डेटा साइंटिस्ट की बढ़ी डिमांड, 6 महीने के कोर्स से पाएं लाखों की जॉब

How to Become Data Scientist: आज के डिजिटल दौर में हर कंपनी डेटा पर निर्भर है. यही वजह है कि डेटा साइंटिस्ट की मांग दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही है. चाहे बैंक हों, ई-कॉमर्स साइट्स या हेल्थ सेक्टर हर जगह डेटा एनालिसिस की जरूरत है. डेटा साइंटिस्ट कंपनी को बेहतर निर्णय लेने और प्रॉफिट बढ़ाने में मदद करते हैं.

How to Become Data Scientist: जॉब मार्केट में डेटा साइंटिस्ट की डिमांड बहुत तेजी से बढ़ रही है. हर छोटी-बड़ी कंपनी अब ऐसे लोगों को हायर करना चाहती है जो डेटा को समझकर सही फैसले लेने में मदद कर सकें. मोबाइल ऐप्स, ऑनलाइन शॉपिंग साइट्स, बैंक्स, अस्पतालों से लेकर सरकारी संस्थान तक हर जगह डेटा साइंस का इस्तेमाल हो रहा है. यही वजह है कि इस फील्ड में करियर बनाने वाले युवाओं की संख्या भी तेजी से बढ़ रही है.

How to Become Data Scientist: करें शॉर्ट टर्म कोर्स

डेटा साइंस सीखने के लिए अब लंबी डिग्री की जरूरत नहीं है. कई संस्थान सिर्फ 6 महीने का कोर्स ऑफर करते हैं जिसमें Python, Machine Learning, AI और Data Visualization जैसे टॉपिक्स सिखाए जाते हैं. इन कोर्सों में प्रैक्टिकल ट्रेनिंग भी मिलती है जिससे छात्रों को असली इंडस्ट्री एक्सपीरियंस होता है.

Data Scientist जॉब ऑप्शन

कोर्स पूरा करने के बाद उम्मीदवारों के लिए बड़ी कंपनियों के दरवाजे खुल जाते हैं. शुरुआती सैलरी ही 6 से 10 लाख रुपये तक होती है, जबकि अनुभव के साथ यह 20 लाख रुपये या उससे अधिक भी पहुंच सकती है. Google, Amazon, Microsoft और TCS जैसी कंपनियां नियमित रूप से डेटा साइंटिस्ट्स (Data Scientist) की भर्ती करती हैं.

अगर आपको कंप्यूटर, मैथ्स या एनालिटिक्स में रुचि है, तो यह कोर्स आपके लिए सही है. इंजीनियरिंग, कॉमर्स या साइंस बैकग्राउंड वाले छात्र भी इसे कर सकते हैं. जरूरी है कि आपके पास बेसिक लॉजिकल और एनालिटिकल सोच हो ताकि आप डेटा को समझकर उपयोगी जानकारी निकाल सकें.

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डेटा साइंटिस्ट कोर्स कितने साल का होता है?

डेटा साइंस कोर्स की अवधि इस बात पर निर्भर करती है कि आप कौन सा कोर्स चुनते हैं. अगर आप डिप्लोमा या सर्टिफिकेट कोर्स करना चाहते हैं, तो यह 6 महीने से 1 साल तक का होता है. वहीं, अगर आप डिग्री जैसे BSc या BTech इन डेटा साइंस करते हैं, तो यह 3 से 4 साल का कोर्स होता है.

क्या मैं 12वीं के बाद डेटा साइंटिस्ट बन सकता हूं?

हां, 12वीं के बाद भी आप डेटा साइंस की पढ़ाई शुरू कर सकते हैं. इसके लिए सबसे पहले आपको ग्रेजुएशन करना होगा जैसे कि कंप्यूटर साइंस, मैथ्स या स्टैटिस्टिक्स में. इसके बाद आप डेटा साइंस का प्रोफेशनल कोर्स या पोस्ट-ग्रेजुएट प्रोग्राम करके इस क्षेत्र में करियर बना सकते हैं.

डेटा साइंटिस्ट बनने में कितने साल लगते हैं?

डेटा साइंटिस्ट (Data Scientist) बनने में आम तौर पर 3 से 5 साल का समय लग सकता है. इसमें ग्रेजुएशन, जरूरी स्किल्स सीखना और प्रैक्टिकल एक्सपीरियंस हासिल करना शामिल है. अगर आप शॉर्ट टर्म कोर्स या सर्टिफिकेशन कोर्स करते हैं, तो सिर्फ 6 महीने से 1 साल में भी शुरुआत की जा सकती है.

12वीं के बाद डेटा साइंटिस्ट कैसे बने?

12वीं के बाद सबसे पहले आपको कंप्यूटर, मैथ्स या स्टैटिस्टिक्स जैसे विषयों में ग्रेजुएशन करनी चाहिए. इसके बाद डेटा साइंस का स्पेशल कोर्स करें जिसमें Python, Machine Learning, और Data Analysis जैसे विषय शामिल हों. साथ ही, लाइव प्रोजेक्ट्स या इंटर्नशिप से प्रैक्टिकल नॉलेज लेना जरूरी है.

डेटा साइंटिस्ट का काम क्या होता है?

डेटा साइंटिस्ट (Data Scientist) का काम बड़े-बड़े डेटा को समझना, उनका विश्लेषण करना और उनमें से काम की जानकारी निकालना होता है. वे कंपनी को डेटा के आधार पर फैसले लेने में मदद करते हैं. उनका काम डेटा कलेक्शन, क्लीनिंग, एनालिसिस और रिपोर्ट तैयार करने से लेकर मशीन लर्निंग मॉडल बनाने तक होता है.

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लेखक के बारे में

Author: Ravi Mallick

रवि मल्लिक, प्रभात खबर डिजिटल में सीनियर कंटेट राइटर हैं. सर्वविद्या की राजधानी कहे जाने वाले वाराणसी के रहने वाले हैं. यहीं से पढ़ाई की शुरुआत हुई. भारतेंदु हरिश्चंद्र इंटर कॉलेज से स्कूलिंग खत्म करने के बाद महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन पूरा किया. इसके बाद पत्रकारिता की ओर दिलचस्पी जगी और आगे की पढ़ाई के लिए लखनऊ चले गए. स्वामी विवेकानंद सुभारती यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में मास्टर्स की डिग्री हासिल की. पढ़ाई के दौरान लखनऊ में रहकर 2017 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव और साल 2019 के लोकसभा चुनाव को करीब से देखा और एक लोकर वेबसाइट के साथ काम किया. डिजिटल युग में पत्रकारिता की शुरुआत होने के चलते रवि मल्लिक Digital News को अच्छे से समझते भी हैं और उसे तराशना भी जानते हैं. पॉलिटिक्स, क्राइम और बिग ब्रेकिंग खबरों पर हाथ साफ करने के बाद साल 2019 में रवि की रुचि एजुकेशन न्यूज की ओर हुई. अमर उजाला के सफलता प्लेटफॉर्म से उन्होंने एजुकेशन की खबरों पर काम करना शुरू किया. एजुकेशन न्यूज पर काम शुरू करने के साथ-साथ रवि के करियर की गाड़ी भी आगे चली. साल 2020 में उन्होंने TV9 भारतवर्ष डिजिटल ज्वाइन किया और इस संस्थान में Career कैटेगरी की शुरुआत की. यहां करियर कैटेगरी पर काम करते हुए 3 साल पूरे कर लिए. साल 2024 में रवि मल्लिक Times Network के टाइम्सनाउ हिंदी के एजुकेशन टीम के साथ जुड़े. जॉब, स्कूली शिक्षा, बोर्ड परीक्षा और रिजल्ट की खबरों पर काम करते हुए एक साल पूरा किया. साल 2025 से रवि प्रभात खबर डिजिटल की यंग और एनर्जेटिक टीम के साथ जुड़े हैं. रवि युवाओं को बेहतर करियर ऑप्शन, करेंट अफेयर्स और नई वैकेंसी के बारे में बताना पसंद करते हैं. बोर्ड परीक्षा हो या UPSC, JEE, CUET और NEET जैसे कॉम्पिटेटिव एग्जाम इनके लिए स्मार्ट टिप्स तैयार करना अच्छा लगता है. एग्जाम टॉपर्स से बात करना और उनकी स्ट्रेटजी के बारे में छात्रों को बताना पसंद है. कॉलेजों के बारे में डिटेल्स में बताना हो या किसी कोर्स की पूरी जानकारी रवि अच्छे से समझा सकते हैं. एजुकेशन न्यूज पर 7 साल का अनुभव रखने वाले रवि मल्लिक के लिए युवाओं को प्रेरित करना, उनके बीच के मुद्दों को उठाना, सही व सटीक जानकारी देना ही प्राथमिकता रही है.

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