Sugar Bowl of the World: दुनिया में कुछ देशों को उनकी खास फसलों के कारण अलग नाम दिए जाते हैं. Sugar Bowl of the World भी ऐसा ही एक नाम है. यह उस देश के लिए कहा जाता है जहां बहुत ज्यादा गन्ना उगाया जाता था. बड़ी मात्रा में चीनी बनाई और दूसरे देशों को भेजी जाती थी. अच्छा मौसम, उपजाऊ जमीन और समुद्र के रास्ते ट्रेड की सुविधा के कारण यह देश लंबे समय तक चीनी प्रोडक्शन के लिए बहुत फेमस रहा है. इसी वजह से उसे दुनिया की चीनी की कटोरी कहा जाने लगा. आइए जानते हैं कि किस देश को Sugar Bowl of the World कहा जाता है.
किस देश को Sugar Bowl of the World कहा जाता है?
क्यूबा को Sugar Bowl of the World कहा जाता है. क्यूबा एक कैरेबियाई द्वीप देश है, जो लंबे समय तक विश्व में गन्ने और चीनी के बड़े उत्पादक देशों में शामिल रहा है. यहां की उपजाऊ मिट्टी, अनुकूल जलवायु और बड़े एग्रीकल्चर सेक्टर ने इसे चीनी प्रोडक्शन का सेंटर बना दिया. एक समय ऐसा था, जब क्यूबा की इकोनॉमी का मुख्य आधार ही चीनी एक्सपोर्टर था.
क्यूबा को Sugar Bowl of the World क्यों कहा जाता है ?
क्यूबा देश को यह नाम मिलने के पीछे कई कारण है, जैसे-
अधिक गन्ना उत्पादन (Production): एक समय था, जब क्यूबा दुनिया का सबसे बड़ा चीनी निर्यातक (Exporter) देश था. यहां की इकोनॉमी पूरी तरह से गन्ने की खेती और चीनी इंडस्ट्री पर निर्भर थी.
अनुकूल जलवायु: क्यूबा की उष्णकटिबंधीय (Tropical) जलवायु, पर्याप्त वर्षा और उपजाऊ मिट्टी गन्ने की खेती के लिए सबसे अच्छी मानी जाती है.
हिस्टॉरिकल इम्पॉर्टेंस: 1960 के दशक तक, क्यूबा का चीनी इंडस्ट्री दुनिया में सबसे उन्नत था. यहां सैकड़ों चीनी मिलें थीं, जो ग्लोबल डिमांड को पूरा करती थी.
क्या अब भी क्यूबा नंबर-1 है ?
आज क्यूबा का चीनी प्रोडक्शन पहले की तुलना में कम हो गया है. फिर भी ऐतिहासिक रूप से उसे Sugar Bowl of the World कहा जाता है. वर्तमान में ब्राजील और भारत जैसे देश भी चीनी के बड़े उत्पादक देश हैं.
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