88 हजार करोड़ रुपये की कीमत के 500 के नोट गायब? जानें क्या है सच

आरबीआई ने 500 रुपये के नोट गायब होने के दावे का खंडन किया. एक ट्वीट में आरबीआई ने लिखा, इस बात की जानकारी मिली है कि कई मीडिया रिपोर्ट्स में जो 500 रुपये के नोट सिस्टम से गायब होने की खबर चल रही है. ये रिपोर्ट सही नहीं हैं.पूरी तरह से गलत है.

2000 रुपये के नोट वापस लिये जाने के बाद से सोशल मीडिया में रोजाना कई खबरें नोट बंदी को लेकर आ रही हैं. जिसमें दावा किया जा रहा है कि अब 500 रुपये के नोट को भी आरबीआई की ओर से वापस लिया जाएगा. सोशल मीडिया में एक और दावा किया जा रहा है कि नये डिजाइन के 500 रुपये के नोट गायब हुए हैं. इस दावे को लेकर आरबीआई का बयान सामने आया है. तो आइये इसकी सच्चाई जानें.

आरबीआई ने 500 रुपये के नोट गायब होने वाले दावे का किया खंडन

आरबीआई ने 500 रुपये के नोट गायब होने के दावे का खंडन किया. एक ट्वीट में आरबीआई ने लिखा, इस बात की जानकारी मिली है कि कई मीडिया रिपोर्ट्स में जो 500 रुपये के नोट सिस्टम से गायब होने की खबर चल रही है. ये रिपोर्ट सही नहीं हैं.पूरी तरह से गलत है. ये रिपोर्ट सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 के तहत प्रिंटिंग प्रेसों से एकत्र की गई जानकारी की गलत व्याख्या पर आधारित हैं. आरबीआई ने अपने बयान में कहा, यह ध्यान दिया जा सकता है कि प्रिंटिंग प्रेसों से आरबीआई को आपूर्ति किए गए सभी बैंक नोटों का लेखा-जोखा ठीक से रखा जाता है. यह भी सूचित किया जाता है कि प्रेसों में मुद्रित और भारतीय रिजर्व बैंक को आपूर्ति किए गए बैंकनोटों के मिलान के लिए मजबूत प्रणालियां मौजूद हैं जिनमें बैंकनोटों के छपाई, भंडारण और वितरण की निगरानी के लिए प्रोटोकॉल शामिल हैं. आरबीआई ने ऐसे गुमराह करने वाले किसी भी खबर पर भरोसा नहीं करने की सलाह दी है. बयान में कहा गया, ऐसे मामलों में समय-समय पर आरबीआई द्वारा प्रकाशित सूचना पर भरोसा करें.

क्या किया जा रहा है दावा

मीडिया में खबर आयी थी कि आरटीआई एक्टिविस्ट मनोरंजन रॉय ने बातचीत में दावा किया था कि नये डिजाइन के 500 रुपये के लाखों नोट गायब हैं. जिसकी वैल्यू उन्होंने करीब 88 हजार करोड़ रुपये से अधिक बताया था. उन्होंने दावा किया था कि देश के तीन प्रिंटिंग प्रेस ने नए डिजाइन वाले 500 रुपये के 8810.65 मिलियन नोट छापे, लेकिन रिजर्व बैंक को इनमें से 7260 मिलियन नोट ही मिले.

Also Read: 2000 के नोट के बाद क्या 500 के नोट भी वापस लेकर 1000 के नोट दोबारा लायेगा RBI? जानें क्या कहा शक्तिकांत दास ने

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >