PM Kisan Scheme: इस राज्य के 52 लाख किसानों को मिली पहली किस्त, बैंक खातों में जमा हुए 5500 रुपये

YSR Rythu Bharosa-PM Kisan Scheme: इस योजना के तहत केंद्र सरकार की ओर से दिए जाने वाले 2,000 रुपये का हिस्सा प्राप्त नहीं हुआ है, जिसके प्राप्त होने के बाद पात्र किसानों को कुल 7,500 रुपये का वितरण किया जाएगा. राज्य सरकार ने अपने हिस्से के रूप में 5,500 रुपये का योगदान किया है.

YSR Rythu Bharosa-PM Kisan Scheme: आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री वाई एस जगन मोहन रेड्डी ने कुरनूल जिले के पट्टीकोंडा में वाईएसआर रायथु भरोसा-प्रधानमंत्री किसान योजना की पहली किस्त के तहत गुरुवार को 52.3 लाख पात्र किसानों को 5,500-5,500 रुपये की वित्तीय सहायता मुहैया कराई.

केंद्र से मिलने वाली किस्त का किसानों को अभी इंतजार

हालांकि, इस योजना के तहत केंद्र सरकार की ओर से दिए जाने वाले 2,000 रुपये का हिस्सा प्राप्त नहीं हुआ है, जिसके प्राप्त होने के बाद पात्र किसानों को कुल 7,500 रुपये का वितरण किया जाएगा. राज्य सरकार ने अपने हिस्से के रूप में 5,500 रुपये का योगदान किया है.

मुख्यमंत्री रेड्डी ने कहा- राज्य तभी समृद्ध होगा जब किसान समृद्ध होगा

राज्य सरकार द्वारा बुधवार को साझा किए गए एक वीडियो में मुख्यमंत्री ने किसानों से कहा, आपके बेटे (जगन) की सरकार ऐसी सरकार है जो मानती है कि राज्य तभी समृद्ध होगा जब किसान समृद्ध होगा. रेड्डी ने कहा कि उनकी सरकार ने घोषणापत्र में उल्लिखित सभी वादों को पूरा किया है. उन्होंने कहा कि जिन किसानों को ऋण लेने में कठिनाई होती है, उन्हें फसलों की खेती करते समय संघर्ष नहीं करना चाहिए.

जानें क्या है YSR Rythu Bharosa-PM Kisan Scheme

आंध्र प्रदेश सरकार इस योजना के तहत सभी भूमिहीन अनुसूचित जाति (एससी), अनुसूचित जनजाति (एसटी), पिछड़ा वर्ग (बीसी) और अल्पसंख्यक समुदाय के, किराये पर खेती करने वाले किसानों को 13,500 रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान करती है. इसमें तीन किश्तों में बंदोबस्ती भूमि पर खेती करने वाले भी शामिल हैं. राज्य सरकार ने पिछले चार साल में इस योजना के तहत 30,985 करोड़ रुपये वितरित किए हैं.

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Published by: Arbindkumar mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

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