NIT जमशेदपुर में इलेक्ट्रिकल लें या मैकेनिकल? चॉइस फिलिंग से पहले देखें प्लेसमेंट

NIT Jamshedpur Electrical vs Mechanical: JoSAA काउंसलिंग में फंस गए हैं कि इलेक्ट्रिकल लें या मैकेनिकल. जानें NIT जमशेदपुर में इलेक्ट्रिकल और मैकेनिकल ब्रांच का प्लेसमेंट डेटा और फ्यूचर स्कोप.

NIT Jamshedpur Electrical vs Mechanical: JoSAA काउंसलिंग के दौरान जब स्टूडेंट्स को एनआईटी जमशेदपुर में सीटें अलॉट होती हैं, तो अक्सर उनके मन में एक बड़ा कन्फ्यूजन होता है इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग चुनें या मैकेनिकल इंजीनियरिंग.

जमशेदपुर को भारत की ‘स्टील सिटी’ और ‘ऑटोमोबाइल हब’ कहा जाता है. टाटा मोटर्स और टाटा स्टील जैसे बड़े उद्योगों के बीच बसे होने के कारण इस कॉलेज में इन दोनों ही कोर ब्रांचेस का दबदबा सालों से रहा है. आइए जानते हैं कि पढ़ाई, प्लेसमेंट और भविष्य के हिसाब से आपके लिए कौन सी ब्रांच (NIT Jamshedpur Electrical vs Mechanical) बेहतर रहेगी.

NIT Jamshedpur Electrical vs Mechanical

तुलना का आधारइलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग (EE)मैकेनिकल इंजीनियरिंग (ME)
मुख्य फोकससर्किट्स, पावर ग्रिड, कंट्रोल सिस्टम, EVमशीनरी, ऑटोमोबाइल, रोबोटिक्स, मैन्युफैक्चरिंग
एवरेज पैकेज (अनुमानित)10 से 14 लाख रुपये सालाना8 से 11 लाख रुपये सालाना
टॉप रिक्रूटर्सTata Power, NTPC, Samsung, AmazonTata Motors, Tata Steel, L&T, Maruti Suzuki
करियर विकल्पकोर इलेक्ट्रिकल + सॉफ्टवेयर/IT सेक्टरकोर मैकेनिकल + ऑटोमेशन/EV बॉडी डिजाइन

NIT Jamshedpur Electrical vs Mechanical: दोनों के सिलेबस का अंतर समझें

  • इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग: अगर आपकी रुचि सर्किट, बिजली के ग्रिड, पावर जनरेशन, कंट्रोल सिस्टम और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसेस में है, तो यह ब्रांच आपके लिए है. इसमें आपको बिजली कैसे बनती है, कैसे ट्रांसफर होती है और कंप्यूटर या मशीनों में सर्किट्स कैसे काम करते हैं, यह सब सिखाया जाता है.
  • मैकेनिकल इंजीनियरिंग: अगर आपको बड़ी-बड़ी मशीनें, गाड़ियों के इंजन, रोबोटिक्स के पार्ट्स और मैन्युफैक्चरिंग प्रोसेस अपनी तरफ आकर्षित करते हैं, तो आपको मैकेनिकल चुननी चाहिए. इसमें फिजिक्स के सिद्धांतों का उपयोग करके मशीनें डिजाइन करना और उन्हें बनाना सिखाया जाता है.

NIT Jamshedpur Electrical vs Mechanical: किसका पलड़ा भारी है?

एनआईटी जमशेदपुर मैकेनिकल इंजीनियरिंग के लिए पूरे देश में फेमस रहा है. यहां की मैकेनिकल लैब, वर्कशॉप और प्रोफेसर्स का अनुभव बहुत अच्छा है.

दूसरी तरफ, यहां की इलेक्ट्रिकल ब्रांच भी कम नहीं है. पिछले कुछ सालों में जैसे-जैसे टेक कंपनियों का ट्रेंड बढ़ा है, इलेक्ट्रिकल के स्टूडेंट्स को कोडिंग सीखकर सॉफ्टवेयर कंपनियों में जाने का ज्यादा मौका मिलने लगा है.

IT Jamshedpur Placement: कहां मिलेगा ज्यादा पैकेज और नौकरी?

  • इलेक्ट्रिकल का फायदा: इस ब्रांच के स्टूडेंट्स के पास दो रास्ते होते हैं. पहला वे टाटा पावर या पीएसयू (जैसे NTPC, PGCIL) जैसी कोर कंपनियों में जा सकते हैं. दूसरा वे कोडिंग सीखकर अमेजन, सैमसंग या टीसीएस जैसी आईटी (IT) कंपनियों में बैठ सकते हैं. टेक कंपनियों में बैठने की छूट मिलने के कारण इलेक्ट्रिकल का एवरेज पैकेज मैकेनिकल से थोड़ा ज्यादा रहता है.
  • मैकेनिकल का फायदा: जमशेदपुर शहर खुद टाटा मोटर्स, टाटा स्टील और सैकड़ों ऑटोमोबाइल कंपोनेंट कंपनियों का घर है. इसलिए मैकेनिकल वालों के लिए कोर जॉब्स की यहाँ कभी कमी नहीं होती. टाटा मोटर्स, मारुति सुजुकी, एलएंडटी (L&T) जैसी दिग्गज कंपनियां यहां से भारी संख्या में स्टूडेंट्स को उठाती हैं. मैकेनिकल का एवरेज पैकेज 8 से 11 लाख रुपये सालाना के बीच रहता है.

आने वाले समय में EV और ऑटोमेशन में किसकी डिमांड होगी?

दुनिया अब इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EV), रिन्यूएबल एनर्जी और ऑटोमेशन की तरफ बढ़ रही है.इलेक्ट्रिकल इंजीनियर्स की डिमांड EV की बैटरी, पावर इलेक्ट्रॉनिक्स और चार्जिंग टेक्नोलॉजी बनाने में बहुत ज्यादा होने वाली है. वहीं, मैकेनिकल इंजीनियर्स की जरूरत EV की बॉडी डिजाइन करने, एरोडायनामिक्स, रोबोटिक्स और एडवांस मैन्युफैक्चरिंग (3D प्रिंटिंग) में हमेशा बनी रहेगी.

यह भी पढ़ें: IIT Jodhpur CSE vs AI: कंप्यूटर साइंस या आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस? देखें कटऑफ और प्लेसमेंट ट्रेंड

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Smita Dey

स्मिता दे प्रभात खबर में डिजिटल कंटेंट क्रिएटर के तौर पर काम कर रही हैं. बुक्स पढ़ना, डांसिंग और ट्रैवलिंग का शौक रखने वाली स्मिता युवाओं को बेहतर करियर गाइड करना और नौकरी के लिए प्रोत्साहित करना पसंद करती हैं.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >