इथेनॉल के ये 4 शेयर ले लिए तो जिंदगी भर पैसा छापेंगे ! देखें पूरी लिस्ट

Top Ethanol Stocks : इथेनॉल की रफ्तार, निवेशकों की चांदी! भारत के फ्लेक्स फ्यूल मिशन से इन 4 दिग्गज कंपनियों की चमकेगी किस्मत. जानिए इनकी क्षमता और फ्यूचर प्लान.

Top Ethanol Stocks : भारत का इथेनॉल मिशन अब सिर्फ सरकारी फाइलों तक सीमित नहीं है, बल्कि सीधे पेट्रोल पंप के नोजल तक पहुंच चुका है. दिल्ली-एनसीआर, मुंबई, पुणे और नागपुर में शुरुआती स्टेशनों के बाद सरकार ने साल 2027 तक देश में 5,000 इथेनॉल स्टेशन खोलने का बड़ा लक्ष्य रखा है. 2014 में जो इथेनॉल ब्लेंडिंग महज 1.5% थी, वह आज 20% (E20) पर पहुंच चुकी है, जिससे देश के 1.84 लाख करोड़ रुपये की विदेशी मुद्रा बची है.

बलरामपुर चीनी मिल्स (Balrampur Chini Mills)

साल 1975 में स्थापित बलरामपुर चीनी मिल्स लिमिटेड (BCML) भारत की सबसे बड़ी एकीकृत (Integrated) निजी क्षेत्र की चीनी कंपनियों में से एक है. यह कंपनी चीनी, इथेनॉल और को-जनरेशन (बिजली उत्पादन) तीनों क्षेत्रों में मजबूती से काम कर रही है.

  • क्षमता (Capacity): वित्त वर्ष 2024-25 (FY25) तक कंपनी की कुल इथेनॉल उत्पादन क्षमता 1,050 KLPD (किलो लीटर प्रति दिन) है, जो उत्तर प्रदेश में स्थित इसके 5 बड़े डिस्टिलरीज (बलरामपुर, बभनान, मनकापुर, गुलरिया और मैज़ापुर) में फैली हुई है.
  • कमाई में हिस्सेदारी: कंपनी की कुल ऑपरेशन्स रेवेन्यू (कमाई) में अकेले इथेनॉल सेगमेंट की हिस्सेदारी 25.64% तक पहुंच चुकी है.
  • खासियत: यह कंपनी गन्ना जूस, बी-हैवी मोलासेस, सी-हैवी मोलासेस और अनाज (Grains) जैसे कई अलग-अलग कच्चे माल से इथेनॉल बना सकती है. साथ ही यह पर्यावरण सुरक्षा के लिए जीरो लिक्विड डिस्चार्ज (ZLD) तकनीक का उपयोग करती है.

ईआईडी पैरी (EID Parry)

पारंपरिक रूप से एक चीनी निर्माता के रूप में जानी जाने वाली कंपनी ईआईडी पैरी (EID Parry) अब खुद को एक बड़ी बायो-एनर्जी और फूड कंपनी के रूप में बदल रही है.

  • क्षमता (Capacity): जून 2024 में एक नई डिस्टिलरी चालू होने के बाद कंपनी की कुल अल्कोहल उत्पादन क्षमता 120 KLPD हो गई है.
  • कच्चा माल और सप्लाई: कंपनी बी-हैवी, सी-हैवी मोलासेस, सिरप और अनाज का उपयोग करके फ्यूल-ग्रेड इथेनॉल बनाती है और इसे सीधे सरकारी तेल कंपनियों (OMCs) को सप्लाई करती है.
  • इसके अलावा तमिलनाडु के आईएमएफएल (IMFL) उद्योग को एक्स्ट्रा न्यूट्रल अल्कोहल (ENA) सप्लाई करने में इस कंपनी की 15% से ज्यादा की मार्केट हिस्सेदारी है. इसकी डिस्टिलेशन एफिशिएंसी सेक्टर में सबसे बेहतरीन मानी जाती है.

श्री रेणुका शुगर्स (Shree Renuka Sugars)

अग्रि-बिजनेस और बायो-एनर्जी सेक्टर की यह दिग्गज कंपनी भारत में इथेनॉल बनाने वाली सबसे बड़ी कंपनियों में से एक है. यह मुख्य रूप से चीनी रिफाइनिंग और इथेनॉल प्रोडक्शन के बड़े स्केल पर काम करती है.

  • क्षमता (Capacity): वित्त वर्ष 2025 तक श्री रेणुका शुगर्स के पास 1,250 KLPD की विशाल इथेनॉल उत्पादन क्षमता है, जो इसे इस सेक्टर का एक बड़ा ‘बाहुबली’ बनाती है.
  • मजबूत बिजनेस मॉडल: कंपनी सरकारी तेल कंपनियों (OMCs) के साथ लॉन्ग-टर्म (लंबी अवधि) कॉन्ट्रैक्ट के तहत इथेनॉल की सप्लाई करती है.
  • प्रोजेक्ट एग्जीक्यूशन: इसकी शत-प्रतिशत स्वामित्व वाली सहायक कंपनी ‘केबीके केम-इंजीनियरिंग प्राइवेट लिमिटेड’ (KBK Chem-Engineering) इसके इंजीनियरिंग और प्रोजेक्ट्स को संभालती है, जिससे कंपनी अपनी इथेनॉल क्षमता को बहुत तेजी से और कुशलता से बढ़ा सकती है.

त्रिवेणी इंजीनियरिंग एंड इंडस्ट्रीज

उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर, साबितगढ़, मिलक नारायणपुर और रानी नांगल में अत्याधुनिक डिस्टिलरीज संचालित करने वाली त्रिवेणी इंजीनियरिंग भी इस रेस का एक मजबूत खिलाड़ी है.

  • उत्पादन (Production): वित्त वर्ष 2024-25 के दौरान कंपनी ने कुल 200,083 KL इथेनॉल और ईएनए (ENA) का रिकॉर्ड उत्पादन किया है.
  • कच्चे माल में विविधता: त्रिवेणी की सबसे बड़ी ताकत यह है कि यह गन्ने के साथ-साथ अनाज (जैसे चावल और मक्का) से भी बड़े पैमाने पर इथेनॉल बनाती है. इसके कुल उत्पादन में 52% हिस्सा अनाज आधारित और 48% हिस्सा गन्ने पर आधारित था.
  • सप्लाई नेटवर्क: कंपनी मुख्य रूप से सरकार के इथेनॉल ब्लेंडेड पेट्रोल (EBP) कार्यक्रम के तहत तेल कंपनियों को माल बेचती है, साथ ही ऑयल एंड गैस सेक्टर की बड़ी प्राइवेट कंपनियों को भी अपनी सेवाएं देती है.

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Published by: Abhishek Pandey

अभिषेक पाण्डेय पिछले 2 वर्षों से प्रभात खबर (Prabhat Khabar) में डिजिटल जर्नलिस्ट के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने पत्रकारिता के प्रतिष्ठित संस्थान 'दादा माखनलाल की बगिया' यानी माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल (MCU) से मीडिया की बारीकियां सीखीं और अपनी शैक्षणिक योग्यता पूरी की है। अभिषेक को वित्तीय जगत (Financial Sector) और बाजार की गहरी समझ है। वे नियमित रूप से स्टॉक मार्केट (Stock Market), पर्सनल फाइनेंस, बजट और बैंकिंग जैसे जटिल विषयों पर गहन शोध के साथ विश्लेषणात्मक लेख लिखते हैं। इसके अतिरिक्त, इंडस्ट्री न्यूज, MSME सेक्टर, एग्रीकल्चर (कृषि) और केंद्र व राज्य सरकार की सरकारी योजनाओं (Sarkari Yojana) का प्रभावी विश्लेषण उनके लेखन के मुख्य क्षेत्र हैं। आम जनमानस से जुड़ी यूटिलिटी (Utility) खबरों और प्रेरणादायक सक्सेस स्टोरीज को पाठकों तक पहुँचाने में उनकी विशेष रुचि है। तथ्यों की सटीकता और सरल भाषा अभिषेक के लेखन की पहचान है, जिसका उद्देश्य पाठकों को हर महत्वपूर्ण बदलाव के प्रति जागरूक और सशक्त बनाना है।

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