पूर्व BJP नेता अन्नामलाई ने NEET री-एग्जाम की सुरक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल, कहा छात्रों पर बढ़ेगा प्रेशर

NEET UG 2026: अन्नामलाई ने कहा नीट परीक्षा को लेकर किए गए इंतजाम से छात्रों पर मेंटल प्रेशर बढ़ेगा. NTA से सवाल पूछते हुए कहा कि अभी तक टेक्निकल समस्या को सॉल्व क्यों नहीं किया गया. NEET Re Exam एडमिट कार्ड को डाउनलोड करने में बहुत सारे छात्रों को प्रॉब्लम हो रही है.

NEET UG 2026: पूर्व भाजपा नेता के अन्नामलाई (K Annamalai) ने हाल ही में NEET UG 2026 री-एग्जाम के लिए केंद्र सरकार द्वारा किए गए सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं. उन्होंने कहा कि क्वेश्चन पेपर को वायुसेना (IAF) के जरिए पहुंचाना, लंबी फ्रिस्किंग प्रक्रिया और प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) से सीधे निगरानी जैसे कदम सुरक्षा बढ़ाने के बजाय नई प्रशासनिक चुनौतियां भी पैदा कर सकते हैं.

छात्रों पर प्रेशर बढ़ेगा: अन्नामलाई

अन्नामलाई ने सोशल मीडिया पर अपने विचार शेयर करते हुए कहा कि नीट री-एग्जाम (NEET Re Exam) को लेकर जिस तरह की सुरक्षा व्यवस्था की जा रही है इससे छात्रों पर प्रेशर बढ़ेगा. उन्होंने परीक्षा के लिए किए गए सुरक्षा इंतजाम को लेकर कहा कि इनमें CRPF और CISF की दो लेवल सुरक्षा, IAF द्वारा क्वेश्चन पेपर की एयरलिफ्टिंग, AI आधारित चार-स्तरीय CCTV निगरानी, परीक्षा केंद्र में प्रवेश से पहले बायोमेट्रिक और फेस रिकग्निशन सत्यापन, कई लेवल की फ्रिस्किंग और PMO की सीधी निगरानी शामिल हैं. उन्होंने कहा कि ये कोई मिलिट्री लेवल की ऑपरेशन के लिए नहीं बल्कि 21 जून को होने वाली नीट परीक्षा के लिए किए गए इंतजाम हैं.

पेपर लीक रोकने के लिए किए गए इंतजाम

आगे कहा कि हर स्टूडेंट पेपर लीक (Paper Leak) रोकने के लिए सरकार के अतिरिक्त सुरक्षा उपायों और निगरानी के प्रयासों की सराहना करेगा, लेकिन परीक्षा केंद्रों पर बढ़ी हुई जांच, लंबी फ्रिस्किंग प्रक्रिया और एग्जाम टाइमिंग को 180 मिनट से बढ़ाकर 195 मिनट किए जाने से छात्रों पर प्रेशर बढ़ सकता है.

सरकार छात्रों को पड़ने वाले प्रेशर को इग्नोर कर रही है

अन्नामलाई ने आगे कहा कि सरकार पेपर लीक रोकने के लिए कदम तो उठा रही है, लेकिन उसने NEET Aspirant के दिमाग पर पड़ने वाला मेंटल प्रेशर को इग्नोर कर दिया है. उनके अनुसार, स्टूडेंट्स महीनों की तैयारी के बाद परीक्षा देने पहुंचते हैं और ऐसे में एडवांस सुरक्षा नियम नई शिक्षा नीति (NEP) 2020 के उस उद्देश्य के विपरीत हैं, जिसमें परीक्षा से जुड़े प्रेशर को कम करने की बात कही गई है.

अन्नामलाई ने किया सवाल, टेक्निकल दिक्कतें सॉल्व क्यों नहींं हुई?

उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि लाखों छात्रों द्वारा NEET Re-Exam Admit Card 2026 डाउनलोड करने में आ रही टेक्निकल परेशानी का समाधान अब तक पूरी तरह क्यों नहीं हो पाया, जबकि अधिकारियों ने जल्द राहत का भरोसा दिया था.

गौरतलब है कि NEET UG 2026 पेपर लीक विवाद के बाद सरकार ने री-एग्जाम को पूरी तरह सुरक्षित बनाने के लिए अभूतपूर्व सुरक्षा व्यवस्था लागू की है. इसी क्रम में क्वेश्चन पेपर की सुरक्षा के लिए एयरफोर्स की मदद ली गई है और कई लेवल के तंत्र तैयार किया गया है. हालांकि, NTA द्वारा खंडन किए जाने के बावजूद री-एग्जाम को लेकर सोशल मीडिया पर Paper Leak की अफवाहें भी सामने आती रही हैं.

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टेलीग्राम पर लगी रोक

इस बीच, सरकार ने 22 जून 2026 तक भारत में Telegram की सेवाओं पर अस्थायी रोक लगा दी है. यह कदम परीक्षा से जुड़ी अफवाहों और गलत सूचनाओं को फैलने से रोकने के लिए उठाया गया है. इसके अलावा इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने Telegram को 30 जून 2026 तक भारत में मैसेज एडिट (Message Editing) फीचर भी बंद रखने का निर्देश दिया है, ताकि परीक्षा से जुड़े फर्जी स्क्रीनशॉट और कथित पेपर लीक के दावे न फैल सकें

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By Shambhavi shivani

शाम्भवी शिक्षा, रोजगार, एडमिशन और सक्सेस स्टोरी पर खास नजर रखती हैं. उन्होंने प्रभात खबर के लिए कई UPSC और BPSC टॉपर्स के इंटरव्यू लिए हैं. साथ ही इस प्लेटफॉर्म के लिए AI एजुकेशन और करियर गाइडेंस पर एक्सपर्ट ओपनियन भी बनाती हैं. उनकी खासियत है कि वो डाटा रिलेटेड खबरों और फैक्ट्स को आसान शब्दों में रीडर्स तक पहुंचाती हैं. शाम्भवी को डिजिटल मीडिया में 3 सालों से अधिक का अनुभव है. प्रभात खबर से पहले वे राजस्थान पत्रिका और पटना स्थित न्यूज़ हाट में भी काम कर चुकी हैं. 

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