CBSE Staff Scarcity: पार्लियामेंट्री कमिटी ने नेशनल काउंसिल ऑफ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग (NCERT) और सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (CBSE) में स्टाफ की भारी कमी की ओर इशारा किया है. कमिटी ने बताया कि NCERT में मंजूर पदों में से 56% से ज्यादा और CBSE में 44% पद खाली पड़े हैं. आइए इस बारे में डिटेल में जानते हैं.
Concern Raise: कहां उठा यह मुद्दा?
यह मुद्दा एस्टिमेट्स कमिटी (2026-27)' की 10वीं रिपोर्ट (18वीं लोकसभा) में उठाई गई थीं. यह रिपोर्ट 'देश में सस्ती और अच्छी क्वालिटी की शिक्षा देने के लिए बजट और पॉलिसी से जुड़े पहलुओं, जिसमें सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन की समीक्षा भी शामिल है' पर आधारित थी. इसे बुधवार, 12 अगस्त को लोकसभा में पेश किया गया था.
मिनिस्ट्री ऑफ एजुकेशन ने पैनल को बताया था कि NCERT ने 'फाउंडेशनल स्टेज के लिए नेशनल करिकुलम फ्रेमवर्क (NCFFS)' और 'स्कूल शिक्षा के लिए नेशनल करिकुलम फ्रेमवर्क (NCFSE)' तैयार किया है और इन फ्रेमवर्क के आधार पर सिलेबस और पाठ्यपुस्तकें बनाना शुरू कर दिया है.
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Staff Shortage: स्टाफ की है कमी
अभी भी NCERT में स्टाफ की भारी कमी है. अक्टूबर 2025 तक, काउंसिल में मंजूर 2,844 पदों के मुकाबले 1,248 कर्मचारी थे, जिससे 1,596 पद खाली रह गए. खाली पदों में से 145 एकेडमिक पद, 131 स्कूल टीचिंग पद, 916 मिनिस्ट्रियल पद और 404 सहायक पद थे. कमिटी ने मिनिस्ट्री ऑफ एजुकेशन से NCERT में खाली पड़े विभिन्न पदों को भरने के लिए कोशिश करने का आग्रह किया है.
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School Data: जानिए इसके बारे में
कमिटी ने इस बात पर भी जोर दिया कि CBSE से जुड़े स्कूलों की संख्या 1992-93 में 3,787 से बढ़कर 2024-25 (8 अक्टूबर, 2025 तक) में 31,234 हो गई है. जानकारी के अनुसार 2025 में कक्षा 12 में छात्रों की संख्या 1.70 मिलियन से ज्यादा और कक्षा 10 में 2.38 मिलियन से ज्यादा हो गई.
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