Taiwan Electricity Rates: ताइवान की सरकार ने आम जनता और उद्योगों को बड़ी राहत देते हुए फैसला किया है कि अप्रैल से बिजली की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा. शुक्रवार को आर्थिक मामलों के मंत्रालय (MOEA) की एक महत्वपूर्ण बैठक में यह तय हुआ कि फिलहाल पुरानी दरें ही लागू रहेंगी.
इसका मतलब है कि अब बिजली की औसत दर NT 3.7823 डॉलर (लगभग 0.11 अमेरिकी डॉलर) प्रति किलोवाट-घंटा ही बनी रहेगी. सरकार ने यह फैसला दुनिया भर में चल रहे तनाव और बढ़ती महंगाई को देखते हुए लिया है.
बिजली के रेट क्यों नहीं बढ़ाए गए?
ANI की रिपोर्ट के अनुसार, इसका मुख्य कारण दुनिया भर में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में उतार-चढ़ाव है. मिडिल ईस्ट के बीच बढ़ते तनाव की वजह से तेल की कीमतें एक समय पर 100 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई थीं. हालांकि, हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के रुख में नरमी आने से कीमतें फिर से नीचे आईं. इसी अस्थिरता को देखते हुए सरकार ने बिजली के दाम स्थिर रखने का फैसला किया है ताकि लोगों पर अतिरिक्त बोझ न पड़े.
क्या घाटे में चल रही है बिजली कंपनी?
सरकारी कंपनी ‘ताइवान पावर’ (Taipower) ने पहले साल 2026 के लिए लगभग 28 अरब ताइवानी डॉलर के भारी नुकसान का अनुमान लगाया था. लेकिन अच्छी खबर यह है कि जनवरी और फरवरी में फ्यूल की असल कीमतें अनुमान से कम रहीं, जिससे कंपनी के करीब 15 अरब ताइवानी डॉलर बच गए. इससे कंपनी पर फिलहाल दाम बढ़ाने का दबाव कम हो गया है.
अगली रिव्यू कब होगी?
आर्थिक मामलों के उप मंत्री लाई चिएन-ह्सिन ने साफ किया है कि अब दरों पर अगला फैसला सितंबर में होने वाली बैठक में लिया जाएगा. अगर अगले तीन महीनों में मिडिल ईस्ट के हालात सुधर जाते हैं और शांति बहाल होती है, तो बिजली दरों को आगे भी स्थिर रखने में मदद मिलेगी.
इंडस्ट्री पर क्या पड़ेगा असर?
बिजली की दरों को न बढ़ाकर सरकार ताइवान की कंपनियों को अंतरराष्ट्रीय बाजार में मजबूत बनाए रखना चाहती है. अगर बिजली महंगी होती, तो फैक्ट्रियों में सामान बनाना महंगा हो जाता, जिसका सीधा असर देश की अर्थव्यवस्था पर पड़ता. फिलहाल, सरकार का पूरा फोकस कीमतों को स्थिर रखने (Price Stability) पर है.
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