CBSE Notice to Teachers: CBSE का कहना है कि कुछ लोग परीक्षा कॉपी जांच से जुड़े अनुभव, राय या जानकारी सोशल मीडिया पर पोस्ट कर रहे हैं. इनमें से कई बातें गलत या भ्रामक होती हैं, जिससे छात्रों और अभिभावकों के बीच भ्रम फैल सकता है.
CBSE ने अपने नोटिस में कहा है कि बोर्ड के पास ऐसी जानकारी आई है कि कुछ लोग कक्षा 10 और कक्षा 12 की कॉपियों की जांच से जुड़े अनुभव सोशल मीडिया पर लिख रहे हैं. कई पोस्ट में ऐसी बातें लिखी जा रही हैं जो तथ्यात्मक रूप से सही नहीं हैं.
CBSE Notice for Copy Checking पर रहेगी नजर
CBSE के अनुसार बोर्ड परीक्षा की कॉपियों की जांच एक गोपनीय प्रक्रिया होती है. इसमें सख्त नियम और प्रोटोकॉल का पालन किया जाता है. जो शिक्षक इस प्रक्रिया में शामिल होते हैं, उनसे उम्मीद की जाती है कि वे पूरी जिम्मेदारी और पेशेवर तरीके से काम करें.
अगर कोई शिक्षक कॉपी चेकिंग से जुड़ी जानकारी सार्वजनिक प्लेटफॉर्म पर शेयर करता है तो इसे नियमों का उल्लंघन माना जाएगा.
नियम तोड़ने पर हो सकती है कार्रवाई
बोर्ड ने यह भी कहा है कि अगर कोई व्यक्ति जानबूझकर गलत या भ्रामक जानकारी सोशल मीडिया पर फैलाता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है. इसके अलावा CBSE का नाम, लोगो या बोर्ड की इमारत की तस्वीर का इस्तेमाल करके लोगों को गुमराह करना भी गलत है. ऐसे मामलों में कानूनी कार्रवाई भी हो सकती है.
फेज 2 एग्जाम डिटेल
पहले चरण का रिजल्ट आने के बाद जो छात्र फेल होंगे या अपने मार्क्स सुधारना चाहेंगे, वे अधिकतम 3 विषयों की परीक्षा दोबारा दे सकते हैं. सेशन 2 की परीक्षा मई महीने में होगी और रिजल्ट जून महीने में जारी किया जाएगा. छात्रों को सलाह दी जाती है कि वे जिन विषयों में सुधार करना चाहते हैं, उसकी तैयारी अभी से शुरू कर दें ताकि अगली बार अच्छे अंक हासिल कर सकें.
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