Indian Stock Market 13 April 2026: हफ्ते के पहले दिन यानी सोमवार, 13 अप्रैल को भारतीय शेयर बाजार में जबरदस्त गिरावट देखने को मिली. बाजार खुलते ही सेंसेक्स करीब 1,652 अंक टूट गया और निफ्टी में भी 470 अंकों से ज्यादा की भारी गिरावट आई. इस गिरावट की मुख्य वजह अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत का विफल होना और कच्चे तेल की कीमतों में आई भारी तेजी है.
बाजार में अचानक क्यों मची भगदड़?
बीते वीकेंड पर अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर को लेकर पाकिस्तान (इस्लामाबाद) में हुई बातचीत बिना किसी समझौते के खत्म हो गई. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की घेराबंदी का एलान कर दिया है. इस खबर से ग्लोबल इन्वेस्टर्स में डर बैठ गया, जिसका सीधा असर भारतीय बाजार पर दिखा है.
महंगे तेल ने कैसे बढ़ाई टेंशन?
जियो-पॉलिटिकल तनाव के कारण कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतें अचानक 102 से 105 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई हैं. भारत अपनी जरूरत का ज्यादातर तेल इंपोर्ट करता है, इसलिए तेल महंगा होने से महंगाई बढ़ने और देश के बजट (करंट अकाउंट डेफिसिट) पर बुरा असर पड़ने का खतरा बढ़ गया है. इसी दबाव में भारतीय रुपया भी 66 पैसे गिरकर 93.35 प्रति डॉलर के स्तर पर आ गया है.
किन सेक्टरों में हुई सबसे ज्यादा गिरावट?
बाजार में बिकवाली इतनी हावी थी कि 2,800 से ज्यादा शेयरों में से लगभग 2,388 शेयर घाटे में चल रहे थे. सबसे ज्यादा मार Nifty Realty (-3.38%) और PSU Banks (-3.36%) पर पड़ी. बजाज फाइनेंस, इंडिगो और एशियन पेंट्स जैसे बड़े शेयर 3% से ज्यादा टूट गए. वहीं, तेल की कीमतों में तेजी के बावजूद कोल इंडिया और ओएनजीसी जैसे गिने-चुने शेयर ही मामूली बढ़त बना पाए.
रिटेल इन्वेस्टर्स को अब क्या करना चाहिए?
मार्केट एक्स्पर्ट्स का मानना है कि वर्तमान में बाजार ‘जियोपॉलिटिकल रिस्क’ यानी वैश्विक तनाव से चल रहा है. बैंकिंग एक्सपर्ट अजय बग्गा के अनुसार, ऐसे उतार-चढ़ाव वाले माहौल में रिटेल इन्वेस्टर्स को जल्दबाजी में ट्रेडिंग करने से बचना चाहिए और अपनी पूंजी सुरक्षित रखनी चाहिए. जब तक वैश्विक स्थिति स्पष्ट नहीं होती, बाजार में भारी उतार-चढ़ाव (VIX में 14% की बढ़त) जारी रह सकता है.
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