SBI को मिली संकटग्रस्त Yes Bank में 7,250 करोड़ रुपये लगाने की मंजूरी

संकटग्रस्त Yes Bank को संभालने के लिए देश के सबसे बड़े बैंक SBI ने बीते दिनों उसकी 49 फीसदी हिस्सेदारी खरीदने का ऐलान किया था. गुरुवार को एसबीआई ने बंबई स्टॉक एक्सचेंज यानी BSE को जानकारी दी है कि उसके केंद्रीय बोर्ड की कार्यकारी समिति ने बीते 10 मार्च को यस बैंक में 7,250 करोड़ रुपये लगाने की मंजूरी दे दी है.

मुंबई : भारतीय स्टेट बैंक (SBI) को संकटग्रस्त यस बैंक (Yes Bank) में 7,250 करोड़ रुपये लगाने की मंजूरी मिल गयी है. देश के सबसे बड़े बैंक एसबीआई ने गुरुवार को इसकी जानकारी दी. एसबीआई ने बीएसई (BSE) को बताया कि केंद्रीय बोर्ड की कार्यकारी समिति की 11 मार्च को हुई बैठक में 10 रुपये प्रति शेयर की दर से यस बैंक के 725 करोड़ शेयर खरीदने को मंजूरी दी गयी. अभी इस सौदे को नियामकीय मंजूरियां मिलनी की हैं.

इस सौदे के बाद यस बैंक में एसबीआई की हिस्सेदारी उसकी कुल भुगतान पूंजी के 49 फीसदी से ऊपर नहीं जाएगी. रिजर्व बैंक ने यस बैंक की पुनर्संरचना को लेकर पिछले सप्ताह एक योजना के मसौदे की घोषणा की थी. मसौदे में कहा गया था कि रणनीतिक निवेशक को यस बैंक की 49 फीसदी हिस्सेदारी खरीदनी होगी.

इसके साथ ही, शर्त यह भी है कि रणनीतिक निवेशक सौदे के तीन साल बाद तक अपनी हिस्सेदारी 26 फीसदी से कम नहीं कर सकते हैं. रिजर्व बैंक ने यस बैंक का नियंत्रण अपने हाथों में लेने के एक दिन बाद इस योजना की घोषणा की थी. भारतीय स्टेट बैंक (SBI) को संकटग्रस्त यस बैंक (Yes Bank) में 7,250 करोड़ रुपये लगाने की मंजूरी मिल गयी है. देश के सबसे बड़े बैंक एसबीआई ने गुरुवार को इसकी जानकारी दी. एसबीआई ने बीएसई (BSE) को बताया कि केंद्रीय बोर्ड की कार्यकारी समिति की 11 मार्च को हुई बैठक में 10 रुपये प्रति शेयर की दर से यस बैंक के 725 करोड़ शेयर खरीदने को मंजूरी दी गयी. अभी इस सौदे को नियामकीय मंजूरियां मिलनी की हैं.

इस सौदे के बाद यस बैंक में एसबीआई की हिस्सेदारी उसकी कुल भुगतान पूंजी के 49 फीसदी से ऊपर नहीं जाएगी. रिजर्व बैंक ने यस बैंक की पुनर्संरचना को लेकर पिछले सप्ताह एक योजना के मसौदे की घोषणा की थी. मसौदे में कहा गया था कि रणनीतिक निवेशक को यस बैंक की 49 फीसदी हिस्सेदारी खरीदनी होगी.

इसके साथ ही, शर्त यह भी है कि रणनीतिक निवेशक सौदे के तीन साल बाद तक अपनी हिस्सेदारी 26 फीसदी से कम नहीं कर सकते हैं. रिजर्व बैंक ने यस बैंक का नियंत्रण अपने हाथों में लेने के एक दिन बाद इस योजना की घोषणा की थी.

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By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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