GK Question: इनाम की रकम में कौन आगे? दादा साहेब फाल्के या नेशनल फिल्म अवॉर्ड

GK Question In Hindi: 3 सितंबर 2025 को 71वीं राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार यानी National Film Awards का आयोजन किया गया. वहीं दादासाहेब फाल्के पुरस्कार भी दिया गया. आइए, जानते हैं दोनों के बीच क्या अंतर है? दोनों की प्राइज मनी और इनाम में मिलने वाली चीजें कितनी अलग हैं.

GK Question In Hindi: 3 सितंबर 2025 को 71वीं राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार यानी National Film Awards का आयोजन किया गया. नेशनल फिल्म अवार्ड्स को कला जगत में बहुत सम्मानित और प्रतिष्ठित अवार्ड्स में से एक के रूप में देखा जाता है. इस बार का अवार्ड काफी खास रहा क्योंकि कई दिग्गज कलाकारों को सम्मानित किया गया. कला और फिल्म जगत का दूसरा बड़ा अवार्ड है, दादा साहेब फाल्के अवॉर्ड. आइए जानते हैं दोनों में क्या अंतर है. 

National Film Awards VS Dadasaheb Phalke Award: जानें क्या है अंतर?

राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार भारतीय सिनेमा में उत्कृष्टता को बढ़ावा देने के लिए भारत सरकार द्वारा हर साल दिए जाने वाले पुरस्कार हैं. यह पुरस्कार विभिन्न श्रेणी में सर्वश्रेष्ठ फिल्म, अभिनेता या तकनीशियन को दिया जाता है. वहीं दादासाहेब फाल्के पुरस्कार ‘लाइफटाइम अचीवमेंट’ का सम्मान है. यह भारतीय सिनेमा के विकास में आजीवन योगदान के लिए सर्वोच्च सम्मान है और राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह में ही प्रदान किया जाता है. 

National Film Awards: मुख्य बातें 

  •  नेशनल फिल्म अवॉर्ड हर साल भारत सरकार द्वारा दिया जाता है. 
  • फिल्मों में उत्कृष्ट काम को सम्मानित करना उद्देश्य है. 
  • कैटेगरी – बेस्ट एक्टर, बेस्ट एक्ट्रेस, बेस्ट फीचर फिल्म, बेस्ट डायरेक्टर, बेस्ट पॉपुलर फिल्म आदि.

National Film Awards Prize Money: देखें इनाम की राशि 

हर कैटेगरी के अनुसार प्राइज की राशि और चीजें अलग-अलग होती हैं. 

Best Actor/Actress

  • रजत कमल
  • 2 लाख रुपये इनाम राशि
  • Certificate of Honour
  • शॉल

Best Film/Director 

  • स्वर्ण कमल
  • 3 लाख रुपये तक की इनाम राशि
  • Certificate of Honour
  • शॉल

Dadasaheb Phalke Award: मुख्य बातें 

  • दादा साहेब फाल्के अवॉर्ड भारतीय सिनेमा का सबसे बड़ा और प्रतिष्ठित सम्मान है.
  • इसकी शुरुआत 1969 में हुई थी.
  • पहला अवॉर्ड देविका रानी को दिया गया था.
  • यह अवॉर्ड उन लोगों को दिया जाता है जिन्होंने भारतीय फिल्म इंडस्ट्री में लंबा और महत्वपूर्ण योगदान दिया हो (एक्टर, डायरेक्टर, म्यूजिक डायरेक्टर आदि).

Dadasaheb Phalke Award Prize Money: यहां देखें इनाम की राशि 

  • स्वर्ण कमल (Golden Lotus)
  • Certificate of Honour
  • 15 लाख की इनाम राशि
  • शॉल

National Film Awards VS Dadasaheb Phalke Award FAQs

दादा साहब फाल्के पुरस्कार का मुख्य उद्देश्य क्या है?

यह पुरस्कार जीवनभर के फिल्म उद्योग में योगदान को सम्मानित करने के लिए दिया जाता है, न कि किसी एक फिल्म के लिए. 

राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों में “बेस्ट अभिनेता / अभिनेत्री” को कितना नकद पुरस्कार मिलता है?

प्रत्येक को 2,00,000 लाख रुपये नकद, राजत कमल और प्रमाणपत्र दिया जाता है. 

क्या दादा साहब फाल्के पुरस्कार सिर्फ फिल्मों से जुड़े लोगों को ही मिलता है?

 हां, यह मुख्यतः फिल्म निर्माण, निर्देशन, अभिनय, लेखन या सिनेमा सेवा क्षेत्र में योगदान देने वाले लोगों को दिया जाता है. 

यह भी पढ़ें- Police को हिंदी में क्या कहते हैं? नहीं पता है तो आज ही जान लीजिए जवाब

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

शाम्भवी शिवानी डिजिटल मीडिया में पिछले 3 सालों से सक्रिय हैं और वर्तमान में प्रभात खबर की डिजिटल टीम के साथ एजुकेशन बीट पर काम कर रही हैं. शिक्षा और रोजगार से जुड़ी खबरों की समझ रखने वाली शाम्भवी एग्जाम, सरकारी नौकरी, रिजल्ट, करियर, एडमिशन और सक्सेस स्टोरी जैसे विषयों पर रिपोर्टिंग और फीचर राइटिंग करती हैं. सरल भाषा और जानकारी को व्यवस्थित तरीके से प्रस्तुत करना उनकी लेखन शैली की खासियत है. डिजिटल मीडिया में अपने करियर के दौरान शाम्भवी ने न्यूज़ हाट और राजस्थान पत्रिका जैसी संस्थाओं के साथ काम किया है. यहां उन्होंने एजुकेशन, युवा मुद्दों और ट्रेंडिंग विषयों पर कंटेंट तैयार किया. वर्तमान में प्रभात खबर के साथ जुड़कर वे खास तौर पर बोर्ड परीक्षा, प्रतियोगी परीक्षा, सरकारी नौकरी, करियर ऑप्शंस और प्रेरणादायक सक्सेस स्टोरीज पर काम कर रही हैं. शाम्भवी की रुचि सिर्फ पत्रकारिता तक सीमित नहीं है. उन्हें सिनेमा और साहित्य में भी गहरी दिलचस्पी है, जिसका असर उनकी लेखन शैली में भी देखने को मिलता है. वे तथ्यों के साथ भावनात्मक जुड़ाव और मानवीय पहलुओं को भी अपनी स्टोरीज में जगह देने की कोशिश करती हैं. पटना में जन्मीं शाम्भवी ने Patna University से मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन किया है. इसके बाद Indira Gandhi National Open University (IGNOU) से पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की. पत्रकारिता और जनसंचार की पढ़ाई ने उन्हें न्यूज राइटिंग, डिजिटल कंटेंट और ऑडियंस बिहेवियर की बेहतर समझ दी है. डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लगातार बदलते ट्रेंड्स और रीडर्स की जरूरतों को समझते हुए शाम्भवी SEO-फ्रेंडली, इंफॉर्मेटिव और एंगेजिंग कंटेंट तैयार करने पर फोकस करती हैं. उनकी कोशिश रहती है कि पाठकों तक सही, उपयोगी और आसान भाषा में जानकारी पहुंचाई जा सके.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >