औंधे मुंह गिरा शेयर बाजार, 1000 अंकों से ज्यादा टूटा Sensex-निफ्टी भी धड़ाम, निवेशकों के डूबे 4 लाख करोड़

Share Market Updates: शेयर बाजार में लगातार गिरावट का दौर जारी है. बीते 3 दिनों से सेंसेक्स और निफ्टी लगातार लाल निशान पर कारोबार कर रहे हैं. सेंसेक्स 1 हजार से ज्यादा अंकों की गिरावट के साथ 58085.78 पर बंद हुआ वहीं, निफ्टी में भी 300 अंकों से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई. निफ्टी 17319 पर बंद हुआ.

Share Market Updates: अमेरिकी फेडरल रिजर्व के ब्याज दर में 0.75 फीसदी बढ़ोत्तरी और कमजोर वैश्विक संकेतों सीधा असर शेयर बाजार में दिखाई दिया. घरेलू शेयर बाजार आज औंधे मुंह गिर पड़ा. सेंसेक्स और निफ्टी लगातार लाल निशान में कारोबार करते रहे. वहीं सेंसेक्स 1 हजार से ज्यादा अंकों की गिरावट के साथ 58085.78 पर बंद हुआ वहीं, निफ्टी में भी 310 अंकों की गिरावट दर्ज की गई निफ्टी 17319 पर बंद हुआ. शेयर बाजार में इतनी बड़ी गिरावट से निवेशकों के चार लाख करोड़ रुपये डूब गये.

शेयर बाजार में जारी है गिरावट: गौरतलब है कि शेयर बाजार में लगातार गिरावट का दौर जारी है. बीते तीन दिनों से सेंसेक्स और निफ्टी लगातार लाल निशान पर कारोबार कर रहे हैं. बता दें, अमेरिकी फेडरल रिजर्व बैंक ने देश में महंगाई पर लगाम लगाने के लिए बैंक रेट में इजाफा किया इसका असर दुनिया भर के शेयर बाजार में दिखाई दे रहा है. भारतीय शेयर बाजार भी इससे प्रभावित हुआ है.

घरेलू बाजार के सभी सेक्टर पर असर: शेयर बाजार के कारोबारी हफ्ते के आखिरी दिन भारी गिरावट दर्ज की गई. बाजार के सारे सेक्टर पर बिकवाली हावी रहा. बैंक निफ्टी भी 1 हजार से ज्यादा अंक गिरकर बंद हुआ. इसके अलावा आईटी, ऑटो, मेटल्स, फार्मा समेत कई सेक्टर में भारी बिकवाली दिखी. आज निफ्टी 50 के सिर्फ 5 शेयर हरे निशान पर रहे. बाकी सभी लाल निशान पर कारोबार करते नजर आये.

चढ़ने वाले शेयर: कारोबारी सत्र के आखिरी हफ्ते में निफ्टी 50 के जिन शेयरों में उछाल दिखा उनमे डिविस लैब, सन फार्मा, टाटा स्टील, सिपला और आईटीसी के शेयर शामिल है. इनमें सबसे ज्यादा बढ़त डिविस लैब में दिखाई दी. जिसके शेयर में 62 अंकों की बढ़त है. सन फार्मा को छोड़कर और कोई शेयर दहाई का अंक भी नहीं पार कर पाया. सन फार्मा में 1.44 फीसदी की बढ़त दर्ज की गई.

गिरने वाले शेयर: शेयर बाजार के अधिकांश शेयर आज धड़ाम हो गये. सबसे ज्यादा गिरावट पावर ग्रिड के शेयर में दिखाई दी. पावर ग्रिड के शेयर में साढ़े 17 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई. इसके बाद अपोलो हॉस्पिटल, हिंडाल्को, अडानी पोर्ट्स, एसबीआई, महिंद्रा बजाज फाइनैंस समेत कई और शेयरों के भाव लुढ़क गये. 

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Author: Pritish Sahay

प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.

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