मार्च 2026 में 21 महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंच सकती है थोक महंगाई

Inflation Rate: ICRA ने वित्तीय वर्ष 2027 के लिए औसतन थोक महंगाई का अनुमान 2.7% रखा है. हालांकि, रिपोर्ट में साफ कहा गया है कि अगर ऊर्जा और कमोडिटी की कीमतें इसी तरह ऊंचे स्तर पर बनी रहीं, तो यह अनुमान और भी ऊपर जा सकता है.

Inflation Rate: भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए एक चिंताजनक खबर है. रेटिंग एजेंसी ICRA की हालिया रिपोर्ट के अनुसार, मार्च 2026 में भारत की थोक मूल्य सूचकांक (WPI) आधारित महंगाई दर 3.2% तक पहुँचने का अनुमान है. यह पिछले 21 महीनों का सबसे उच्चतम स्तर होगा.

महंगाई बढ़ने के कारण

  • ग्लोबल कमोडिटी और कच्चे तेल का असर : रिपोर्ट के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल, प्राकृतिक गैस और खाद्य तेलों (Edible Oils) की कीमतों में काफी बढ़ोतरी हुई है. चूंकि भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है, इसलिए वैश्विक स्तर पर दाम बढ़ने का सीधा असर घरेलू थोक बाजार पर पड़ रहा है.
  • डॉलर के मुकाबले रुपया और लॉजिस्टिक्स: डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति और पश्चिम एशिया (मिडल ईस्ट) में जारी तनाव ने मुश्किलों को और बढ़ा दिया है. युद्ध की वजह से समुद्री रास्तों में रुकावट आई है, जिससे माल ढुलाई (Freight) और लॉजिस्टिक्स का खर्च बढ़ गया है. इसका सबसे ज्यादा असर खाद्य तेल के आयात पर पड़ रहा है.
  • खाने-पीने की चीजों के बढ़ते दाम: मार्च 2026 के पहले पखवाड़े के आंकड़ों के अनुसार, ट्रैक किए जाने वाले 22 खाद्य पदार्थों में से आधे से अधिक की कीमतों में पिछले साल के मुकाबले भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है. यही कारण है कि फरवरी में जो महंगाई 2.1% थी, वह मार्च में 3.2% तक जा सकती है.
  • थोक महंगाई के बास्केट में ईंधन और बिजली का हिस्सा 10.4% है. रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि अगर कच्चे तेल की कीमतों में 10% की बढ़ोतरी होती है, तो थोक महंगाई (WPI) में 0.80% से 1.00% (80-100 बेसिस पॉइंट) तक का उछाल आ सकता है.

भविष्य का अनुमान

ICRA ने वित्तीय वर्ष 2027 के लिए औसतन थोक महंगाई का अनुमान 2.7% रखा है. हालांकि, रिपोर्ट में साफ कहा गया है कि अगर ऊर्जा और कमोडिटी की कीमतें इसी तरह ऊंचे स्तर पर बनी रहीं, तो यह अनुमान और भी ऊपर जा सकता है.

Also Read: रुपया कमजोर, डॉलर के मुकाबले 92.42 तक फिसला; कच्चे तेल और विदेशी निकासी का असर

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Abhishek pandey

अभिषेक पाण्डेय पिछले तीन वर्षों से प्रभात खबर में डिजिटल जर्नलिस्ट के तौर पर काम कर रहे हैं। वे बिजनेस और अर्थव्यवस्था से जुड़ी खबरों को आसान भाषा में पाठकों तक पहुंचाने का काम करते हैं। शेयर बाजार, पर्सनल फाइनेंस, बैंकिंग, बजट, सरकारी योजनाएं, MSME, कृषि और इंडस्ट्री जैसे विषयों पर उनकी अच्छी पकड़ है। वे रिसर्च के साथ ऐसी खबरें और एक्सप्लेनर तैयार करते हैं, जिन्हें आम लोग भी आसानी से समझ सकें। इसके अलावा यूटिलिटी न्यूज और सक्सेस स्टोरीज लिखने में भी उनकी खास रुचि है।

पत्रकारिता अनुभव

अभिषेक ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU), भोपाल से की है, जिसे पत्रकारिता की दुनिया में 'दादा माखनलाल की बगिया' भी कहा जाता है।

करियर की शुरुआत उन्होंने राजस्थान पत्रिका के साथ की, जहां उन्होंने डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को करीब से समझा। इसके बाद वे प्रभात खबर से जुड़े और पिछले तीन वर्षों से डिजिटल जर्नलिस्ट के रूप में काम कर रहे हैं।

इस दौरान उन्होंने बिजनेस, शेयर बाजार, पर्सनल फाइनेंस, बैंकिंग, बजट, सरकारी योजनाएं, कृषि, MSME और अर्थव्यवस्था से जुड़े कई अहम विषयों पर रिपोर्टिंग और रिसर्च आधारित लेख लिखे हैं। इसके अलावा वे वीडियो स्क्रिप्टिंग, एक्सप्लेनर स्टोरी, डेटा स्टोरी और डिजिटल कंटेंट पर भी लगातार काम करते हैं। उनकी कोशिश रहती है कि जटिल आर्थिक और वित्तीय विषयों को आसान और भरोसेमंद भाषा में पाठकों और दर्शकों तक पहुंचाया जाए।

शिक्षा

अभिषेक पाण्डेय ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU), भोपाल से पत्रकारिता एवं जनसंचार की पढ़ाई की है। यहां उन्होंने रिपोर्टिंग, डिजिटल मीडिया, न्यूज़ राइटिंग, वीडियो प्रोडक्शन और मल्टीमीडिया जर्नलिज्म की बारीकियां सीखीं, जिनका इस्तेमाल वे आज अपनी पत्रकारिता में कर रहे हैं।

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >