विदेश में इंजीनियरिंग की पढ़ाई के लिए NOC जरूरी, पाकिस्तान में पढ़ने के लिए लेनी होगी ये इजाजत

एआइसीटीइ द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि ऐसे भारतीय नागरिक/भारत के प्रवासी नागरिक, जो पाकिस्तान में इंजीनियरिंग और टेक्निकल कोर्स के लिए उच्च शिक्षा में नामांकन लेना चाहते हैं, उन्हें एआइसीटीइ से अनापत्ति प्रमाण पत्र लेना होगा.

देश के विद्यार्थियों को अब विदेशों में स्नातक व स्नातकोत्तर स्तर पर तकनीकी शिक्षा के लिए नामांकन कराने से पूर्व अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआइसीटीइ) से एनअोसी लेना जरूरी होगा. इसको लेकर गाइडलाइन और चेतावनी जारी की गयी है.

एआइसीटीइ द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि ऐसे भारतीय नागरिक/भारत के प्रवासी नागरिक, जो पाकिस्तान में इंजीनियरिंग और टेक्निकल कोर्स के लिए उच्च शिक्षा में नामांकन लेना चाहते हैं, उन्हें एआइसीटीइ से अनापत्ति प्रमाण पत्र लेना होगा. एअाइसीटीइ के सदस्य प्रो राजीव कुमार के अनुसार, इसके लिए छात्रों को काउंसिल की वेबसाइट पर उपलब्ध निर्धारित प्रारूप में आवेदन करना होगा.

संस्थान की मान्यता व अभिभावकों पर वित्तीय बोझ को लेकर जारी की गयी चेतावनी : प्रो राजीव कुमार ने कहा कि काउंसिल को जानकारी मिली है कि भारत से कई विद्यार्थी विदेशों में स्नातक व स्नातकोत्तर स्तर पर डिग्री प्राप्त करने के लिए जाते हैं. लेकिन, उनके द्वारा प्राप्त की गयीं डिग्रियों की मान्यता नहीं रहने के कारण उसे प्रमाणित करने के लिए विद्यार्थियों को दर-दर की ठोकरें खानी पड़ती हैं.

कई बार उन्हें प्रदान की गयी विदेशी डिग्रियों की वैधता/समकक्षता भारतीय संस्थानों से उत्तीर्ण छात्रों को प्रदान की गयी डिग्री के बराबर नहीं होती है. डिग्री के लिए विद्यार्थियों को भारी शुल्क भी खर्च करना पड़ता है. जबकि, ऐसे विद्यार्थियों को विदेशी विवि से डिग्री प्राप्त करने के बाद भारत में नौकरी (सरकारी/निजी क्षेत्र) या उच्च शिक्षा में अवसर प्राप्त करने के लिए कई तरह की समस्या का सामना करना पड़ता है.

प्रो कुमार ने कहा है कि शिकायत मिलने के बाद ही एआइसीटीइ ने इसे संज्ञान में लिया है. साथ ही ऐसे विद्यार्थियों के अभिभावकों को वित्तीय बोझ से बचने के लिए चेतावनी दी गयी है. उन्होंने कहा कि विद्यार्थी ऐसी डिग्री प्राप्त करने से पूर्व उसकी वैधता की जांच ठीक से कर लें.

मित्र देश की सूची में नहीं है पाकिस्तान: झारखंड यूनिवर्सिटी अॉफ टेक्नोलॉजी के कुलपति डॉ प्रदीप कुमार मिश्र ने कहा है कि कई बार विद्यार्थी विदेश से डिग्री लेकर आते हैं, लेकिन भारत में इसकी मान्यता नहीं रहने पर उन्हें परेशानी होती है. वहीं, एआइसीटीइ ने पाकिस्तान के लिए भी अनुमति लेने का अलग से आदेश जारी किया है. इसका मुख्य कारण भारत के मित्र देशों की सूची में पाकिस्तान का नाम नहीं है.

Posted by: Pritish Sahay

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