बजट 2026 में सरकार ने विदेश में खर्च करने वालों के लिए बड़ी राहत दी है. खासकर छात्रों, इलाज के लिए बाहर जाने वाले लोगों और इंटरनेशनल ट्रैवल करने वालों के लिए TCS (Tax Collected at Source) की दरें कम कर दी गई हैं. इससे अब विदेश में पैसे भेजना पहले के मुकाबले आसान और सस्ता होगा.
LRS के तहत TCS में कटौती
सरकार ने Liberalised Remittance Scheme (LRS) के तहत विदेश में भेजे जाने वाले पैसों पर लगने वाला TCS कम कर दिया है.
| कैटेगरी | पहले TCS | अब TCS |
|---|---|---|
| विदेश में पढ़ाई | 5% | 2% |
| मेडिकल इलाज | 5% | 2% |
| विदेशी टूर पैकेज | 5% – 20% | 2% (फ्लैट) |
छात्रों और मरीजों के लिए क्या फायदा
नई दरों से सबसे ज्यादा राहत उन परिवारों को मिलेगी जो बच्चों की पढ़ाई या इलाज के लिए विदेश में पैसे भेजते हैं. पहले ज्यादा TCS देने से तुरंत नकदी की कमी महसूस होती थी, अब वह दबाव कम होगा. हालांकि यह टैक्स बाद में इनकम टैक्स में एडजस्ट हो जाता है, लेकिन पहले ज्यादा रकम जमा करनी पड़ती थी जिससे बजट पर असर पड़ता था. विदेश यात्रा करने वालों के लिए TCS कम होने से टूर पैकेज सस्ते पड़ेंगे. इससे लोगों का खर्च बढ़ सकता है और ट्रैवल, टूरिज्म और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर को फायदा मिलने की उम्मीद है.
टैक्सपेयर्स के लिए आसान होगी प्लानिंग
टैक्स एक्सपर्ट्स का मानना है कि TCS कम होने से
- तुरंत टैक्स देने का बोझ घटेगा.
- कैश फ्लो बेहतर होगा.
- विदेश में पढ़ाई, इलाज और यात्रा करना आसान होगा.
- नियम भी बने रहेंगे, जिससे ट्रांजेक्शन का रिकॉर्ड बना रहेगा.
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