BPSC Success Story: ग्रेजुएशन से ही सिविल सेवा में जाने का सपना देखने वाली नेहा कुमारी को तीसरे प्रयास में सफलता मिली. जहां दूसरे कैंडिडेट्स एक बार असफल होने से घबरा जाते हैं और महंगे-महंगे कोचिंग की फीस भरने को तैयार हो जाते हैं. वहीं नेहा ने दो प्रयासों तक असफल होने के बाद भी हार नहीं मानी और अपनी सेल्फ स्टडी पर भरोसा जताया. पटना की नेहा तीसरे प्रयास में 70वीं BPSC परीक्षा में रैंक 3089 हासिल कर Revenue Officer के पद पर चयनित हो गईं.
पटना से शुरू हुआ सपना
नेहा कुमारी पटना जिले के चांदपुर, जक्कनपुर की रहने वाली हैं. उनके पिता सरोज कुमार और माता सरोज देवी हैं. उन्होंने अपनी शुरुआती पढ़ाई प्रकृति स्कूल, जयप्रकाश नगर, पटना से की है. इसके बाद पटना के AN College से PCM विषयों के साथ इंटरमीडिएट किया. वर्ष 2020 में उन्होंने इसी कॉलेज से पॉलिटिकल साइंस (ऑनर्स) में ग्रेजुएशन पूरा किया. बाद में उन्होंने BEd की पढ़ाई भी पूरी की.
ग्रेजुएशन के बाद नेहा ने BPSC क्रैक करने का मन बनाया
ग्रेजुएशन पूरा करने के बाद नेहा ने फैसला कर लिया था कि उन्हें सरकारी अधिकारी बनकर समाज के लिए काम करना है. उन्होंने पहले UPSC की तैयारी शुरू की. साल 2023 में UPSC परीक्षा भी दी, लेकिन सफलता नहीं मिली. इसके बाद उन्होंने पूरा फोकस BPSC पर कर दिया.
दो बार फेल हुईं, लेकिन हिम्मत नहीं हारी
नेहा का पहला प्रयास 68वीं BPSC था. इसमें सफलता नहीं मिली. इसके बाद उन्होंने 69वीं BPSC परीक्षा दी, लेकिन इस बार भी रिजल्ट उनके पक्ष में नहीं आया. लगातार दो असफलताओं के बाद भी उन्होंने तैयारी नहीं छोड़ी. उन्होंने अपनी गलतियों को समझा, स्ट्रैटजी में बदलाव किया और रेगुलर प्रैक्टिस जारी रखी.
कोचिंग नहीं, सेल्फ स्टडी बनी ताकत
आज ज्यादातर छात्र प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए महंगी कोचिंग का सहारा लेते हैं. लेकिन नेहा ने पूरी तैयारी सेल्फ स्टडी से की. उन्होंने सिलेबस को छोटे-छोटे हिस्सों में बांटा, NCERT और स्टैंडर्ड किताबों से पढ़ाई की, पुराने साल के सवालों को हल किए और लगातार आंसर लिखने की प्रैक्टिस की. यही उनकी सबसे बड़ी ताकत बनी. पुराने साल के सवालों को हल करने और तैयारी के लिए नेहा ने यूट्यूब की मदद ली.
तीसरे प्रयास में मिली सफलता
साल 2024 में उन्होंने 70वीं BPSC परीक्षा दी. इस बार उनकी मेहनत रंग लाई. उन्होंने रैंक 3089 हासिल की और Revenue Officer का पद हासिल किया. सफलता मिलने के बाद भी उन्होंने पढ़ाई नहीं छोड़ी. वर्ष 2025 में उन्होंने 71वीं BPSC प्रीलिम्स भी पास किया. इसके अलावा 2026 में CET क्वालिफाई किया और BEd की पढ़ाई भी पूरी की.
असफलता ने सिखाया सबसे बड़ा सबक
नेहा का मानना है कि फेल होना किसी भी सफर का अंत नहीं होता. अगर इंसान अपनी गलतियों से सीख ले, खुद पर भरोसा बनाए रखे और रेगुलर मेहनत करता रहे तो सफलता जरूर मिलती है. उनके अनुसार मेहनत करना हमारे हाथ में है, जबकि रिजल्ट सही समय पर मिलता है. इसलिए मुश्किल समय में भी उम्मीद नहीं छोड़नी चाहिए.
माता-पिता और गुरु रहे सबसे बड़े सपोर्ट
नेहा अपनी सफलता का क्रेडिट अपने माता-पिता, टीचर्स और परिवार को देती हैं. उनका कहना है कि जब भी वह निराश हुईं, परिवार ने उनका हौसला बढ़ाया. इसी सपोर्ट ने उन्हें आगे बढ़ने की ताकत दी. वह ईश्वर का भी धन्यवाद करती हैं कि उन्हें समाज की सेवा करने का मौका मिला.
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