Bijli Bill: बिजली का बिल आ रहा है ज्यादा, आज से ही शुरू कर दें ये काम

क्या आपका बिजली बिल उम्मीद से ज्यादा आ रहा है? यह सिर्फ यूनिट बढ़ने का नतीजा नहीं है. घर के इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का गलत इस्तेमाल बिजली की खपत बढ़ा सकता है. जानें कुछ आसान तरीके जिनसे आप अपने बिजली बिल को नियंत्रित कर सकते हैं.

क्या आपका बिजली बिल उम्मीद से ज्यादा आ रहा है? इसे केवल यूनिट बढ़ने का नतीजा न समझें. घर में इस्तेमाल होने वाले AC, फ्रिज, गीजर, वॉशिंग मशीन, पानी की मोटर और दूसरे इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का गलत इस्तेमाल भी बिजली की खपत बढ़ा सकता है. हालिया रिपोर्टों में भी इन उपकरणों के इस्तेमाल की आदतों को बिजली खर्च से जोड़कर बताया गया है.

AC का तापमान रखें सटीक

गर्मी में AC बिजली बिल बढ़ाने वाला सबसे बड़ा कारण बन सकता है. BEE के अनुसार AC का तापमान 24°C के आसपास रखना ऊर्जा बचाने में मदद करता है.ब्यूरो ऑफ एनर्जी एफिशिएंसी (BEE ) के मुताबिक तापमान में हर 1°C की बढ़ोतरी से करीब 6% बिजली की बचत हो सकती है.

पुराने उपकरणों पर दें ध्यान

नया फ्रिज, AC या अन्य उपकरण खरीदते समय BEE Star Rating जरूर देखें. ज्यादा स्टार रेटिंग वाला उपकरण आम तौर पर अधिक ऊर्जा दक्ष होता है. BEE का स्टार-लेबल कार्यक्रम उपभोक्ताओं को उपकरणों की ऊर्जा दक्षता और संभावित बचत की जानकारी देता है.

गीजर और मोटर को बेवजह न चलाएं

गीजर में पानी गर्म करने के लिए ज्यादा ऊर्जा लगती है. इसी तरह पानी की टंकी भर जाने के बाद मोटर चलती रह जाए तो बिजली की खपत बेवजह बढ़ती है. इसलिए दोनों उपकरणों को जरूरत के हिसाब से ही चलाएं.

स्टैंडबाय मोड से भी बचें

टीवी, सेट-टॉप बॉक्स, चार्जर और दूसरे इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को सिर्फ रिमोट से बंद करने के बजाय जरूरत न होने पर प्लग से स्विच ऑफ करना बेहतर है. कुछ उपकरण बंद होने के बावजूद स्टैंडबाय पावर लेते रह सकते हैं. LED बल्ब अपनाएं

पुराने बल्बों की जगह LED बल्ब लगाना भी बिजली की खपत कम करने का आसान तरीका है. साथ ही खाली कमरे की लाइट और पंखे बंद रखने की आदत डालें. BEE भी LED और ऊर्जा-कुशल उपकरणों के इस्तेमाल को बढ़ावा देता है.

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लेखक के बारे में

By सत्येन्द्र गिरि

सत्येन्द्र गिरि प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. यहां वे मुख्य रूप से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय विषयों से जुड़ी खबरों का लेखन करते हैं. सरल, तथ्यात्मक और पाठक-केंद्रित लेखन उनकी प्रमुख पहचान है. उन्होंने एशिया के प्रतिष्ठित माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU), भोपाल से मास्टर ऑफ आर्ट्स इन मास कम्युनिकेशन (बैच 2023–25) की डिग्री प्राप्त की है.

पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान उन्होंने समाचार लेखन, डिजिटल मीडिया, रिपोर्टिंग और समसामयिक विषयों की गहन समझ विकसित की. पत्रकारिता के क्षेत्र में उनके पास एक वर्ष का पेशेवर अनुभव है. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत अमर उजाला के गोरखपुर एडिशन से की, जहां समाचार लेखन और रिपोर्टिंग की बारीकियों को नजदीक से सीखने और समझने का अवसर मिला. इसके बाद उन्होंने डिजिटल पत्रकारिता में कदम रखते हुए प्रभात खबर डिजिटल से जुड़कर देश-विदेश की महत्वपूर्ण खबरों को पाठकों तक पहुंचाने का कार्य शुरू किया.

सत्येन्द्र की विशेष रुचि इतिहास, अंतरराष्ट्रीय संबंध, राजनीति, कूटनीति और समसामयिक घटनाक्रम से जुड़े विषयों में है. वे जटिल और गंभीर मुद्दों को भी सरल, संतुलित और विश्वसनीय तरीके से प्रस्तुत करने में विश्वास रखते हैं. राष्ट्रीय और वैश्विक घटनाओं पर उनकी गहरी नजर रहती है तथा वे तथ्यपरक और निष्पक्ष पत्रकारिता को अपनी कार्यशैली का आधार मानते हैं. वे मूल रूप से उत्तर प्रदेश के महराजगंज जिले के निवासी हैं.

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