बाइक वालों को अब नहीं पहनना होगा हेलमेट ? जानें मैसेज की सच्चाई

traffic rules about helmet : इस मैसेज को ज्यादा से ज्यादा फैलाने का आग्रह किया गया है. हालांकि हम आपको पहले ही बता चुके हैं कि यह दावा फर्जी है. इसलिए आपको सावधान रहना चाहिए और ऐसे मैसेज को आगे नहीं बढ़ाना चाहिए. जानें हेलमेट को लेकर क्या मैसेज है वायरल

Traffic Rules About Helmet : क्या आपको दोपहिया वाहन चलाने के दौरान हेलमेट लगाने की अब जरूरत नहीं पड़ेगी ? यदि ऐसा मैसेज आपके पास भी पहुंचा है तो आगे की खबर आपके काम की है. जी हां…मैसेजिंग एप व्हाट्सएप (WhatsApp) पर एक मैसेज तेजी से वायरल हो रहा है. इस मैसेज में दावा किया जा रहा है कि सभी राज्यों में दोपहिया चालकों की हेलमेट चेकिंग को खारिज कर दिया गया है.

यदि आपके पास भी ऐसा कोई मैसेज आया है, तो आपको सावधान रहने की जरूरत है. ऐसा इसलिए क्योंकि ये मैसेज फेक है. इसमें कोई सच्चाई नहीं है. इस मैसेज में किया गया दावा सही नहीं है. PIB की फैक्ट चेक विंग ने इस मैसेज की जांच की और इसे फर्जी बताया. PIB फैक्ट चेक विंग ने ट्वीट करके कहा कि भारत सरकार ने ऐसा कोई निर्णय नहीं लिया है, जिसमें दोपहिया चालकों की हेलमेट चेकिंग को खारिज करने को कहा गया हो. यह दावा फर्जी है.

किस तरह का मैसेज हो रहा है वायरल

वायरल मैसेज जिसमें यह गलत दावा किया जा रहा है. उसमें लिखा है कि ब्रेकिंग न्यूज़…हेलमेट मुक्त…. अब सभी राज्यो में अभी तक की जो हेलमेट चेकिंग चल रही थी, उसे कोर्ट ने खारिज कर दिया है. सागरकुमार जैन के याचिका के मुताबिक महानगरपालिका की दायरों के अंदर हेलमेट का उपयोग वाहन चालक पर अनिवार्य नहीं होगा. जिस रास्ते को राज्य मार्ग या हाईवे का दर्जा प्राप्त हुआ है, वहां पर हेलमेट पहनना अनिवार्य होगा. इसके बाद अगर कोई भी ट्रैफिक वाला या कोई पुलिस वाला आपसे हेलमेट क्यों नहीं पहना पूछता है तो आप उसे कह सकते हो कि मैं महानगरपालिका, नगरपालिका पंचायत समिति शहर के हद में हूं.


आप भी जान सकते हैं फेक मैसेज के बारे में

इस मैसेज को ज्यादा से ज्यादा फैलाने का आग्रह किया गया है. हालांकि हम आपको पहले ही बता चुके हैं कि यह दावा फर्जी है. इसलिए आपको सावधान रहना चाहिए और ऐसे मैसेज को आगे नहीं बढ़ाना चाहिए. यहां चर्चा कर दें कि पीआईबी फैक्ट चेक बिंग सरकार, सरकारी योजनाओं, नियमों आदि से जुड़ी फेक जानकारियों का फैक्ट चेक करने का काम करतीं हैं. फैक्ट चेक करके सच्चाई को सामने लाया जाता है. यदि आपको भी किसी जानकारी पर संदेह है तो आप PIB फैक्ट चेक विंग को +918799711259/socialmedia@pib.gov.in पर वह जानकारी साझा कर सकते हैं और मैसेज की सच्चाई जान सकते हैं.

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लेखक के बारे में

Author: Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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