पिता चाहते थे बेटा बने IAS, दीपांशु शौकीन ने चुनी छात्र राजनीति, DUSU चुनाव से आए चर्चा में

Deepanshu Shokeen DUSU: DUSU Election 2026 में निर्दलीय उम्मीदवार दीपांशु शौकीन चर्चा में हैं. जानें कौन हैं दीपांशु शौकीन, उनकी शिक्षा, परिवार और छात्र राजनीति का सफर. उनके पिता चाहते थे कि बेटा IAS बने, लेकिन दीपांशु ने छात्र राजनीति को अपना रास्ता चुना.

Deepanshu Shokeen DUSU Election 2026: दिल्ली यूनिवर्सिटी में हो रहे छात्र संघ चुनाव को लेकर काउंटिंग चल रही है. इस चुनाव में जो एक नाम, जिसकी खासा चर्चा हो रही है, वो हैं दीपांशु शौकीन. दीपांशु शौकीन उपाध्यक्ष पद पर निर्दलीय खड़े हैं. फिलहाल वो 20,646 वोट से आगे चल रहे हैं. आइए, जानते हैं उनके शैक्षणिक सफर के बारे में.

कौन हैं दीपांशु शौकीन?

दीपांशु शौकीन हरियाणा के रहने वाले हैं. उनके पिता बस कंडक्टर हैं, जबकि उनकी मां आंगनवाड़ी कार्यकर्ता हैं. उन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी के शहीद भगत सिंह कॉलेज से पॉलिटिकल साइंस में बैचलर डिग्री की है. फिलहाल वो बौद्ध धर्म (Buddhism) विषय के सेकंड ईयर में हैं. 

पहले NSUI से मांगा था टिकट

दीपांशु शौकीन की दिलचस्पी शुरुआत से ही छात्र राजनीति में थी. DUSU चुनाव में उतरने से पहले NSUI से टिकट मांगा था. उनका नामांकन भी हुआ था, लेकिन बाद में उन्हें नामांकन वापस लेने के लिए कहा गया. दीपांशु ने नामांकन वापस नहीं लिया और निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ने का फैसला किया.

सत्य निकेतन हादसे के बाद नहीं पहने जूते

दीपांशु शौकीन सत्य निकेतन में हुए छात्रावास हादसे के बाद भी चर्चा में आए थे. ऐसा कहा जा रहा है कि उन्होंने हादसे में छात्रों की मौत के बाद न्याय मिलने तक जूते नहीं पहनने का संकल्प लिया था. 

परिवार चाहता था UPSC की तैयारी करें

दीपांशु के पिता चाहते थे कि वह UPSC की तैयारी करें. हालांकि, दीपांशु ने छात्र राजनीति में आगे बढ़ने का फैसला किया. DUSU चुनाव में निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में उतरने के बाद उनका नाम छात्र राजनीति में तेजी से चर्चा में आया.

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By शाम्भवी शिवानी

शाम्भवी शिक्षा, रोजगार, एडमिशन और सक्सेस स्टोरी पर खास नजर रखती हैं. उन्होंने प्रभात खबर के लिए कई UPSC और BPSC टॉपर्स के इंटरव्यू लिए हैं. साथ ही इस प्लेटफॉर्म के लिए AI एजुकेशन और करियर गाइडेंस पर एक्सपर्ट ओपनियन भी बनाती हैं. उनकी खासियत है कि वो डाटा रिलेटेड खबरों और फैक्ट्स को आसान शब्दों में रीडर्स तक पहुंचाती हैं. शाम्भवी को डिजिटल मीडिया में 3 सालों से अधिक का अनुभव है. प्रभात खबर से पहले वे राजस्थान पत्रिका और पटना स्थित न्यूज़ हाट में भी काम कर चुकी हैं. 

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