Zomato Analogue Dairy Policy: फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म Zomato ने अपने प्लेटफॉर्म पर एनालॉग चीज, एनालॉग पनीर और दूसरे एनालॉग डेयरी प्रोडक्ट्स वाले खाने की बिक्री को लेकर सख्त रुख अपनाया है. कंपनी ने सोमवार को जीरो टॉलरेंस पॉलिसी का ऐलान करते हुए कहा कि नियमों का पालन नहीं करने वाले रेस्टोरेंट्स को प्लेटफॉर्म से हटाया भी जा सकता है.
कंपनी के मुताबिक, जिन रेस्टोरेंट पार्टनर्स ने पहले ही अपने मेन्यू में एनालॉग डेयरी प्रोडक्ट्स के इस्तेमाल की जानकारी दी है, उनके ऐसे डिश को तत्काल प्रभाव से प्लेटफॉर्म से हटा दिया गया है.
आखिर एनालॉग चीज या पनीर होता क्या है?
एनालॉग डेयरी प्रोडक्ट्स ऐसे ऑप्शन होते हैं, जो देखने और इस्तेमाल में असली चीज या पनीर जैसे लग सकते हैं, लेकिन उनमें पारंपरिक डेयरी सामग्री की जगह दूसरे या सस्ते ऑप्शंस का इस्तेमाल किया जाता है. उदाहरण के तौर पर, असली दूध या चीज की जगह प्लांट ऑयल जैसे ऑप्शन इस्तेमाल किए जा सकते हैं. Zomato का कहना है कि उसका फोकस इस बात पर है कि ग्राहकों को वही खाना मिले, जैसा उसे मेन्यू में बताया और दिखाया गया है.
Zomato ने रेस्टोरेंट्स को क्या करने को कहा?
कंपनी ने अपने रेस्टोरेंट पार्टनर्स से तुरंत जरूरी कदम उठाने को कहा है. इनमें शामिल हैं:
- जहां संभव हो, एनालॉग डेयरी की जगह प्राकृतिक डेयरी प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करना.
- अगर तुरंत बदलाव संभव नहीं है, तो एनालॉग चीज, पनीर या अन्य डेयरी विकल्पों वाले डिश को मेन्यू से हटाना.
- सप्लायर्स से मिलने वाले प्रोडक्ट्स के लेबल और सामग्री की जानकारी की जांच करना.
- यह सुनिश्चित करना कि Zomato पर किसी डिश की जानकारी और उसमें इस्तेमाल हो रही सामग्री सही तरीके से बताई गई हो.
नियम नहीं माने तो क्या होगा?
Zomato ने साफ कहा है कि अगर कोई रेस्टोरेंट इस पॉलिसी का पालन नहीं करता पाया गया, तो उसे प्लेटफॉर्म से डिलिस्ट किया जा सकता है. कंपनी अपने नियमों और लागू कानून के तहत दूसरे कदम भी उठा सकती है. इसके अलावा, अगर नियमों का उल्लंघन करने वाले प्रोडक्ट ग्राहकों तक पहुंचने से कंपनी को कोई नुकसान, खर्च या दूसरी हानि होती है, तो Zomato उसे संबंधित रेस्टोरेंट से वसूलने का अधिकार भी रखता है.
अचानक इतनी सख्ती क्यों?
यह फैसला ऐसे समय में आया है, जब फूड सेफ्टी को लेकर फिर से सख्ती बढ़ी है. महाराष्ट्र में Food and Drug Administration की कथित राज्यव्यापी कार्रवाई और दिल्ली के फाइव-स्टार होटलों में FSSAI के निरीक्षण के बाद खाने की गुणवत्ता और सामग्री को लेकर ध्यान बढ़ा है.
Zomato के CEO आदित्य मंगला ने कहा कि कंपनी का मकसद ज्यादा से ज्यादा लोगों तक बेहतर खाना पहुंचाना है. इसके लिए ग्राहकों की सेहत की सुरक्षा और रेस्टोरेंट्स द्वारा परोसे जाने वाले खाने की सही जानकारी देना जरूरी है.
ये भी पढ़ें: Sugar Prices: चीनी की कीमत में 30% की भारी गिरावट, फिर भी ग्राहकों को राहत क्यों नहीं?
