CTET Preparation Guide 2026: CTET Exam 2026 का काउंटडाउन शुरू हो चुका है. CTET Exam 6 सितंबर को होने वाला है. कम समय में बेहतर तैयारी को लेकर घबराहट होना स्वाभाविक है. अगर आप भी बिल्कुल जीरो से CTET Exam की शुरुआत कर रहे हैं, तो यह गाइड आपके लिए ही है. यहां जानिए आसान और सही स्ट्रैटजी, जिसके मदद से आप आखिरी दिनों मेंं स्मार्ट स्टडी से भी इस एग्जाम को क्लियर कर सकते हैं.
CTET क्लियर करने के लिए ये रहा Step by Step कंप्लीट गाइड.
- सबसे पहले परीक्षा पैटर्न को समझें
कोई भी एग्जाम देने से पहले उसके पैटर्न को समझना जरूरी होता हैं. CTET परीक्षा में 150 MCQ टाइप सवाल पूछे जाते हैं, जिन्हें सॉल्व करने के लिए 2 घंटे 30 मिनट का समय मिलता है. सबसे खास बात यह है कि इस परीक्षा में कोई नेगेटिव मार्किंग नहीं है.
CTET में दो पेपर का एग्जाम होता हैं. जो कैडिडेट कक्षा 1 से 5 के लिए टीचर बनना चाहते हैं उन्हें सिर्फ पेपर 1 का एग्जाम देना होता हैं. वहीं जो कैडिडेट कक्षा 6 से 8 के लिए टीचर बनना चाहते हैं उन्हें पेपर 1 और पेपर 2 दोनों का एग्जाम देना होता हैं.
Paper-1 (कक्षा 1 से 5 के लिए): इसमें 5 विषय होते हैं.
बाल विकास और शिक्षाशास्त्र (Child Development & Pedagogy), लैग्वेज-1, लैग्वेज-2, गणित, और पर्यावरण अध्ययन. प्रत्येक विषय से 30 Question यानी टोटल 150 Question होते हैं.
Paper-2 (कक्षा 6 से 8 के लिए):
Paper-2 में अनिवार्य विषय - बाल विकास और शिक्षाशास्त्र, लैग्वेज-1, लैग्वेज-2 होते हैं. चौथा विषय गणित और विज्ञान (Maths & Science) या सामाजिक अध्ययन (Social Studies) इन दोनों में से कोई एक चुनना होता है.
सामान्य वर्ग के लिए क्वालिफाइंग मार्क्स 60% (90 अंक) लाना होता है. वहीं आरक्षित वर्ग यानी OBC, SC-ST वर्ग के कैडिडेट्स के लिए 55% (82 अंक) लाना अनिवार्य है.
2. पेडागॉजी (Pedagogy) पर सबसे ज्यादा फोकस
CTET के हर सेक्शन में आधे प्रश्न शिक्षाशास्त्र (Pedagogy) के होते हैं. ऐसे में पेपर क्रैक करने के लिए आपको Pedagogy के मुख्य मनोवैज्ञानिकों के बारे में अच्छी जानकारी होनी चाहिए. जीन पियाजे, कोहलबर्ग और लेव वाइगोत्सकी के सिद्धांतों को अच्छी तरह दोहरा लें. इनसे हर साल सवाल पूछे जाते हैं.
3. Previous Year Question Papers का अभ्यास
CTET में कई कॉन्सेप्ट्स और सवाल बार-बार दोहराए जाते हैं. ऐसे में आपके लिए Previous Year Question Papers सॉल्व करना बहुत बढ़िया ऑप्शन है. पिछले 5 वर्षों के Question Papers को टाइमर लगाकर हल करें. इससे आपको अपनी कमजोरियों का पता चलेगा.
4. मॉक टेस्ट और टाइम मैनेजमेंट
कई बार ऐसा होता है कैडिडेट्स को सब कुछ पता होते हुए भी समय कम पड़ जाता है, इसके चलते वे पूरा सवालों के जवाब नहीं दे पाते हैं. इसके लिए जरूरी है कि कैडिडेट्स पहले से मॉक टेस्ट देते रहें. मॉक टेस्ट देते समय भाषा (पेपर I & II) और गणित जैसे सेक्शन को समय पर पूरा करने का प्रैक्टिस करें.
5. NCERT के महत्वपूर्ण नोट्स का रिवीज़न
पेपर-1 के लिए आप पर्यावरण अध्ययन (Environmental Studies) पर फोकस करना चाहिए. वहीं पेपर-2 के लिए कक्षा 6 से 8 तक की इतिहास, भूगोल, साइंस और गणित की NCERT किताबों के मुख्य पॉइंट्स का रिवीजन करते रहना चाहिए.
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CTET SEPTEMBER, 2026 INFORMATION BULLETIN
