गरीबी और भाई को खोने का दर्द, फिर भी नहीं टूटी हिम्मत, ऑटो ड्राइवर की बेटी ने क्रैक कर ली NEET परीक्षा

NEET Success Story Rubi Prajapati: रूबी प्रजापति की कहानी आपको भावुक कर सकती है. एक ऐसी बच्ची जो संसाधन के कमी से जूझती हुई नीट परीक्षा पास कर लेती है. रूबी के पिता ऑटो चालक हैं. आर्थिक हालात आसान नहीं थे. लेकिन गरीबी से जूझते हुए भी रूबी ने अपनी पढ़ाई जारी रखी. उन्होंने नीट परीक्षा में शानदार रैंक हासिल कर यह साबित कर दिया कि सच्ची मेहनत कभी बेकार नहीं जाती. आइए जानते हैं उनकी कहानी-

NEET Success Story Rubi Prajapati: नीट यूजी परीक्षा पास करना काफी मुश्किल है. खासकर ऐसे छात्र-छात्राओं के लिए जो संसाधन की कमी और आर्थिक तंगी के बीच पले या बड़े हुए हों. हालांकि, साहस और जुनून सफलता की गारंटी मानी जाती है. रूबी प्रजापति के लिए भी ऐसा कहना गलत नहीं होगा कि उन्होंने हिम्मत और जुनून के दम पर अपने मंजिल हासिल की. रूबी के पिता ऑटो चालक हैं. ऐसे में गरीबी से लड़कर भी रूबी ने अपनी पढ़ाई पूरी की और आखिरकार नीट परीक्षा में अच्छा रैंक लाकर सफलता हासिल कर ली. 

NEET Success Story: पिता चलाते हैं ऑटो 

रूबी मूल रूप से गुजरात (Gujarat News) की रहने वाली हैं. उनके परिवार में रूबी को मिलाकर चार लोग हैं, माता-पिता, एक बड़ा भाई और रूबी. उनका एक छोटा भाई भी था जो किसी बीमारी के कारण दुनिया से चला गया. रूबी के पिता ऑटो रिक्शा चालक हैं. अपनी सीमित कमाई से वे घर का पालन पोषण करते हैं. 

NEET Success Story: भाई को खोने के बाद डॉक्टर बनने का लिया फैसला 

रूबी ने गरीबी के कारण अपने भाई को खो दिया. इसका दु:ख उन्हें आज भी है. यही कारण था कि उन्होंने शुरुआत से ही अपना लक्ष्य तय कर लिया था. रूबी का ही एक सपना है कि वो डॉक्टर बनकर अपने जैसे लोगों का इलाज कर सकें. वे अपने गांव की मेडिकल सुविधाओं को मजबूत करना चाहती हैं. 

NEET Success Story: चार प्रयास में असफल होने के बाद भी नहीं मानी हार 

रूबी नीट यूजी परीक्षा के पहले चार प्रयास में असफल हो गईं. लेकिन इसके बाद भी उन्होंने हार नहीं मानी. रूबी अपनी गलतियों से सीखते गईं और वर्ष 2023 में एक बार फिर से परीक्षा दी. इस बार उन्हें सफलता मिली और अपने 5वें प्रयास में वे 635 अंकों के साथ उन्होंने NEET UG परीक्षा क्रैक कर लिया. 

MBBS College: इस कॉलेज से कर रही हैं एमबीबीएस 

रूबी प्रजापति वर्तमान समय में दिल्ली के सफदरजंग हॉस्पिटल वर्धमान मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहीं हैं. रूबी ने 12वीं तक की पढ़ाई सरकारी स्कूल से की है. इसके बाद कुछ रिश्तेदार और पिता के दोस्त की मदद से उन्होंने नीट परीक्षा की तैयारी के लिए फीस जुटाया. साथ ही रूबी गांव के बच्चों को ट्यूशन भी दिया करती थीं. 

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