Education: पीएम मोदी के नेतृत्व में उच्च शिक्षा में हो रहा है सुधार

अगर प्रति व्यक्ति छात्रों पर होने वाले खर्च की बात करें तो वर्ष 2013-14 से 2020-21 के दौरान इसमें 130 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गयी है. वर्ष 2013-14 में प्रति छात्र सरकार का खर्च 10780 रुपये था जो वर्ष 2021-22 में बढ़कर 25043 रुपये हो गया है.

Education: पिछले एक दशक में देश के स्कूली शिक्षा के क्षेत्र में व्यापक बदलाव आया है और इसमें तेजी से विकास हुआ है. स्कूलों में इंफ्रास्ट्रक्चर विकास से लेकर नारी शक्ति को सशक्त बनाने के लिए डिजिटल प्रयास और भारतीय भाषाओं को आगे बढ़ाने का काम किया है ताकि छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा हासिल हो सके. केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने मंगलवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में उच्च शिक्षा में सुधार हो रहा है. इसी का नतीजा है कि अब स्कूल सिर्फ सेंटर ऑफ लर्निंग नहीं बल्कि छात्रों में कौशल विकास और सभी को सशक्त बनाने का काम कर रहे हैं. सरकार की कोशिशों का नतीजा है कि वर्ष 2013-14 में देश के सिर्फ 53 फीसदी स्कूलों में बिजली की सुविधा थी, जो वर्ष 2023-24 में बढ़कर 91.8 फीसदी हो गयी है. इस दौरान स्कूलों में कंप्यूटर तक छात्रों की पहुंच 24.1 फीसदी से बढ़कर 57.2 फीसदी, इंटरनेट की उपलब्धता 7.3 फीसदी से बढ़कर 53.9 फीसदी, स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता 83.2 फीसदी से बढ़कर 98.3 फीसदी, हाथ धोने की सुविधा 43.1 फीसदी से बढ़कर 94.7 फीसदी, खेलने का मैदान 66.9 फीसदी से बढ़कर 82.4 फीसदी, लाइब्रेरी की सुविधा 76.4 फीसदी से बढ़कर 89 फीसदी, रैन वाटर हार्वेस्टिंग की सुविधा 4.2 फीसदी से बढ़कर 28.4 फीसदी हो गयी है. 


प्रति व्यक्ति छात्र पर बढ़ा है खर्च

अगर प्रति व्यक्ति छात्रों पर होने वाले खर्च की बात करें तो वर्ष 2013-14 से 2020-21 के दौरान इसमें 130 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गयी है. वर्ष 2013-14 में प्रति छात्र सरकार का खर्च 10780 रुपये था जो वर्ष 2021-22 में बढ़कर 25043 रुपये हो गया है. क्षेत्रीय भाषाओं को प्राथमिकता देने के लिए अब कक्षा एक और दो की किताबें 23 भारतीय भाषाओं में उपलब्ध है. ई-कंटेंट को 126 भारतीय भाषा और 6 विदेशी भाषा में दीक्षा प्लेटफार्म पर उपलब्ध है. यही नहीं छात्रों का प्रदर्शन भी बेहतर हुआ है. अब कक्षा 10 में अच्छी ग्रेड हासिल करने वाले छात्रों की संख्या में 64 फीसदी और कक्षा 12 में 66 फीसदी छात्रों की संख्या बढ़ी है. अगर स्कूलों में नारी शक्ति की बात करें तो वर्ष 2014 के बाद महिला शिक्षकों की संख्या में 30 फीसदी वृद्धि हुई है. वर्ष 2014 से वर्ष 2024 के दौरान कुल नियुक्त शिक्षकों में 61 फीसदी महिलाएं हैं. नवोदय और केंद्रीय विद्यालयों की संख्या में भी इस दौरान इजाफा हुआ है.

 
एनटीए अब भर्ती नहीं सिर्फ प्रवेश परीक्षा करेगा आयोजित

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) अब सिर्फ उच्च शिक्षा संस्थानों, यूनिवर्सिटी, कॉलेजों में दाखिले के लिए होने वाली प्रवेश परीक्षा का आयोजन करेगा. भर्ती के लिए होने वाली परीक्षा एनटीए नहीं लेगा.  इंजीनियरिंग एंट्रेंस टेस्ट जेईई, मेडिकल नीट यूजी, यूजीसी नेट और सीएसआईआर यूजीसी नेट की परीक्षा आयोजित करेगा. एनटीए प्रवेश परीक्षा का आयोजन बेहतर तरीके से कर सके इसके लिए प्रोफेसर राधाकृष्णन की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय उच्च स्तरीय समिति निगरानी करेगी. उन्होंने कहा कि नीट-2025 के परीक्षा पैटर्न को लेकर शिक्षा मंत्रालय और स्वास्थ्य मंत्रालय के बीच बातचीत चल रही है. इसमें क्या बदलाव हो सकता है, इसे लेकर जल्द फैसला लिया जायेगा. अभी तक मेडिकल टेस्ट पेन एंड पेपर मोड में होता है और दोनों मंत्रालय तय करेंगे कि परीक्षा पहले की तरह हो या फिर इसे कंप्यूटर बेस्ड किया जाए. सरकार की कोशिश भविष्य में तकनीक का प्रयोग कर परीक्षा आयोजित करने की है. 

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Published by: Anjani kumar singh

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