकारी |
| सिस्टम डिजाइन | सिस्टम की Scalability, Reliability, Security और Maintainability की समझ |
| डिबगिंग | Logs, Metrics और Traces की मदद से समस्याओं को पहचानने और Debug करने की क्षमता |
| कम्युनिकेशन | अच्छी Written और Verbal Communication Skills |
| लर्निंग माइंडसेट | हाथों-हाथ नई चीजें सीखने और भरोसेमंद परिणाम देने की क्षमता |
| एनालिटिकल स्किल्स | मजबूत Analytical और Troubleshooting Ability |
| टीमवर्क | अलग-अलग देशों में स्थित टीमों के साथ मिलकर काम करने की क्षमता |
| सिस्टम मैनेजमेंट | Critical Systems में Speed, Quality और Safety के बीच संतुलन बनाने की क्षमता |
| कोडिंग क्वालिटी | साफ Documentation और Clean Code लिखने की आदत |
Oracle की वेबसाइट पर सीनियर सॉफ्टवेयर इंजीनियर की हायरिंग के लिए पोस्ट शेयर किया गया है. इस पोस्ट में Eligibility के लिए कई प्वाइंटर्स बताए गए हैं. इसमें AI Skills की डिटेल्स नीचे देख सकते हैं-
AI Skills की डिमांड
| जरूरी स्किल्स | अनुभव / जानकारी |
| AI Engineering | AI-Based Applications या Intelligent Agents बनाने का अनुभव |
| Generative AI | RAG, Tool Calling, MCP और Vector Database जैसी AI Engineering Concepts की जानकारी |
| Python | Automation, AI या Backend Development में Python का अनुभव |
| Cloud-Native Technologies | Kubernetes, Docker और Terraform की जानकारी |
| Developer Tools | Developer Tools या Internal Platforms बनाने का अनुभव |
| Observability | Logging, Tracing और Monitoring का अनुभव |
| Domain Experience | Healthcare, Security या बड़े Enterprise Systems पर काम करने का अनुभव |
Oracle के मौजूदा फोकस
- Artificial Intelligence
- Cloud Infrastructure
- Data Centers Enterprise
- Software Database
- Technology Cloud Applications
इसी बदलाव के कारण भविष्य में कंपनी को कुछ नई तरह की स्किल वाले कर्मचारियों की जरूरत ज्यादा हो सकती है.
अन्य कंपनियों में भी Layoff
India Today की रिपोर्ट के अनुसार, टेक इंडस्ट्री में छंटनी का यह सिलसिला सिर्फ Oracle तक सीमित नहीं है. हाल के महीनों में कई बड़ी कंपनियों ने कर्मचारियों की संख्या घटाई है. Oracle ने दुनियाभर में करीब 21,000 कर्मचारियों को हटाया है, जबकि Uber ने हाल ही में करीब 3,300 कर्मचारियों की छंटनी की है.
Microsoft में करीब 25 फीसदी कर्मचारियों को Performance Improvement Plan (PIP) के दायरे में लाए जाने की बात सामने आई है. वहीं PayPal ने भी अपने वर्कफोर्स से करीब 4,700 कर्मचारियों को हटाने की योजना बनाई है.
छात्रों के लिए खास सलाह
Oracle के ऑफर वापस लेने की घटना ने कैंपस प्लेसमेंट को लेकर छात्रों की चिंता बढ़ा दी है. सिर्फ एक ऑफर पर पूरी तरह निर्भर रहना जोखिम भरा हो सकता है. जॉइनिंग तक कंपनी की भर्ती और बिजनेस स्थिति पर नजर रखना जरूरी है.
AI और Cloud जैसी स्किल्स पर लगातार काम करना फायदेमंद हो सकता है. कैंपस प्लेसमेंट के साथ ऑफ-कैंपस अवसरों की जानकारी भी रखनी चाहिए. ऑफर लेटर की शर्तों और जॉइनिंग से जुड़ी जानकारी को ध्यान से पढ़ना चाहिए.
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