IPS Lakshya Pandey Success Story: लक्ष्य तक पहुंचे 'लक्ष्य', बिना कोचिंग चौथे अटेम्प्ट में UPSC पास

IPS Lakshya Pandey Success Story: IPS लक्ष्य पांडे देश के मेहनती और दृढ़ संकल्प वाले युवा अधिकारियों में गिने जाते हैं. उन्होंने तीन बार UPSC में असफलता झेली, लेकिन कभी हार नहीं मानी. सेल्फ-स्टडी के जरिए तैयारी करते हुए उन्होंने चौथे प्रयास में परीक्षा पास की और 2018 में ऑल इंडिया रैंक 318 के साथ आईपीएस बने. उनकी कहानी हौसले, लगन और आत्मविश्वास की मिसाल है.

IPS Lakshya Pandey Success Story: लक्ष्य पांडे का नाम देश के एक मेहनती और हिम्मती नौजवान आईपीएस अधिकारियों में शामिल हैं. लक्ष्य पांडे की खास बात ये है कि उन्होंने कई असफलता हासिल की, लेकिन हार नहीं मानी. तीन बार असफल होने के बाद भी वो डटे रहे और आखिरकार चौथी बार में उन्होंने UPSC की परीक्षा पास कर ली. आइए उनकी इस सफलता के पीछे के संघर्ष को करीब से जानते हैं.

IPS Lakshya Pandey: कौन हैं लक्ष्य पांडे?

IPS लक्ष्य पांडे का जन्म 26 मार्च 1993 को उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले में हुआ था. वे एक सपोर्टिव परिवार से आते हैं उनके पिता चंद्र प्रकाश पांडे एक पूर्व फार्मासिस्ट हैं. लक्ष्य पांडे के घर के लोगो ने उनका खूब सपोर्ट किया और उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा दी.

Education qualification: शैक्षणिक योग्यता

लक्ष्य पांडे ने अपनी प्रारंभिक और उच्च शिक्षा दिल्ली के लोदी रोड स्थित बैनियन ट्री स्कूल से पूरी की हैं. स्कूल की पढ़ाई के बाद, उन्होंने गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय दिल्ली से बीटेक की डिग्री प्राप्त की हैं. बीटेक के दौरान ही उनका मन सिविल सर्विस में जाने का हुआ.

UPSC के लिए टिप्स

लक्ष्य पांडे बताते हैं कि सेल्फ स्टडी करें कोचिंग से ज्यादा खुद की पढ़ाई पर भरोसा करें और सही किताबों से पढ़ें. उन्होंने ये भी कहा की कम किताबें हों लेकिन ज्यादा रिवीजन करें जिससे चुनिंदा किताबें की समझ होती हैं. लक्ष्य पांडे का फॉर्मूला Minimum Books+Maximum Revision = Success. लक्ष्य पांडे कहते हैं की कक्षा 6 से NCERT किताबें पढ़ने की जरूरत नहीं है. अखबार पढ़ने में एक घंटे से ज्यादा समय बर्बाद न करें और करंट अफेयर्स के लिए मैगजीन या ढेर सारी किताबें पढ़ने से बचें.

UPSC Preparation Booklist: UPSC की तैयारी के लिए कुछ किताबें

विषयकिताब / नोट्स का नामलेखक / स्रोत
भूगोल (Geography)भारतीय एवं विश्व भूगोल (कक्षा 11 की NCERT)NCERT
भूगोलPhysical and Human Geographyगोह चेंग लियोंग
राजनीति (Polity)भारतीय राज्यव्यवस्थाएम. लक्ष्मीकांत (Laxmikanth)
आधुनिक इतिहासस्पेक्ट्रम – A Brief History of Modern Indiaराजीव अहिर (Rajiv Ahir)
पर्यावरण (Environment)पर्यावरण के नोट्सशंकर IAS (Shankar IAS Notes)
अर्थशास्त्र (Economy)अर्थशास्त्र के नोट्सश्री राम IAS
विज्ञान और तकनीकNCERT विज्ञान समरीअंबालिका स्मिता

The UPSC journey : UPSC की तैयारी का सफर

लक्ष्य की सफलता की राह आसान नहीं थी. उन्होंने बीटेक की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी करने का निर्णय लिया था. उन्हें पहले तीन प्रयासों में असफलता मिलने के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी. लक्ष्य ने कभी किसी कोचिंग संस्थान से पढ़ाई नहीं की बल्कि पूरी तैयारी सेल्फ-स्टडी के माध्यम से की थी. 2018 में उनकी मेहनत रंग लाई जब उन्होंने यूपीएससी परीक्षा पास की और ऑल इंडिया रैंक 318 हासिल कर आईपीएस अधिकारी बने.

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Lakshay pandey की लिखी हुई किताब

लक्ष्य पांडे, जो एक IPS अधिकारी हैं, ने UPSC सिविल सेवा परीक्षा (Prelims) के लिए एक बेहद उपयोगी CSAT गाइडबुक तैयार की है, जो खास तौर पर उन छात्रों के लिए बनाई गई है जिन्हें मैथ्स और रीजनिंग जैसे विषय कठिन लगते हैं.यह किताब सरल भाषा में लिखी गई है ताकि कोई भी छात्र आसानी से समझ सके और बिना कोचिंग के भी Self Study कर सके.

इसमें गणित, लॉजिकल रीजनिंग, डेटा इंटरप्रिटेशन और कॉम्प्रिहेन्शन जैसे सभी ज़रूरी टॉपिक्स शामिल हैं, साथ ही हर अध्याय के बाद प्रैक्टिस के लिए सवाल भी दिए गए हैं. इस किताब की खास बात यह है कि इसमें UPSC के पुराने प्रश्नों और पिछले वर्षों के पेपर के ट्रेंड्स को ध्यान में रखकर सामग्री तैयार की गई है.

रिपोर्ट- श्रेया सलोनी पांडे

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Author: Ravi Mallick

रवि मल्लिक, प्रभात खबर डिजिटल में सीनियर कंटेट राइटर हैं. सर्वविद्या की राजधानी कहे जाने वाले वाराणसी के रहने वाले हैं. यहीं से पढ़ाई की शुरुआत हुई. भारतेंदु हरिश्चंद्र इंटर कॉलेज से स्कूलिंग खत्म करने के बाद महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन पूरा किया. इसके बाद पत्रकारिता की ओर दिलचस्पी जगी और आगे की पढ़ाई के लिए लखनऊ चले गए. स्वामी विवेकानंद सुभारती यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में मास्टर्स की डिग्री हासिल की. पढ़ाई के दौरान लखनऊ में रहकर 2017 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव और साल 2019 के लोकसभा चुनाव को करीब से देखा और एक लोकर वेबसाइट के साथ काम किया. डिजिटल युग में पत्रकारिता की शुरुआत होने के चलते रवि मल्लिक Digital News को अच्छे से समझते भी हैं और उसे तराशना भी जानते हैं. पॉलिटिक्स, क्राइम और बिग ब्रेकिंग खबरों पर हाथ साफ करने के बाद साल 2019 में रवि की रुचि एजुकेशन न्यूज की ओर हुई. अमर उजाला के सफलता प्लेटफॉर्म से उन्होंने एजुकेशन की खबरों पर काम करना शुरू किया. एजुकेशन न्यूज पर काम शुरू करने के साथ-साथ रवि के करियर की गाड़ी भी आगे चली. साल 2020 में उन्होंने TV9 भारतवर्ष डिजिटल ज्वाइन किया और इस संस्थान में Career कैटेगरी की शुरुआत की. यहां करियर कैटेगरी पर काम करते हुए 3 साल पूरे कर लिए. साल 2024 में रवि मल्लिक Times Network के टाइम्सनाउ हिंदी के एजुकेशन टीम के साथ जुड़े. जॉब, स्कूली शिक्षा, बोर्ड परीक्षा और रिजल्ट की खबरों पर काम करते हुए एक साल पूरा किया. साल 2025 से रवि प्रभात खबर डिजिटल की यंग और एनर्जेटिक टीम के साथ जुड़े हैं. रवि युवाओं को बेहतर करियर ऑप्शन, करेंट अफेयर्स और नई वैकेंसी के बारे में बताना पसंद करते हैं. बोर्ड परीक्षा हो या UPSC, JEE, CUET और NEET जैसे कॉम्पिटेटिव एग्जाम इनके लिए स्मार्ट टिप्स तैयार करना अच्छा लगता है. एग्जाम टॉपर्स से बात करना और उनकी स्ट्रेटजी के बारे में छात्रों को बताना पसंद है. कॉलेजों के बारे में डिटेल्स में बताना हो या किसी कोर्स की पूरी जानकारी रवि अच्छे से समझा सकते हैं. एजुकेशन न्यूज पर 7 साल का अनुभव रखने वाले रवि मल्लिक के लिए युवाओं को प्रेरित करना, उनके बीच के मुद्दों को उठाना, सही व सटीक जानकारी देना ही प्राथमिकता रही है.

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