SCSS Interest Rate: रिटायरमेंट के बाद सेफ इनवेस्टमेंट और नियमित कमाई की तलाश कर रहे बुजुर्गों के लिए एक अच्छी खबर आई है. सरकार ने साल 2026 की पहली तिमाही (अप्रैल से जून) के लिए ‘स्मॉल सेविंग्स स्कीम्स’ की ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं करने का फैसला किया है. इसका मतलब है कि सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम (SCSS) पर आपको पहले की तरह ही शानदार रिटर्न मिलता रहेगा. वित्त मंत्रालय की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, 1 अप्रैल 2026 से 30 जून 2026 तक ब्याज दरें वही रहेंगी जो पिछली तिमाही (जनवरी-मार्च 2026) में थीं.
कितना मिलेगा ब्याज और क्या है नया अपडेट?
NDTV Profit की रिपोर्ट के अनुसार, सरकार ने इस बार SCSS के लिए ब्याज दर 8.2 प्रतिशत पर स्थिर रखी है. बाजार में उतार-चढ़ाव के बावजूद, बुजुर्गों को उनके इनवेस्टमेंट पर मिलने वाला यह रिटर्न काफी आकर्षक है. यह स्कीम खास तौर पर उन लोगों के लिए है जो अपनी जमा पूंजी पर बिना किसी रिस्क के फिक्स्ड इनकम चाहते हैं. चूंकि यह सरकारी स्कीम है, इसलिए इसमें पैसे डूबने का कोई डर नहीं रहता.
कितना पैसा जमा कर सकते हैं आप?
इस स्कीम में इन्वेस्टमेंट की शर्तें बहुत आसान हैं. आप मात्र 1,000 रुपये से अपना खाता खुलवा सकते हैं. अगर अधिकतम सीमा की बात करें, तो एक व्यक्ति अपने सभी SCSS खातों को मिलाकर कुल 30 लाख रुपये तक इन्वेस्ट कर सकता है. पति-पत्नी चाहें तो अलग-अलग व्यक्तिगत खाते या एक जॉइंट अकाउंट भी खोल सकते हैं, बशर्ते दोनों इस स्कीम की पात्रता (Eligibility) को पूरा करते हों.
ध्यान रहे, अगर गलती से भी आप तय सीमा (30 लाख) से ज्यादा पैसा जमा कर देते हैं, तो फालतू रकम आपको वापस कर दी जाएगी. उस अतिरिक्त राशि पर आपको सिर्फ पोस्ट ऑफिस सेविंग्स अकाउंट वाला सामान्य ब्याज ही मिलेगा.
कौन खुलवा सकता है यह खाता?
इस स्कीम का लाभ लेने के लिए कुछ शर्तें तय की गई हैं:
- 60 वर्ष या उससे अधिक आयु के नागरिक इसमें इन्वेस्ट कर सकते हैं.
- 55 से 60 वर्ष के बीच के वे रिटायर्ड कर्मचारी, जिन्होंने रिटायरमेंट बेनिफिट मिलने के एक महीने के भीतर इन्वेस्ट किया हो.
- 50 से 60 वर्ष की आयु के डिफेंस से रिटायर्ड कर्मचारी भी इसी शर्त के साथ खाता खोल सकते हैं.
मैच्योरिटी और क्लोजर के नियम क्या हैं?
यह स्कीम 5 साल के लिए होती है. हालांकि, 5 साल पूरे होने के बाद आप इसे 3-3 साल के ब्लॉक में आगे भी बढ़ा सकते हैं. अगर दुर्भाग्यवश खाताधारक की मृत्यु हो जाती है, तो मृत्यु की तारीख के अगले दिन से खाता बंद होने तक उस राशि पर पोस्ट ऑफिस सेविंग्स अकाउंट की दर से ब्याज दिया जाता है. यह योजना आज भी रिटायर्ड लोगों के लिए सबसे भरोसेमंद और ज्यादा मुनाफा देने वाले विकल्पों में से एक बनी हुई है.
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