स्पिरिट एयरलाइंस हुई ठप, टिकटों की बढ़ती कीमतें अब बिगाड़ेंगी यात्रियों का बजट, जानें कैसे

Spirit Airlines Shut Down: बजट एयरलाइन स्पिरिट एयरलाइंस ने भारी घाटे के कारण अपना कामकाज समेट लिया है. इसके बंद होने से यात्रियों की जेब पर बोझ बढ़ेगा.

Spirit Airlines Shut Down: बजट में सफर करने वालों के लिए एक बुरी खबर है. मशहूर एयरलाइन ‘स्पिरिट एयरलाइंस’ (Spirit Airlines) ने अपना कामकाज पूरी तरह बंद कर दिया है. कंपनी को बचाने के लिए 50 करोड़ डॉलर की डील होनी थी, जो नाकाम रही. नतीजा यह हुआ कि एयरलाइन अब कंगाल होकर बंद हो गई है. इसका सीधा असर यात्रियों के जेब पर पड़ने वाला है क्योंकि हवाई टिकटों के दाम अचानक आसमान छूने लगे हैं.

टिकट इतने महंगे क्यों हो रहे हैं?

स्पिरिट एयरलाइंस अमेरिका में अल्ट्रा-लो-कॉस्ट यानी बेहद सस्ती उड़ानों के लिए जानी जाती थी. इसके बंद होने से बाजार में सस्ती सीटों की संख्या अचानक कम हो गई है. CBS News के मुताबिक, कई रूट्स पर टिकट किराए में करीब 23 फीसदी तक बढ़ोतरी दर्ज की गई है. इसका मतलब है कि रिटर्न टिकट पर यात्रियों को औसतन करीब 60 डॉलर ज्यादा खर्च करने पड़ रहे हैं. साथ ही, कुछ रूट्स पर यात्री संख्या में करीब 20 फीसदी गिरावट भी देखी गई है. जिन रूट्स पर स्पिरिट की मजबूत मौजूदगी थी, वहां असर ज्यादा साफ नजर आ रहा है. 

कंपनी बंद होने की असली वजह क्या है?

कंपनी के सीईओ डेव डेविस के मुताबिक, मार्च 2026 में कर्जदारों के साथ एक समझौता हुआ था जिससे उम्मीद जगी थी कि एयरलाइन फिर से पटरी पर लौट आएगी. लेकिन पिछले कुछ हफ्तों में फ्यूल की कीमतों में जो बेतहाशा बढ़ोतरी हुई, उसने कंपनी की कमर तोड़ दी. भारी खर्च और बढ़ते घाटे की वजह से एयरलाइन के पास ऑपरेशंस बंद करने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा. अब कंपनी धीरे-धीरे अपनी संपत्ति बेचकर कारोबार समेट रही है.

फंसे हुए यात्रियों के लिए क्या राहत है?

स्पिरिट एयरलाइंस ने अपनी सभी उड़ानें रद्द कर दी हैं. अगर आपने क्रेडिट या डेबिट कार्ड से टिकट बुक किया था, तो आपको चिंता करने की जरूरत नहीं है. रिफंड ऑटोमैटिक आपके उसी अकाउंट में वापस आ जाएगा. लेकिन अगर आपने किसी ट्रैवल एजेंट के जरिए बुकिंग की थी, तो आपको सीधे उनसे संपर्क करना होगा. वहीं, वाउचर या रिवॉर्ड पॉइंट्स के जरिए किए गए बुक किए गए टिकटों का फैसला कोर्ट की दिवालिया प्रक्रिया (Bankruptcy proceedings) के बाद ही होगा. 

बाकी एयरलाइंस का क्या रुख है?

मार्केट में आए इस खालीपन को भरने के लिए दूसरी कंपनियां आगे आई हैं. अमेरिकन एयरलाइंस ने उन रूट्स पर किराए की एक सीमा (Fare Cap) तय कर दी है जहां उनका सीधा मुकाबला स्पिरिट से था, ताकि यात्रियों को लूटा न जा सके. वहीं यूनाइटेड एयरलाइंस ने भी प्रभावित यात्रियों और कर्मचारियों की मदद का भरोसा दिया है. हालांकि, जानकारों का मानना है कि यात्रियों को अब पहले के मुकाबले ज्यादा पैसे खर्च करने ही पड़ेंगे. 

ये भी पढ़ें: FD कराने वालों की चांदी! जानें मई 2026 में कौन सा बैंक दे रहा सबसे ज्यादा ब्याज

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Soumya shahdeo

सौम्या शाहदेव प्रभात खबर डिजिटल में बिजनेस कंटेंट राइटर हैं. वह शेयर बाजार, पर्सनल फाइनेंस, टैक्स, सरकारी योजनाओं, बैंकिंग और रोजमर्रा की आर्थिक खबरों को सरल और सटीक भाषा में पाठकों तक पहुंचाती हैं. उनका फोकस ऐसी खबरें लिखने पर रहता है जो सीधे आम लोगों की जिंदगी और जेब पर असर डालती हैं.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >