Indian Stock Market 13 May 2026: बुधवार को भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत तो बढ़त के साथ हुई थी, लेकिन इन्वेस्टर्स की खुशी ज्यादा देर नहीं टिक पाई. सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ही हरे निशान में खुलने के बाद धड़ाम से नीचे गिर गए. सेंसेक्स जहां अपनी बढ़त खोकर 74,400 के करीब आ गया, वहीं निफ्टी भी 23,350 के स्तर तक लुढ़क गया. बाजार में इस उतार-चढ़ाव ने इन्वेस्टर्स को चिंता में डाल दिया है.
क्यों टूट रहा है बाजार?
बाजार में गिरावट की सबसे बड़ी वजह रुपया और कच्चा तेल हैं. भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले 95.63 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया है. इसके अलावा, ईरान संकट के कारण कच्चे तेल की कीमतें 105 डॉलर प्रति बैरल के पार निकल गई हैं. महंगाई बढ़ने के डर और विदेशी इन्वेस्टर्स (FIIs) द्वारा लगातार की जा रही बिकवाली ने बाजार पर दबाव बढ़ा दिया है.
सोना-चांदी खरीदना होगा महंगा?
सरकार ने बढ़ते विदेशी मुद्रा खर्च को रोकने के लिए बड़ा कदम उठाया है. अब सोना, चांदी और प्लैटिनम पर आयात शुल्क (Import Duty) बढ़ा दिया गया है. सोने-चांदी पर ड्यूटी 6% से बढ़ाकर सीधा 15% कर दी गई है. इसका मतलब है कि आने वाले दिनों में गहने खरीदना आपकी जेब पर भारी पड़ सकता है.
किन सेक्टरों में है हलचल?
बाजार में जहां एक तरफ गिरावट है, वहीं कुछ सेक्टरों में मजबूती भी दिखी. मेटल और फार्मा सेक्टर बढ़त के साथ कारोबार कर रहे हैं. वहीं दूसरी तरफ, सरकारी बैंक (PSU Banks), ऑटो और आईटी सेक्टर में बिकवाली का माहौल है. आयशर मोटर्स और पावर ग्रिड जैसे शेयरों में गिरावट दर्ज की गई, जबकि टाटा स्टील और एशियन पेंट्स जैसे शेयरों में खरीदारी देखी गई.
अब आगे क्या करें इन्वेस्टर्स?
जानकारों का मानना है कि जब तक निफ्टी 23,500 के ऊपर मजबूती से बंद नहीं होता, तब तक बाजार में सावधानी बरतनी जरूरी है. एक्स्पर्ट्स की सलाह है कि अभी कैश बचाकर रखें और केवल सुरक्षित माने जाने वाले जैसे फार्मा या बैंकिंग सेक्टर के मजबूत शेयरों में ही धीरे-धीरे इन्वेस्ट करें. फिलहाल बाजार में वेट एंड वॉच की नीति अपनाना ही समझदारी है.
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