क्यों घट गया सीबीएसई 12वीं का रिजल्ट, कंप्यूटर स्क्रीन चेकिंग पर सचिव ने बताई सच्चाई

CBSE 12th Result 2026: सीबीएसई कक्षा 12वीं के नतीजे घोषित होने के बाद इस साल पास प्रतिशत में आई गिरावट को लेकर छात्रों और अभिभावकों के बीच काफी चर्चा है. इस साल बोर्ड परीक्षा का कुल पास प्रतिशत पिछले साल के 88 फीसदी से घटकर 85 फीसदी पर आ गया है. स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग के सचिव संजय कुमार ने इसको लेकर जानकारी दी है.

CBSE 12th Result 2026: सीबीएसई कक्षा 12वीं के रिजल्ट में आई इस 3 प्रतिशत की गिरावट और छात्रों को कम नंबर मिलने की शिकायतों के बीच, स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग के सचिव संजय कुमार का एक बड़ा बयान सामने आया है. शिक्षा सचिव संजय कुमार ने बताया कि इस बार सीबीएसई ने कक्षा 12वीं के रिजल्ट के लिए ‘ऑन-स्क्रीन मार्किंग’ (OSM) सिस्टम का इस्तेमाल किया है.

शिक्षा सचिव संजय कुमार ने बताया कि इस तकनीक के तहत कॉपियों का मूल्यांकन कंप्यूटर स्क्रीन पर डिजिटल माध्यम से किया गया है. रिजल्ट जारी होने के बाद से ही छात्रों के एक बड़े वर्ग में यह चिंता है कि इसी नए सिस्टम की वजह से उनका ओवरऑल पास प्रतिशत कम हुआ है और उन्हें उम्मीद के मुताबिक नंबर नहीं मिल पाए हैं.

CBSE 12th Result 2026 को लेकर उठे सवाल

छात्रों और सोशल मीडिया पर उठ रहे सवालों का जवाब देते हुए शिक्षा सचिव ने स्पष्ट किया कि ऑन-स्क्रीन मार्किंग कोई नया कॉन्सेप्ट नहीं है. सीबीएसई ने सबसे पहले साल 2014 में ही इस ओएसएम (OSM) सिस्टम की शुरुआत की थी. हालांकि, उस समय देश में तकनीकी बुनियादी ढांचे (Technical Infrastructure) की कमी और सीमित संसाधनों के कारण इस प्रक्रिया को तुरंत आगे बढ़ाना संभव नहीं था.

CBSE On Screen Marking पर दी जानकारी

उन्होंने बताया कि पिछले साल जहां 88 फीसदी छात्र पास हुए थे, वहीं इस बार यह आंकड़ा घटकर 85 फीसदी रह गया है. इसी वजह से छात्रों और अभिभावकों के बीच सवाल उठ रहे हैं.

यह भी पढ़ें: CBSE का बड़ा फैसला, 9वीं-10वीं कक्षा में जुलाई से लागू होगा थ्री लैंग्वेज रूल

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Ravi mallick

रवि मल्लिक पिछले 7 सालों से डिजिटल पत्रकारिता से जुड़े हैं. स्कूली शिक्षा से लेकर नौकरी तक की खबरों पर काम करना पसंद है. युवाओं को बेहतर करियर ऑप्शन, करंट अफेयर्स और नई वैकेंसी के बारे में बताना अच्छा लगता है. बोर्ड परीक्षा हो या UPSC, JEE और NEET एग्जाम टॉपर्स से बात करना और उनकी स्ट्रेटजी के बारे में जानना पसंद है. युवाओं को प्रेरित करने के लिए उनके बीच के मुद्दों को उठाना और सही व सटीक जानकारी देना ही उनकी प्राथमिकता है.
और पढ़ें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >