Fact Check: टोल प्लाजा पर पत्रकारों को मिलेगी छूट? दिखाना होगा आईडी कार्ड, जानें वायरल मैसेज का सच

टोल प्लाजा वाली खबर जब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने लगी, तो पीआईबी फैक्ट चेक ने इसकी पड़ताल की. जांच में पीआईबी ने पाया कि दावा पुरी तरह से फर्जी है. पीआईबी फैक्ट चेक ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से वायरल मैसेज को शेयर किया और बताया, यह दावा फर्जी है.

टोल प्लाजा को लेकर एक खबर सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. जिसमें दावा किया जा रहा है कि देशभर के टोल प्लाजा में पत्रकारों को टोल टैक्स में छूट दी जाएगी. इस खबर को सोशल मीडिया पर लोग तेजी से शेयर कर रहे हैं. हम यहां पर वायरल मैसेज में किये जा रहे दावे की सच्चाई आपको बतायेंगे.

क्या किया जा रहा वायरल मैसेज में दावा

सोशल मीडिया में टोल प्लाजा को लेकर जो मैसेज वायरल हो रहा है, उसमें दावा किया जा रहा है कि भारत के सभी टोल प्लाजा पर पत्रकारों को टोल टैक्स पर छूट मिलेगी. मैसेज को केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के नाम की भी चर्चा की गयी है. बताया गया है कि गडकरी ने खुद इसकी घोषणा की है. मैसेज में यह बताया गया है कि टोल पर छूट का लाभ लेने के लिए पत्रकारों को अपना आईडी कार्ड दिखाना होगा.

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क्या है वायरल मैसेज का सच

टोल प्लाजा वाली खबर जब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने लगी, तो पीआईबी फैक्ट चेक ने इसकी पड़ताल की. जांच में पीआईबी ने पाया कि दावा पुरी तरह से फर्जी है. पीआईबी फैक्ट चेक ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से वायरल मैसेज को शेयर किया और बताया, यह दावा फर्जी है. सरकार की ओर से ऐसा कोई भी आदेश नहीं दिया गया है.

टोल प्लाजा में इन्हें मिलती है छूट

टोल प्लाजा में कुछ लोगों को ही छूट दिया जाता है. जिसमें भारत के राष्ट्रपति, भारत के उपराष्ट्रपति, भारत के प्रधान मंत्री, किसी राज्य का राज्यपाल, भारत के मुख्य न्यायाधीश, लोक सभा के अध्यक्ष, संघ का कैबिनेट मंत्री, किसी राज्य का मुख्यमंत्री, उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश, संघ के राज्य मंत्री, केंद्र शासित प्रदेश के लेफ्टिनेंट गवर्नर, चीफ ऑफ स्टाफ, पूर्ण जेनरल या समकक्ष रैंक वाले, किसी राज्य की विधान परिषद का सभापति, किसी राज्य की विधान सभा के अध्यक्ष, उच्च न्यायालय का मुख्य न्यायाधीश, उच्च न्यायालय के न्यायाधीश, संसद सदस्य, थल सेनाध्यक्ष के सेना कमांडर और अन्य सेवाओं में समकक्ष, संबंधित राज्य में राज्य सरकार के मुख्य सचिव, भारत सरकार के सचिव, सचिव, राज्यों की परिषद, सचिव, लोक सभा, राजकीय यात्रा पर आये विदेशी गणमान्य व्यक्ति, किसी राज्य की विधान सभा का सदस्य और विधान परिषद का सदस्य, प्रमवीर चक्र, अशोक चक्र, महावीर चक्र, कीर्ति चक्र, वीर चक्र और पुरस्कार विजेता.

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लेखक के बारे में

By Arbindkumar mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

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