Biomedical Engineering दे रहा कमाई का बड़ा मौका, जानें क्यों बढ़ रही है डिमांड

Biomedical Engineering Career: बायोमेडिकल इंजीनियरिंग मेडिकल और इंजीनियरिंग का बेहतरीन मेल है. जानें कैसे 12वीं के बाद इस फील्ड में आप आगे बढ़ सकते हैं. साथ ही जानिए बायोमेडिकल इंजीनियरिंग के लिए टॉप कॉलेज और करियर के अवसर क्या-क्या है.

Biomedical Engineering Career: आज के समय में हेल्थ और टेक्नोलॉजी दोनों तेजी से आगे बढ़ रहे हैं. ऐसे में एक ऐसा करियर भी काफी पॉपुलर हो रहा है, जिसमें मेडिकल और इंजीनियरिंग दोनों का मेल देखने को मिलता है. इस फील्ड का नाम है बायोमेडिकल इंजीनियरिंग. अगर आप 12वीं के बाद ऐसा कोर्स करना चाहते हैं जिसमें अच्छी नौकरी, बढ़िया सैलरी और फ्यूचर  में ग्रोथ हो, तो यह ऑप्शन आपके लिए शानदार साबित हो सकता है. 

क्या होती है Biomedical Engineering?

बायोमेडिकल इंजीनियरिंग एक ऐसी फील्ड है जिसमें मेडिकल साइंस और इंजीनियरिंग को मिलाकर काम किया जाता है. इसका मुख्य काम ऐसे टूल्स और मशीनें तैयार करना होता है जो मरीजों के इलाज में मदद करें. जैसे MRI मशीन, X-Ray मशीन, Artificial Heart, Hearing Device और कई मेडिकल टूल्स. इस फील्ड के प्रोफेशनल्स हॉस्पिटल्स, रिसर्च सेंटर और मेडिकल कंपनियों में काम करते हैं. बायोमेडिकल इंजीनियर डॉक्टरों और मरीजों की मदद के लिए नई टेक्नोलॉजी तैयार करते हैं. 

क्यों बढ़ रही है इसकी डिमांड?

आज हॉस्पिटलों में नई-नई मशीनों का यूज तेजी से बढ़ रहा है. हर जगह डिजिटल हेल्थ सिस्टम और एडवांस मेडिकल टूल्स की जरूरत पड़ रही है. इसी वजह से बायोमेडिकल इंजीनियर्स की मांग भी बढ़ती जा रही है. भारत के साथ-साथ विदेशों में भी इस फील्ड में नौकरी के अच्छे मौके मिल रहे हैं. आने वाले समय में हेल्थ सेक्टर और ज्यादा बड़ा होने वाला है, इसलिए इस करियर का भविष्य काफी मजबूत माना जा रहा है. 

कौन-कौन से कोर्स उपलब्ध हैं?

Biomedical Engineering में कई तरह के कोर्स किए जा सकते हैं. जैसे कि-

  • BTech in Biomedical Engineering
  • Diploma in Biomedical Engineering
  • MTech in Biomedical Engineering
  • Certificate Courses

करियर के शानदार अवसर

बायोमेडिकल इंजीनियरिंग करने के बाद आप सिर्फ हॉस्पिटलों तक सीमित नहीं रहते. आपके पास करियर के कई ऑप्शन खुल जाते हैं:

  • बायोमेडिकल इक्विपमेंट टेक्नीशियन: अस्पतालों में बड़ी मशीनों का रखरखाव करना. 
  • रिसर्च और डेवलपमेंट (R&D): नई दवाएं या नई हेल्थ-टेक मशीनें बनाने वाली कंपनियों में साइंटिस्ट के तौर पर काम करना. 
  • मैन्युफैक्चरिंग: ऐसी कंपनियां जो स्टेंट, प्रोस्थेटिक्स या सर्जिकल टूल्स बनाती हैं. 
  • सॉफ्टवेयर इंजीनियर (हेल्थकेयर): मेडिकल ऐप्स और सॉफ्टवेयर डिजाइन करना जो मरीजों के डेटा का एनालिसिस कर सकें. 

टॉप कॉलेज 

कॉलेज का नामस्थानमुख्य प्रवेश परीक्षा (Entrance Exam)विशेषता
IIT मद्रासचेन्नईJEE Advancedरिसर्च और इनोवेशन में भारत में नंबर 1
IIT बॉम्बेमुंबईJEE Advancedबायो-सेंसर और नैनो-टेक्नोलॉजी के लिए बेस्ट
IIT हैदराबादहैदराबादJEE Advancedबायोमेडिकल विभाग और मॉडर्न लैब्स
IIT दिल्लीनई दिल्लीJEE Advancedसेंटर फॉर बायोमेडिकल इंजीनियरिंग (CBME) के लिए पॉपुलर 
NIT राउरकेलाओडिशाJEE Mainबायो-मटेरियल्स और टिश्यू इंजीनियरिंग में अग्रणी
VIT वेल्लोरतमिलनाडुVITEEEशानदार इंफ्रास्ट्रक्चर और टॉप कंपनियों में प्लेसमेंट
मणिपाल (MIT)कर्नाटकMETमेडिकल कॉलेज (KMC) के साथ होने से बेहतरीन प्रैक्टिकल ट्रेनिंग
SRM यूनिवर्सिटीचेन्नईSRMJEEEमेडिकल इंस्ट्रुमेंटेशन और सॉफ्टवेयर पर विशेष फोकस

कितनी मिलेगी सैलरी?

शुरुआत में एक बायोमेडिकल इंजीनियर की सैलरी लगभग  3 से 5 लाख रुपये सालाना का पैकेज होता है. जैसे-जैसे आपका अनुभव बढ़ता है और आप बड़ी मल्टीनेशनल कंपनियों (जैसे GE Healthcare, Siemens, Philips) में जाते हैं, यह पैकेज 10 से 20 लाख रुपये या उससे भी अधिक हो सकता है. 

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लेखक के बारे में

Published by: Smita Dey

स्मिता दे प्रभात खबर में डिजिटल कंटेंट क्रिएटर के तौर पर काम कर रही हैं. बुक्स पढ़ना, डांसिंग और ट्रैवलिंग का शौक रखने वाली स्मिता युवाओं को बेहतर करियर गाइड करना और नौकरी के लिए प्रोत्साहित करना पसंद करती हैं.

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