Glass City of India: यूपी का ये शहर कैसे बना चूड़ी नगरी? नहीं जानते तो जान लीजिए

Glass City of India: भारत का हर शहर अपनी अलग पहचान के लिए जाना जाता है, लेकिन एक शहर ऐसा भी है जिसे “चूड़ी नगरी” और “ग्लास सिटी ऑफ इंडिया” कहा जाता है.

Glass City of India: भारत का हर शहर अपनी एक खासियत रखता है. भारत के एक शहर को चूड़ी नगरी या फिर ग्लास सिटी ऑफ इंडिया भी कहते हैं. क्या आप जानते हैं ये कौन सा शहर है और क्यों इसका नाम ऐसा पड़ा? ये शहर उत्तर प्रदेश में है. अब आप समझ गए होंगे और नहीं समझें तो आपकी उत्सुकता और बढ़ गई होगी. 

किस शहर को कहा जाता है ग्लास सिटी ऑफ इंडिया?

उत्तर प्रदेश का फिरोजाबाद शहर अपनी खास पहचान रखता है. इसे पूरे देश में जाना जाता है. इसे “चूड़ी नगरी” और “ग्लास सिटी ऑफ इंडिया” के नाम से भी पहचाना जाता है. यहां बनने वाली कांच की चूड़ियां न सिर्फ भारत में बल्कि विदेशों तक निर्यात की जाती हैं.

चूड़ियां बनाने का इतिहास काफी पुराना है

फिरोजाबाद में कांच उद्योग का इतिहास काफी पुराना है. माना जाता है कि मुगल काल के दौरान यहां कांच बनाने की कला की शुरुआत हुई थी, जो धीरे-धीरे एक बड़े उद्योग के रूप में विकसित हो गई. आज यह शहर हजारों कारीगरों की मेहनत से चमकता है, जो दिन-रात भट्टियों में काम कर कांच को खूबसूरत चूड़ियों और सजावटी सामान में बदलते हैं.

स्पेशल हैं यहां की चूड़ियां

यहां की चूड़ियों की सबसे बड़ी खासियत उनकी डिजाइन और रंगों में अंतर है. शादी-ब्याह और त्योहारों में फिरोजाबाद की चूड़ियों की खास डिमांड रहती है. भारतीय संस्कृति में चूड़ियों का विशेष महत्व है, और इसी वजह से इस शहर का कारोबार हमेशा सक्रिय रहता है.

फिरोजाबाद का कांच उद्योग न केवल लोकल लोगों को रोजगार देता है, बल्कि देश की इकोनॉमी में भी अहम योगदान करता है. हालांकि, इस उद्योग से जुड़े कारीगरों को कई चुनौतियों का सामना भी करना पड़ता है, जैसे गर्म भट्टियों में काम करना और स्वास्थ्य संबंधी जोखिम उठाना.

यह भी पढ़ें- भारत का सबसे लंबा बीच, यहां नहाने पर है पाबंदी

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Shambhavi shivani

शाम्भवी शिक्षा, रोजगार, एडमिशन और सक्सेस स्टोरी पर खास नजर रखती हैं. उन्होंने प्रभात खबर के लिए कई UPSC और BPSC टॉपर्स के इंटरव्यू लिए हैं. साथ ही इस प्लेटफॉर्म के लिए AI एजुकेशन और करियर गाइडेंस पर एक्सपर्ट ओपनियन भी बनाती हैं. उनकी खासियत है कि वो डाटा रिलेटेड खबरों और फैक्ट्स को आसान शब्दों में रीडर्स तक पहुंचाती हैं. शाम्भवी को डिजिटल मीडिया में 3 सालों से अधिक का अनुभव है. प्रभात खबर से पहले वे राजस्थान पत्रिका और पटना स्थित न्यूज़ हाट में भी काम कर चुकी हैं. 

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >