Vande Bharat Train: वंदे भारत से लोकल ट्रेन के यात्रियों को हो रही परेशानी! स्टेशन पर करना पड़ रहा इंतजार

वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन के चलने से लोगों को आरामदेह सफर के साथ-साथ समय की बचत हो रही है, तो दूसरी ओर से कुछ लोकल यात्रियों को इससे परेशानी भी आने लगी है. बेंगलुरु के लोकल ट्रेन में सफर करने वाले यात्रियों को इससे परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले दिनों देश को पांचवीं वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन की सौगात दी. उन्होंने चेन्नई-मैसूर वंदे भारत ट्रेन को हरी झंडी दिखायी. इसके साथ ही सेमी हाई स्पीड ट्रेन देश के पांच रूटों में चलनी शुरू हो गयी. एक ओर लोगों को हाई स्पीड ट्रेन में चलने से समय की बचत होर ही है, तो दूसरी ओर से कुछ यात्रियों को वंदे भारत ट्रेन के कारण दिक्कत भी होने लगी है. जिसकी शिकायत भी आने लगी है.

लोकल ट्रेन के यात्रियों को वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन से हो रही परेशानी

वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन के चलने से लोगों को आरामदेह सफर के साथ-साथ समय की बचत हो रही है, तो दूसरी ओर से कुछ लोकल यात्रियों को इससे परेशानी भी आने लगी है. बेंगलुरु के लोकल ट्रेन में सफर करने वाले यात्रियों को इससे परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. मेमू ट्रेनों सहित लोकल ट्रेन में सफर करने वाले यात्रियों की शिकायत है कि वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन के कारण लोकल ट्रेनों को स्टेशन पर आधे घंटे के लिए खड़ा कर दिया जाता है. लोगों का कहना है कि वंदे भारत सहित हाई स्पीड ट्रेनों को रूट देने के कारण लोकल ट्रेनों को स्टेशन पर खड़ा कर दिया जाता है, जिससे श्रमिक वर्ग के लोगों को भारी असुविधा हो रही है.

Also Read: Vande Bharat Express: खतरा देख 380 मीटर पहले रुक जाएगी ट्रेन! कई सुविधाओं से लैस है वंदे भारत एक्सप्रेस

यात्रियों ने शेयर की अपनी परेशानी

इंडियनएक्सप्रेस की खबर के अनुसार बेंगलुरु के कॉलेज के डीन ने बताया कि वह दैनिक रूप से मेमू ट्रेन में यात्रा करते हैं. उन्होंने बताया, 9:30 बजे व्हाइटफील्ड से ट्रेन में चढ़ते हैं, लेकिन वंदे भारत सहित दो हाई स्पीड ट्रेन के कारण उनकी ट्रेन को आधे घंटे के लिए खड़ा कर दिया जाता है. 45 मिनट का सफर आधे घंटे देर से पूरी होती है. कई यात्रियों को कहना है कि कुप्पम, बंगारपेट और मलूर से सुबह-सुबह लोकल ट्रेनों में चढ़ते हैं, लेकिन व्हाइटफील्ड में वंदे भारत एक्सप्रेस के कारण रुकना पड़ता है. जिससे उन्हें अपने गंतव्य तक पहुंचने में देर हो जाती है.

इन रूप पर चलती है वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन

देश की पहली सेमी हाई एक्सप्रेस ट्रेन वंदे भारत एक्सप्रेस पांच रूट पर चल रही है. पहला नई दिल्ली-श्री वैष्णो देवी माता, कटरा, दूसरा नई दिल्ली से वाराणसी. तीसरा गांधीनगर से मुंबई और नई दिल्ली से अंदौरा स्टेशन. चौथी ट्रेन अंदौरा से नई दिल्ली रेलवे स्टेशन तक चलायी जा रही है. जबकि पांचवां चेन्नई-मैसूर रूट पर शुरू की गयी है.

क्या है वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन की खासियत

वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन को यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है. सबसे बड़ी खास बात इस ट्रेन में है कि यह केवल 52 सेकंड में 100 किलोमीटर की स्पीड पकड़ लेती है. यह अन्य ट्रेनों की अपेक्षा काफी हल्की है. यह पूरी तरह से एसी है. जिसमें स्वचालित दरवाजे लगे हैं. सीट को 180 डिग्री तक घूमाया जा सकता है. जीपीएस आधारित इंफॉर्मेशन सिस्टम, सीसीटीवी कैमरे लगे हैं. ट्रेन सुरक्षा कवच से लैस है. हाल के दिनों में यह देखा गया कि दुर्घटनाग्रस्त होने के बावजूद ट्रेन को अधिक क्षति नहीं पहुंची. बल्कि चंद घंटों में ट्रेन को रवाना भी कर दिया गया. इसमें ऐसी तकनीक लगाया गया, जिससे दुर्घटना को देखते ही ट्रेन में स्वचालित ब्रेक लग जाती है.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >