Share Market: कमजोर ग्लोबल संकेतों में सेंसेक्स-निफ्टी फिसले, बाजार लाल निशान में खुला

Share Market: कमजोर ग्लोबल संकेतों, जियोपॉलिटिकल तनाव और बढ़ती बॉन्ड यील्ड के कारण भारतीय शेयर बाजार दबाव में है. विदेशी निवेशकों की सतर्कता और घरेलू स्तर पर किसी मजबूत संकेत की कमी से सेंसेक्स और निफ्टी में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है.

Share Market: बुधवार को घरेलू शेयर बाजार ने भी अपनी कमजोरी बरकरार रखी. ग्लोबल बाजारों से कमजोर संकेत मिलने और निवेशकों के सतर्क रुख के चलते बाजार लाल निशान में खुला. निफ्टी 50 करीब 92 अंक टूटकर 25,141 पर खुला, जबकि सेंसेक्स लगभग 386 अंक गिरकर 81,794 के स्तर पर आ गया.

ग्लोबल दबाव और बढ़ता डर

बाजार जानकारों के मुताबिक भारतीय बाजार इस समय पूरी तरह से ग्लोबल ट्रेंड को फॉलो कर रहा है. जियोपॉलिटिकल तनाव, बॉन्ड यील्ड में तेजी और अमेरिका की ट्रेड पॉलिसी को लेकर बनी अनिश्चितता ने निवेशकों में डर बढ़ा दिया है. बैंकिंग और मार्केट एक्सपर्ट अजय बग्गा का कहना है कि फिलहाल बाजार में कोई मजबूत घरेलू वजह नहीं दिख रही, इसलिए उतार-चढ़ाव बना रह सकता है. हालांकि भारत-यूरोप फ्री ट्रेड एग्रीमेंट से आगे चलकर सेंटिमेंट को सहारा मिल सकता है.

बॉन्ड यील्ड और अमेरिकी फैक्टर

अमेरिकी बाजारों में मंगलवार को तेज गिरावट देखने को मिली, जिसका असर एशियाई बाजारों पर भी पड़ा. वहीं जापान के बॉन्ड मार्केट में तनाव बढ़ने के संकेत मिले हैं. जापानी सरकारी बॉन्ड की यील्ड रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है, जिससे ग्लोबल निवेशक और ज्यादा सतर्क हो गए हैं. अमेरिका में बॉन्ड यील्ड बढ़ने और टैरिफ को हथियार की तरह इस्तेमाल किए जाने से विदेशी निवेशक घबराए हुए हैं.

मिड और स्मॉल कैप में भी कमजोरी

कमजोरी सिर्फ बड़े शेयरों तक सीमित नहीं रही. निफ्टी 100, निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100—तीनों इंडेक्स में हल्की गिरावट दर्ज की गई. इससे साफ है कि बाजार में चौतरफा दबाव बना हुआ है. सेक्टोरल फ्रंट पर भी हालात खास अच्छे नहीं रहे. ऑटो, एफएमसीजी, आईटी और पीएसयू बैंक शेयरों में गिरावट दिखी. हालांकि फार्मा और मीडिया सेक्टर में हल्की मजबूती देखने को मिली, जिससे बाजार को थोड़ा सहारा मिला.

नतीजों पर रहेगी बाजार की नजर

आज कई बड़ी कंपनियां अपने तीसरी तिमाही के नतीजे जारी करने वाली हैं, जिनमें डॉ रेड्डीज, हिंदुस्तान पेट्रोलियम, बैंक ऑफ इंडिया, टाटा कम्युनिकेशंस, डालमिया भारत और पीएनबी हाउसिंग फाइनेंस जैसी कंपनियां शामिल हैं. इन नतीजों से बाजार की आगे की दिशा तय हो सकती है. अन्य एशियाई बाजारों में भी कमजोरी देखने को मिली. जापान का निक्केई, सिंगापुर का स्ट्रेट्स टाइम्स और हांगकांग का हैंगसेंग इंडेक्स गिरावट में कारोबार कर रहे थे. इसका सीधा असर भारतीय बाजार के सेंटिमेंट पर भी पड़ा.

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By Abhishek Pandey

अभिषेक पाण्डेय पिछले 2 वर्षों से प्रभात खबर (Prabhat Khabar) में डिजिटल जर्नलिस्ट के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने पत्रकारिता के प्रतिष्ठित संस्थान 'दादा माखनलाल की बगिया' यानी माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल (MCU) से मीडिया की बारीकियां सीखीं और अपनी शैक्षणिक योग्यता पूरी की है। अभिषेक को वित्तीय जगत (Financial Sector) और बाजार की गहरी समझ है। वे नियमित रूप से स्टॉक मार्केट (Stock Market), पर्सनल फाइनेंस, बजट और बैंकिंग जैसे जटिल विषयों पर गहन शोध के साथ विश्लेषणात्मक लेख लिखते हैं। इसके अतिरिक्त, इंडस्ट्री न्यूज, MSME सेक्टर, एग्रीकल्चर (कृषि) और केंद्र व राज्य सरकार की सरकारी योजनाओं (Sarkari Yojana) का प्रभावी विश्लेषण उनके लेखन के मुख्य क्षेत्र हैं। आम जनमानस से जुड़ी यूटिलिटी (Utility) खबरों और प्रेरणादायक सक्सेस स्टोरीज को पाठकों तक पहुँचाने में उनकी विशेष रुचि है। तथ्यों की सटीकता और सरल भाषा अभिषेक के लेखन की पहचान है, जिसका उद्देश्य पाठकों को हर महत्वपूर्ण बदलाव के प्रति जागरूक और सशक्त बनाना है।

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