Rupee vs Dollar: हफ्ते का आखिरी कारोबारी दिन भारतीय बाजार के लिए “ब्लैक फ्राइडे” साबित हो रहा है. ईरान में चल रहे संघर्ष और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने भारतीय शेयर बाजार और रुपये दोनों की कमर तोड़ दी है. शुक्रवार सुबह बाजार खुलते ही निवेशकों को तगड़ा झटका लगा.
रुपया पहली बार ₹94 के पार
डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया आज अपने सबसे खराब दौर में पहुंच गया. शुक्रवार को रुपया 94.16 के स्तर पर खुला. दरअसल, ईरान युद्ध की वजह से कच्चे तेल (Crude Oil) की सप्लाई रुकने का डर है. भारत अपनी जरूरत का 80% तेल बाहर से खरीदता है, जिसके लिए हमें डॉलर में पेमेंट करना पड़ता है. तेल महंगा होने से डॉलर की मांग बढ़ी और रुपया कमजोर हो गया.
सेंसेक्स 1000 पॉइंट से ज्यादा टूटा
बाजार खुलते ही सेंसेक्स में कोहराम मच गया. सुबह 10:15 बजे तक सेंसेक्स 1000 अंक से ज्यादा नीचे गिर गया. महज कुछ मिनटों के भीतर निवेशकों के 7 लाख करोड़ रुपये स्वाहा हो गए. विदेशी निवेशकों को डर है कि युद्ध लंबा खिंचा तो भारत की अर्थव्यवस्था पर बुरा असर पड़ेगा, इसलिए वे भारतीय बाजार से अपना पैसा निकाल रहे हैं.
‘महंगा तेल’ और ‘कमजोर रुपया’ का डबल अटैक
जब तेल महंगा होता है, तो भारत का ‘इंपोर्ट बिल’ बढ़ जाता है. इससे देश में महंगाई बढ़ने का खतरा पैदा हो जाता है. इसी डर से निवेशक घबराए हुए हैं और सुरक्षित निवेश के लिए डॉलर की ओर भाग रहे हैं. शेयर बाजार की गिरावट और रुपये की कमजोरी अब एक-दूसरे को और ज्यादा नीचे खींच रहे हैं.
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