Gold Price Forecast, Wedding Season, Sona Aur Hoga Sasta: सर्राफा बाजारों में एक बार फिर आज सोना-चांदी की कीमतों में गिरावट दर्ज की गयी है. शादी के सीजन में यह गिरावट आपके लिए राहत भरी होगी. लेकिन, इससे भी बड़ी खबर यह है कि अगले कुछ दिनों में 45 हजार रुपये से नीचे भी जा सकता है सोने का दाम. ऐसा इसलिए क्योंकि पिछले कुछ दिनों से लगातार सोने के रेट में गलगातार गिरावट दर्ज की जा रही है. निवेशकों को इस वर्ष मोटा रिटर्न देने के बाद अब सोना झटका देने की तैयारी में है. आइये जानते हैं विस्तार से सोने के रेट में गिरावट के कारण…
आपको बता दें कि कोरोना वैक्सीन तैयार होने की खबर के बाद से ही सोना के दाम लगातार गिरते नजर आ रहे हैं. शुक्रवार यानी बिते कल की बात करें तो की बात करें तो दिल्ली सर्राफा बाजार में 43 रुपये की मामूली गिरावट के साथ सोना 48,142 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ. जो पिछले कारोबारी सत्र में 48,185 रुपये प्रति 10 ग्राम के भाव पर बना हुआ था. इधर, चांदी भी 36 रुपये की हल्की गिरावट के साथ 59,250 रुपये प्रति किलोग्राम रही. जबकी, पिछले कारोबारी सत्र में यह 59,286 रुपये प्रति किलोग्राम था.
हालांकि, सोने के भाव में अंतरराष्ट्रीय बाजार में मामूली सी बढ़त देखने को मिली है. सोना 1,810 डॉलर प्रति औंस पर रहा वहीं, चांदी 23.29 डॉलर प्रति औंस पर बनी रही. आपको बता दें कि मंगलवार को सबसे अधिक 1,049 रुपये की गिरावट के साथ 48,569 रुपये प्रति 10 ग्राम पर दिल्ली सर्राफा बाजार बंद हुआ था.
इस कारण घट रहे सोने के दाम
एक रिपोर्ट के अनुसार एचडीएफसी सिक्योरिटीज के वरिष्ठ जिंस विश्लेषक तपन पटेल ने कहा था कि कोरोना वैक्सीन के खबर से लोगों की उम्मीदें बढ़ी है. इसके अलावा बाइडेन के अमेरिकी राष्ट्रपति का कार्यभार संभालना भी सोने-चांदी के कीमतों में गिरावट का कारण हो सकता है.
वैश्विक अर्थव्यवस्था लगातार सुधार
विशेषज्ञों की मानें तो भारत, अमेरिका समेत दुनियाभर में गाड़ी पटरी पर आ चुकी है. अर्थव्यवस्थाओं में काफी हद तक सुधार देखने को मिला है. यही कारण है कि अब अब निवेशक सोने की जगह शेयरों में अधिक निवेश कर रहे हैं. ऐसी मान्यता है कि आर्थिक तेजी की स्थिति में शेयरों से जुड़े निवेश ज्यादा लाभदायक हो सकते हैं.
अमेरिका में नए राष्ट्रपति से जगी उम्मीदें
अमेरिका के नए राष्ट्रपति बाइडन से भी सोने की चमक फीकी पड़ रही है. दरअसल, मार्केट को उम्मीद है कि ट्रंप के मुकाबले बाइडन से ज्यादा है. विशेषज्ञों की मानें तो वे नरमपंथी विचारधारा से विभिन्न देशों के साथ व्यापार बढ़ाएंगे और युद्ध की स्थिति थमेगी व कारोबारी गतिविधियों रफ्तार पकड़ेगी.
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वैक्सीन आने की खुशी से खुश हुआ बाजार
दुनियाभर में शोध अंतिम चरण में है. लोगों में वैक्सीन आने की उम्मीदें बढ़ गयी है. यही कारण है कि मार्केट में बिना कोरोना से निवेश हो रहा है. यही कारण है कि सोना के अलावा भी लोग अन्य निवेश में दिमाग लगा रहे हैं. एक रिपोर्ट में एजेंल ब्रोकिंग के डिप्टी वाइस प्रसिडेंट अनुज गुप्ता ने कहा है कि कोरोना के बढ़ते संकट से सोना 55 हजार पार कर गया था. लेकिन, वैक्सीन के उम्मीद से इसके 45 हजार रुपये प्रति 10 ग्राम से भी नीचे आने की उम्मीद है. जिससे इसकी मांग घट रही है.
Posted By: Sumit Kumar Verma
