80% स्कॉलरशिप के साथ लंदन के इस कॉलेज से करें मेडिकल और हेल्थकेयर की पढ़ाई

Medical and Healthcare Internships Abroad: हिंदूजा फाउंडेशन और किंग्स कॉलेज लंदन की इस साझा साझेदारी के तहत वर्ष 2026-27 के शैक्षणिक सत्र के लिए विशेष ‘हेल्थकेयर इनोवेशन स्कॉलरशिप’ (Healthcare Innovation Scholarships) की घोषणा की गई है.

Medical and Healthcare Scholarship Abroad: भारत और यूके के बीच हेल्थकेयर और इनोवेशन के क्षेत्र में अच्छी कोऑपरेशन है जिससे भारत के स्टूडेंट्स को फायदा हो सकता है. इसी सहयोग के तहत Hinduja Foundation ने King’s College London में भारतीय स्टूडेंट्स के लिए नई स्कॉलरशिप्स की घोषणा की है. यह प्रोग्राम भारतीय युवाओं को हायर एजुकेशन के बेहतरीन अवसर देगा और हेल्थकेयर सेक्टर में मॉडर्न टेक्नोलॉजी सीखने का अच्छा मौका प्रदान करेगा ताकि वे भारत और दुनिया भर में स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर बना सकें.

हिंदूजा ग्रुप की फिलैंथ्रॉपिक ब्रांच हिंदूजा फाउंडेशन ने दो साल पहले यूनाइटेड किंगडम की प्रसिद्ध यूनिवर्सिटी किंग्स कॉलेज लंदन के साथ पार्टनरशिप की थी. इस पार्टनरशिप का मुख्य लक्ष्य दोनों देशों में हेल्थकेयर सर्विसेज के रिजल्ट्स को बेहतर बनाना है. इसके जरिए भारत के टैलेंटेड स्टूडेंट्स को वर्ल्ड क्लास एजुकेशन मिल सकेगी, जो उन्हें हेल्थकेयर टेक्नोलॉजी और इनोवेशन के क्षेत्र में स्किल्ड बनाएगी तथा दोनों कंट्री की हेल्थ सिस्टम को नई ताकत देगी.

किस कोर्स के लिए है ये स्कॉलरशिप

इस प्रोग्राम में स्टूडेंट को दो मुख्य कोर्ससेस के लिए अच्छी स्कॉलरशिप्स दी जा रही हैं. पहली चार साल की फुल पीएचडी कोर्स है,जो हेल्थकेयर टेक्नोलॉजी में स्कूल ऑफ बायोमेडिकल इंजीनियरिंग एंड इमेजिंग साइंसेज में होगी. दूसरी एक साल की MSC कोर्स है, जो मेडटेक इनोवेशन एंड एंटरप्रेन्योरशिप पर आधारित है. ये कोर्स स्टूडेंट्स को हेल्थ सेक्टर में गहरी अंडरस्टैंडिंग, रिसर्च स्किल और प्रैक्टिकल नॉलेज देंगे.

अशोक हिंदूजा का बयान

Ashok Hinduja ने कहा कि उनकी सोच ‘एक्ट लोकल, थिंक ग्लोबल’ पर आधारित है. उन्होंने बताया कि भविष्य के टैलेंटेड स्टूडेंट्स में इन्वेस्टमेंट बहुत जरूरी है क्योंकि इससे भारत में मजबूत और फ्लेक्सिबल हेल्थ सिस्टम बन सकती है जो ग्लोबल स्टैंडर्ड्स के हिसाब से हो. यह प्रयास विकसित भारत के सपने को पूरा करने में भी अहम भूमिका निभाएगा. उन्होंने आगे कहा कि इस पार्टनरशिप से भारतीय स्टूडेंट्स को ग्लोबल एक्सपर्टीज मिलेगी, भारत की हेल्थ कैपेसिटी बढ़ेगी, रिसर्च और नॉलेज का विस्तार होगा तथा लंबे समय में भारत वर्ल्ड हेल्थ सेक्टर में अपनी मजबूत भूमिका निभा सकेगा.

Medical and Healthcare Scholarship Abroad: पिछले सत्र के स्टूडेंट्स

पिछले साल अक्टूबर में तीन पीएचडी और दो एमएससी स्टूडेंट्स ने किंग्स कॉलेज लंदन में पढ़ाई शुरू की थी. बाद में फरवरी 2026 में एक और पीएचडी स्टूडेंट्स शामिल हुए.अब 2026-2027 एकेडमिक सेशन के लिए जो की अक्टूबर में शुरू होगा और चार पीएचडी और पांच एमएससी स्कॉलरशिप्स के आवेदन खुले हुए हैं. इच्छुक स्टूडेंट्स इन अच्छे अवसरों के लिए आसानी से आवेदन कर सकते हैं और हेल्थ इनोवेशन के क्षेत्र में अपना करियर बना सकते हैं.

स्कॉलरशिप की शर्तें और फायदे

किंग्स कॉलेज लंदन के अनुसार, यह स्कॉलरशिप उन भारतीय स्टूडेंट के लिए है जिन्हें Msc, MedTech इनोवेशन एंड एंटरप्रेन्योरशिप कोर्स में एडमिशन मिला हो. इसमें आंशिक या पूरी ट्यूशन फीस कवर की जाती है. कुछ स्कॉलरशिप्स इंटरनेशनल फीस का 80 प्रतिशत कवर करती हैं जबकि चार स्कॉलरशिप्स 50 प्रतिशत कवर करेंगी. यह प्रोग्राम हिंदूजा-किंग्स हेल्थ पार्टनर्स अकादमी के जरिए चल रहा है. इसका उद्देश्य भारत और यूके में नए हेल्थ प्रोफेशनल्स और बायोमेडिकल इनोवेटर्स तैयार करना तथा नई मेडिकल टेक्नोलॉजी विकसित करना है. स्टूडेंट्स को यहां वर्ल्ड क्लास नॉलेज, रियल हेल्थकेयर एक्सपीरियंस और इनोवेशन बेस्ड एजुकेशन मिलेगी, जो भारत की जरूरतों को पूरा करने में मदद करेगी.अधिक जानकारी के लिए आप कॉलेज की आधिकारिक वेबसाईट देख सकते है.

हिंदूजा फाउंडेशन ने कहा कि यह पार्टनरशिप एजुकेशन, रिसर्च और सोशल सर्विस के जरिए पॉजिटिव और लॉन्ग टर्म बदलाव लाने की उनकी मजबूत कमिटमेंट को दिखाती है. यह हेल्थ एजुकेशन, ट्रेनिंग और रिसर्च को आगे बढ़ाने के लिए किया गया है ताकि दोनों देशों के स्टूडेंट्स अच्छा भविष्य बना सकें और समाज की भलाई में योगदान दें.

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Published by: Bhumi Sharma

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