Share Market News: शेयर बाजार में लगातार दूसरे दिन गिरावट, सेंसेक्स 617 अंक लुढ़का, रिलायंस का शेयर टूटा

वैश्विक स्तर पर गिरावट के बीच सूचकांक में मजबूत हिस्सेदारी रखने वाली रिलायंस इंडस्ट्रीज में बिकवाली के साथ बाजार नीचे आया. वैश्विक संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) की बाजार से निकासी जारी रहने और डॉलर के मुकाबले रुपये की विनिमय दर में गिरावट से भी धारणा प्रभावित हुई.

मुंबई: शेयर बाजार में सोमवार को लगातार दूसरे कारोबारी सत्र में गिरावट रही और बीएसई सेंसेक्स 617.26 अंक का गोता लगाकर बंद हुआ. वैश्विक स्तर पर गिरावट के बीच सूचकांक में मजबूत हिस्सेदारी रखने वाली रिलायंस इंडस्ट्रीज में बिकवाली के साथ बाजार नीचे आया. वैश्विक संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) की बाजार से निकासी जारी रहने और डॉलर के मुकाबले रुपये की विनिमय दर में गिरावट से भी धारणा प्रभावित हुई.

गिरावट के साथ खुला सेंसेक्स

तीस शेयरों पर आधारित बीएसई सेंसेक्स गिरावट के साथ खुला और कारोबार के दौरान नकारात्मक दायरे में रहा. अंत में यह 617.26 अंक यानी 1.08 प्रतिशत की गिरावट के साथ 56,579.89 अंक पर बंद हुआ. नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 218 अंक यानी 1.27 प्रतिशत की गिरावट के साथ 16,953.95 अंक पर बंद हुआ.

ये शेयर रहे नुकसान में

सेंसेक्स के तीस शेयरों में से टाटा स्टील, टेक महिंद्रा, एनटीपीसी, रिलायंस इंडस्ट्रीज, आईटीसी, लार्सन एंड टुब्रो और सन फार्मा टाइटन, आईटीसी, प्रमुख रूप से नुकसान में रहे. इनमें 4.47 प्रतिशत तक की गिरावट आयी. रिलायंस इंडस्ट्रीज के फ्यूचर के साथ 24,713 करोड़ रुपये के सौदे को रद्द करने के बाद उसका शेयर 2.31 प्रतिशत नीचे आया.

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लाभ में रहे ये शेयर

किशोर बियाणी की अगुवाई वाली कंपनियों के सुरक्षित कर्जदाताओं ने प्रस्ताव के खिलाफ मतदान किया है. दूसरी तरफ, एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, एचडीएफसी, कोटक महिंद्रा बैंक, नेस्ले, मारुति सुजुकी और भारती एयरटेल 0.75 प्रतिशत तक लाभ में रहे.

आईसीआईसीआई के शेयर में लिवाली

आईसीआईसीआई बैंक के शनिवार को जारी वित्तीय परिणाम के बाद निजी क्षेत्र के बैंक के शेयर में अच्छी लिवाली देखने को मिली. कंपनी का एकल आधार पर शुद्ध लाभ 2021-22 की चौथी तिमाही में 59 प्रतिशत उछलकर 7,019 करोड़ रुपये रहा.

वैश्विक बाजारों में गिरावट

जियोजीत फाइनेंशियल सर्विसेज के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, ‘कंपनियों के तिमाही परिणाम उम्मीद के अनुरूप नहीं होने, मुद्रास्फीति को लेकर चिंता, कच्चे तेल की कीमतें, युद्ध के कारण अनिश्चितताएं और आपूर्ति मुद्दों के कारण वैश्विक बाजारों में गिरावट रही.’

तेल की कीमतों में आयी गिरावट

उन्होंने कहा, ‘चीन में लंबे समय से जारी कोरोना महामारी की रोकथाम के लिए लगाये गये ‘लॉकडाउन’ से मांग प्रभावित होने की आशंका से तेल कीमतों में गिरावट आयी. भारत में एफआईआई की बिकवाली जारी रहने के साथ अन्य वैश्विक अनिश्चितताएं अल्पकाल में मंदड़ियों के पक्ष में हैं.’

ऐसा रहा एशिया के अन्य बाजारों का हाल

एशिया के अन्य बाजारों में जापान का निक्की, हांगकांग का हैंगसेंग, दक्षिण कोरिया का कॉस्पी और चीन का शंघाई कंपोजिट नुकसान में रहे. यूरोप के प्रमुख बाजारों में भी दोपहर कारोबार के दौरान गिरावट का रुख रहा. इस बीच, अंतरराष्ट्रीय तेल मानक ब्रेंट क्रूड 4.44 प्रतिशत की गिरावट के साथ 101.92 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया.

अमेरिकी डॉलर 26 पैसे टूटा

अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये की विनिमय दर 26 पैसे टूटकर 76.68 (अस्थायी) पर बंद हुई. शेयर बाजार में उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों ने शुक्रवार को 2,461.72 करोड़ रुपये मूल्य के शेयर बेचे.

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