Jharkhand Sarkari Naukri Updates: झारखंड में सरकारी नौकरी की व्यवस्था में कई उतार चढ़ाव देखने को मिल रहे हैं. 17 अगस्त से 20 अगस्त के बीच यानी 72 घंटे में कई अहम फैसले हुए. इस अंतराल के बीच के घटनाक्रम को समझना जरूरी है, क्योंकि इसका सीधा असर हजारों उम्मीदवारों और उनके परिवारों पर पड़ रहा है.
Jharkhand Sarkari Naukri Updates: पूरी टाइमलाइन एक टेबल में
| तारीख | घटनाक्रम |
| 17 अगस्त | सरकार ने JSSC-CGL सहित 44 परीक्षाएं रद्द कीं और मामले की जांच का आदेश दिया. |
| 17 अगस्त | देवेंद्र नाथ महतो की 16 दिन की भूख हड़ताल खत्म हुई. |
| 18 अगस्त | नियुक्त उम्मीदवारों ने नया विरोध शुरू कर दिया. |
| 19 अगस्त | प्रोजेक्ट भवन और सचिवालय के बाहर बड़ा प्रदर्शन हुआ. नियुक्त उम्मीदवारों ने कोर्ट जाने की चेतावनी दी. |
| 20 अगस्त | हाईकोर्ट ने सरकार के आदेश पर रोक लगा दी. नियुक्त उम्मीदवारों को फिलहाल राहत मिली. |
दिन 1: सरकार का बड़ा ऐलान
17 अगस्त को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने खुद प्रेस कॉन्फ्रेंस करके JSSC CGL और TDPL एजेंसी से जुड़ी सभी परीक्षाओं को रद्द करने का ऐलान किया. यह फैसला 24 दिन से चल रहे छात्र आंदोलन के दबाव में आया.
सरकार ने कुल 44 भर्ती परीक्षाएं रद्द कीं और 2014 से अब तक की भर्तियों की व्यापक जांच का आदेश भी दिया. इसी दिन छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने रांची के सदर अस्पताल में मंत्रियों की मौजूदगी में अपनी 16 दिन की भूख हड़ताल खत्म की.
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दिन 2: खुशी नहीं, नया विरोध शुरू
सरकार को लगा था कि रद्द करने से मामला शांत हो जाएगा, लेकिन 18 अगस्त को एक बिल्कुल नई मुसीबत सामने आ गई. जो उम्मीदवार पहले ही परीक्षा पास करके सरकारी नौकरी जॉइन कर चुके थे, वो खुद सड़क पर उतर आए. करीब 1975 सफल उम्मीदवार इस रद्द होने से सीधे प्रभावित बताए गए, जिनमें से कई ने दिसंबर 2025 में नियुक्ति पत्र पाकर अभी कुछ महीने पहले ही जॉइनिंग की थी.
दिन 3: प्रदर्शन और कोर्ट का दरवाजा
19 अगस्त को रांची के प्रोजेक्ट भवन के बाहर JSSC CGL पास कर चुके उम्मीदवारों ने बड़ा प्रदर्शन किया. उनका कहना था कि उन्हें बिना किसी जांच या सबूत के सामूहिक रूप से सजा दी जा रही है. प्रदर्शनकारियों ने साफ कहा कि यह फैसला वापस नहीं लिया गया तो वो कोर्ट का रास्ता अपनाएंगे. उसी दिन राज्य सचिवालय के बाहर करीब 2700 उम्मीदवारों ने भी प्रदर्शन किया, जिनमें करीब 2000 सिर्फ JSSC CGL के जरिए भर्ती हुए थे.
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दिन 4: हाईकोर्ट का बड़ा फैसला
20 अगस्त को झारखंड हाईकोर्ट ने सरकार के उस आदेश पर रोक लगा दी, जिसमें 22 परीक्षाएं रद्द की गई थीं और 23 अन्य में जांच का आदेश दिया गया था. यह फैसला उन्हीं याचिकाओं पर आया जो नौकरी जॉइन कर चुके उम्मीदवारों ने दाखिल की थीं.
किसी के लिए खुशी किसी के लिए गम
झारखंड में सरकारी भर्ती व्यवस्था को लेकर पिछले 72 घंटे किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं रहे, जहां हर एक दिन के साथ पासा पलटता गया. 17 अगस्त को जब सरकार ने JSSC-CGL सहित 44 परीक्षाएं रद्द करने का ऐलान किया, तो 24 दिन से आंदोलन कर रहे छात्रों के लिए यह बड़ी जीत थी, खुशी का पल था. लेकिन यही फैसला उन हजारों उम्मीदवारों के लिए गम बन गया जो पहले ही परीक्षा पास कर सरकारी नौकरी जॉइन कर चुके थे.
- सरकार को लगा उसने आंदोलनकारी छात्रों की मांग मानकर मामला सुलझा लिया.
- नियुक्त उम्मीदवारों को लगा उनके साथ अन्याय हो रहा है.
- अब कोर्ट के स्टे से नियुक्त उम्मीदवारों को राहत मिली, पर CBI जांच की मांग करने वाले फिर निराश हुए.
23 परीक्षाओं की CID जांच
| क्र. | परीक्षा / पद | विज्ञापन संख्या |
| 1 | फूड एनालिस्ट | 05/2025 |
| 2 | उपनिदेशक प्रोसिक्यूशन | 03/2025 |
| 3 | प्रोजेक्ट मैनेजर | 04/2025 |
| 4 | फैक्ट्री इंस्पेक्टर | 01/2025 |
| 5 | बॉयलर इंस्पेक्टर | 02/2025 |
| 6 | निदेशक | 07/2025 |
| 7 | पांचवीं सिविल सेवा परीक्षा | 06/2013 |
| 8 | सिविल जज जूनियर | 10/2015 |
| 9 | सिविल जज जूनियर विशेष | 11/2015 |
| 10 | स्वॉयल कंजर्वेटर | 12/2015 |
| 11 | सहायक निदेशक कृषि | 03/2015 |
| 12 | सहायक निदेशक कृषि बैकलॉग | 04/2015 |
| 13 | फूड सेफ्टी ऑफिसर | 01/2016 |
| 14 | डेंटिस्ट (बेसिक कैडर) | 02/2016 |
| 15 | सिविल सेवा परीक्षा बैकलॉग | 27/2017 |
| 16 | कमर्शियल टैक्स (लिमिटेड) परीक्षा | 10/2010 |
| 17 | सिविल सेवा परीक्षा-2016 | 23/2016 |
| 18 | जियोलॉजिस्ट व केमिस्ट रेगुलर | 01/2017 व 02/2017 |
| 19 | एपीपी | 03/2018 |
| 20 | सिविल जज जूनियर रेगुलर | 12/2018 |
| 21 | संयुक्त असिस्टेंट इंजीनियर | 05/2019 |
| 22 | सिविल सर्विस परीक्षा-2021 | 01/2021 |
| 23 | डेंटल डॉक्टर रेगुलर | 01/2022 |
उनकी मेहनत से मिली कुर्सी अचानक खतरे में आ गई. 18-19 अगस्त को यही नियुक्त उम्मीदवार सड़क पर उतरे, अपनी नौकरी बचाने के लिए प्रदर्शन करने लगे. फिर 20 अगस्त को हाईकोर्ट ने सरकार के आदेश पर रोक लगाकर इन्हीं उम्मीदवारों को राहत दी, लेकिन CBI जांच की मांग करने वाले छात्रों के लिए यह फिर एक झटका साबित हुआ. यानी हर फैसले में एक पक्ष के लिए खुशी और दूसरे के लिए गम है.
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अब आगे क्या ऑप्शन?
CBI जांच की मांग अब भी अनसुलझी है. JPSC-JSSC रिफॉर्म मंच ने अपना आंदोलन दो महीने के लिए स्थगित किया है, लेकिन साफ चेतावनी दी है कि अगर ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन और बड़े स्तर पर लौटेगा. वहीं हाईकोर्ट के स्टे के बाद सरकार का अगला कदम क्या होगा, यह भी देखने वाली बात होगी.
इस पूरे घटनाक्रम ने एक बात साफ कर दी है कि झारखंड की भर्ती परीक्षा व्यवस्था में भरोसे का संकट कितना गहरा है. एक तरफ पारदर्शिता की मांग करने वाले छात्र हैं, तो दूसरी तरफ मेहनत से नौकरी पाने वाले वो उम्मीदवार जिन्हें अब अपनी ही सफलता साबित करनी पड़ रही है. आने वाले दिनों में कोर्ट का अगला रुख ही तय करेगा कि यह लड़ाई किस दिशा में जाएगी.
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