Jharkhand History GK For JSSC CGL: अगर आप JPSC और JSSC या अन्य प्रतियोगिता परीक्षा देते हैं तो झारखंड के इतिहास से जुड़े सवाल आपके लिए बहुत जरूरी हैं. इन्हीं में एक महत्वपूर्ण सवाल है, अंग्रेज सबसे पहले झारखंड के किस क्षेत्र में पहुंचे थे? अगर आप भी किसी प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं तो सिंहभूम और अंग्रेजों के झारखंड आगमन से जुड़ी यह जानकारी आपके लिए बेहद उपयोगी हो सकती है.
झारखंड में अंग्रेजों का प्रवेश कैसे हुआ?
एक आम जानकारी के अनुसार, 1765 में इलाहाबाद की संधि के बाद अंग्रेजों को बंगाल, बिहार और उड़ीसा की दीवानी प्राप्त हुई. इसके बाद ईस्ट इंडिया कंपनी ने अपने प्रभाव का विस्तार करते हुए झारखंड के अंदरूनी इलाकों की ओर बढ़ना शुरू किया.
इसी क्रम में 1767 ईस्वी के आसपास अंग्रेज सबसे पहले सिंहभूम क्षेत्र के धालभूम इलाके में पहुंचे. यह झारखंड में अंग्रेजों के प्रवेश का शुरुआती दौर माना जाता है. सिंहभूम क्षेत्र रणनीतिक और आर्थिक दृष्टि से महत्वपूर्ण था, इसलिए अंग्रेजों ने यहां अपना प्रभाव स्थापित करने का प्रयास किया.
क्यों महत्वपूर्ण है सिंहभूम?
सिंहभूम झारखंड का एक ऐतिहासिक और खनिज संपदा से भरपूर क्षेत्र है. ब्रिटिश शासन के दौरान यह बंगाल प्रेसीडेंसी के अंतर्गत एक प्रमुख जिला था. वर्तमान में यह क्षेत्र पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां जिलों में विभाजित है.
पुराने सिंहभूम जिले का मुख्यालय चाईबासा था. यह क्षेत्र अपने घने जंगलों, आदिवासी संस्कृति और प्राकृतिक संसाधनों के लिए प्रसिद्ध रहा है.
सारंडा वन और खनिज संपदा ने दिलाई पहचान
सिंहभूम का सारंडा वन एशिया के सबसे बड़े साल वनों में गिना जाता है. 'सारंडा' का अर्थ स्थानीय भाषा में 'सात सौ पहाड़ियां' माना जाता है. यह क्षेत्र अपनी प्राकृतिक सुंदरता और जैव विविधता के लिए प्रसिद्ध है.
इसके अलावा सिंहभूम लौह अयस्क सहित कई महत्वपूर्ण खनिजों का भंडार है. यही कारण है कि भारत के औद्योगिक विकास में इस क्षेत्र की महत्वपूर्ण भूमिका रही है. जमशेदपुर और आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों के विकास में भी सिंहभूम की खनिज संपदा का बड़ा योगदान माना जाता है. आइए, अब JPSC और JSSC से जुड़े झारखंड के कुछ जनरल नॉलेज के सवाल-जवाब जानते हैं.
ये भी पढ़ें: JSSC CGL रद्द हुई, जाएगी किसकी नौकरी? समझें पूरा गणित
सिंहभूम और अंग्रेजों के आगमन से जुड़े 20 GK सवाल-जवाब
1. प्रश्न: अंग्रेज सबसे पहले झारखंड के किस क्षेत्र में पहुंचे थे?
उत्तर: सिंहभूम (धालभूम क्षेत्र).
2. प्रश्न: झारखंड में अंग्रेजों का प्रवेश लगभग किस वर्ष हुआ था?
उत्तर: 1767 ईस्वी.
3. प्रश्न: इलाहाबाद की संधि कब हुई थी?
उत्तर: 1765 ईस्वी.
4. प्रश्न: इलाहाबाद की संधि के बाद अंग्रेजों को किसकी दीवानी मिली थी?
उत्तर: बंगाल, बिहार और उड़ीसा की.
5. प्रश्न: झारखंड में अंग्रेजों ने सबसे पहले किस इलाके में कदम रखा था?
उत्तर: धालभूम.
6. प्रश्न: पुराने सिंहभूम जिले का मुख्यालय क्या था?
उत्तर: चाईबासा.
7. प्रश्न: वर्तमान में सिंहभूम क्षेत्र कितने जिलों में विभाजित है?
उत्तर: तीन जिलों में.
8. प्रश्न: सिंहभूम के तीन वर्तमान जिले कौन-कौन से हैं?
उत्तर: पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां.
9. प्रश्न: सारंडा वन किस जिले में स्थित है?
उत्तर: पश्चिमी सिंहभूम.
10. प्रश्न: सारंडा वन किस प्रकार के पेड़ों के लिए प्रसिद्ध है?
उत्तर: साल के पेड़ों के लिए.
11. प्रश्न: सारंडा का अर्थ क्या माना जाता है?
उत्तर: सात सौ पहाड़ियां.
12. प्रश्न: सिंहभूम किस खनिज के लिए विशेष रूप से प्रसिद्ध है?
उत्तर: लौह अयस्क.
13. प्रश्न: ब्रिटिश काल में सिंहभूम किस प्रेसीडेंसी का हिस्सा था?
उत्तर: बंगाल प्रेसीडेंसी.
14. प्रश्न: झारखंड का प्रमुख इस्पात नगर कौन-सा है?
उत्तर: जमशेदपुर.
15. प्रश्न: जमशेदपुर किस जिले में स्थित है?
उत्तर: पूर्वी सिंहभूम.
16. प्रश्न: सिंहभूम क्षेत्र का ऐतिहासिक महत्व किस कारण बढ़ा?
उत्तर: अंग्रेजों के प्रथम प्रवेश और खनिज संपदा के कारण.
17. प्रश्न: झारखंड का कौन-सा क्षेत्र लौह अयस्क उत्पादन के लिए प्रसिद्ध है?
उत्तर: सिंहभूम क्षेत्र.
18. प्रश्न: चाईबासा किस जिले का मुख्यालय है?
उत्तर: पश्चिमी सिंहभूम.
19. प्रश्न: अंग्रेजों के भारत में व्यापार का प्रमुख माध्यम कौन-सी कंपनी थी?
उत्तर: ईस्ट इंडिया कंपनी.
20. प्रश्न: झारखंड के इतिहास में अंग्रेजों के प्रवेश का पहला द्वार किसे माना जाता है?
उत्तर: धालभूम-सिंहभूम क्षेत्र.
ये भी पढ़ें: 'झारखंड का शिमला' किसे कहते हैं? JSSC और राज्य प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए रट लें ये 15 जरूरी सवाल
