फेड रेट में वृद्धि की आशंका से सहमा तेल बाजार, क्रूड के भाव में आई गिरावट

US Fed Rate में एक और बढ़ोतरी की संभावना जताई जा रही है. इसी के मद्देनजर, बुधवार को तेल की कीमत में गिरावट आई है.

US Fed Rate Hike: फेडरल रिजर्व की दर में एक और बढ़ोतरी की संभावना है. इसी के मद्देनजर, बुधवार को तेल की कीमत में गिरावट आई है. बताया जा रहा है कि फेडरल रिजर्व की ब्याज दर में वृद्धि होने से विकास की गति पर असर पड़ेगा, जिससे तेल की खपत कम होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है.

अमेरिका में क्रूड इन्वेंटरी में गिरावट

बताते चलें कि डॉलर की वैल्यू अन्य मुद्रा धारकों के लिए तेल को और अधिक महंगा बनाती है और मांग पर वजन कम कर सकती है. इन सबके बीच, आज शुरुआती कारोबार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी देखने को मिली. वहीं, अमेरिका में क्रूड इन्वेंटरी में गिरावट और चीन के आर्थिक आंकड़े अनुमान से बेहतर होने से आगे डिमांड में मजबूती के संकेत मिल रहे हैं. ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 84.84 डॉलर प्रति बैरल (0.4% गिरकर) और WTI क्रूड 80.89 डॉलर प्रति बैरल (0.4% गिरकर) पर रहा. अटलांटा फेड के अध्यक्ष राफेल बैस्टिक ने मंगलवार को कहा कि अमेरिकी केंद्रीय बैंक की मुद्रास्फीति से लड़ने के लिए एक और ब्याज दर वृद्धि की संभावना है.

मुद्रास्फीति को लेकर यूरोपीय सेंट्रल बैंक के अधिकारी भी अलर्ट

वहीं, यूरोपीय सेंट्रल बैंक के अधिकारी भी मुद्रास्फीति को लेकर अलर्ट हैं और सुझाव दिया है कि ब्याज दरों में वृद्धि जारी रहनी चाहिए. 14 अप्रैल को समाप्त हुए सप्ताह में अमेरिकी कच्चे तेल के स्टॉक में लगभग 2.68 मिलियन बैरल की गिरावट के साथ इंडस्ट्री की रिपोर्ट से तेल की कीमतों में उछाल आया. बताया गया कि गैसोलीन और डिस्टिलेट की सूची भी पिछले सप्ताह गिर गई. इधर, चीन की अर्थव्यवस्था पहली तिमाही में अपेक्षा से अधिक तेजी से 4.5% बढ़ी है. जिससे यहां तेल की मांग और अधिक बढ़ने की संभावना बढ़ गई है.

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Published by: Samir kumar

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